डॉ. राम सुभग सिंह एक महान नेता

रामसुभग सिंह की पूण्य तिथि आज

मिसौरी स्कूल ऑफ जर्नलिज्म से पत्रकारिता में डिग्री




महात्मा गांधी के साथ भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया

लोकसभा में विपक्ष के पहले नेता राम सुभग सिंह का जन्म बिहार के आरा में हुआ था. स्वतंत्रता सेनानी ने 1952 में पहली लोकसभा से शुरुआत करते हुए चार बार सांसद के रूप में कार्य किया. वे रेल मंत्री के रूप में भी काम किया. उन्होंने सासाराम, बिक्रमगंज और बक्सर का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने एक सांसद के रूप में कई विभागों का कार्यभार संभाला. राम सुभग सिंह का जन्म जुलाई 1917 में भारत में बिहार राज्य के आरा जिले में हुआ था. उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा गवर्नमेंट टाउन स्कूल, आरा बिहार में और माध्यमिक शिक्षा काशी विद्यापीठ, वाराणसी, उत्तर प्रदेश में प्राप्त की. राम सुभग सिंह अपनी पीएचडी पूरी करने के लिए कोलम्बिया के मिसौरी विश्वविद्यालय गए. मिसौरी स्कूल ऑफ जर्नलिज्म से पत्रकारिता में डिग्री पूरी की लेकिन बाद में वे राजनीति में चले गए.

स्व .डॉ रामसुभग सिंह

उन्होंने 1942 में महात्मा गांधी के साथ भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया. वह जवाहर लाल नेहरू के करीबी सहयोगी थे और उन्होंने 1952 में बिहार राज्य के सासाराम निर्वाचन क्षेत्र से संसदीय चुनाव लड़ा और प्रथम लोकसभा में संसद सदस्य के रूप में चुने गए. 1957 में वे फिर से उसी निर्वाचन क्षेत्र से संसद के लिए चुने गए. 1962 में उन्होंने बिहार के बिक्रमगंज निर्वाचन क्षेत्र की संसदीय सीट जीती. 1967 में उन्होंने बक्सर निर्वाचन क्षेत्र के लिए आम चुनाव लड़ा और चौथी बार संसद के लिए चुने गए.16 दिसम्बर 1980 को उनका निधन हो गया था. उनकी पुण्यतिथि पर आज कई संगठनों ने उन्हें श्रधांजलि अर्पित की. रामसुभग बाबू के कृतित्व व व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए लोगों ने कहा कि वे एक समर्पित व कुशल राजनेता थे. केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी ओर से कराये गये विकास कार्य उनकी आम जनता के कल्याण के प्रति समर्पण के परिचायक हैं. बतौर रेलमंत्री उन्होंने कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। मौजूद लोगों ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया.