वीटीआर में टूरिज्म सीजन की शुरुआत
वाल्मीकि नगर।। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में पर्यटन सत्र 2026-27 का शुभारंभ 17.10.2026 (शनिवार) को किया गया. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) अरविंदर सिंह ने फीता काटकर जंगल सफारी का उद्घाटन किया. इस अवसर पर सैलानियों के पहले जत्थे को जंगल सफारी के लिए रवाना किया गया.

इस अवसर पर अरविंदर सिंह ने कहा कि बिहार सरकार राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से इस दिशा में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. वर्तमान में राजगीर और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटन सुविधाओं का विकास प्रमुखता से किया गया है. इसके साथ ही राज्य के अन्य संभावित पर्यटन स्थलों पर भी इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कार्य किए जा रहे हैं.

प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. पहले यहां प्रतिवर्ष लगभग ढाई से तीन लाख पर्यटक आते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर करीब छह लाख तक पहुंच गई है. विभाग का प्रयास है कि बेहतर सुविधाओं और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के माध्यम से पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि की जाए.

उन्होंने कहा कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए वीटीआर में पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे का लगातार विकास किया जा रहा है. यहां इको-कॉटेज और कन्वेंशन सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं. कन्वेंशन सेंटर में उच्चस्तरीय आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके अतिरिक्त, पर्यटकों के ठहरने की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर रिसॉर्ट विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है. जंगल सफारी को अधिक सुविधाजनक और यादगार बनाने के लिए नई गाड़ियों की व्यवस्था की गई है. साथ ही, पर्यटकों को जंगल, वन्यजीवों और जैव विविधता के बारे में विस्तृत जानकारी देने के उद्देश्य से गाइडों की नियुक्ति भी की गई है. इससे पर्यटक जंगल और वन्यजीवों को करीब से समझ सकेंगे तथा संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे.

अरविंदर सिंह ने बताया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटन के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए हेली-टूरिज्म के तहत हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू की गई है. इन पहलों का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिहार को इको-टूरिज्म के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है.
पर्यटन सत्र के शुभारंभ के अवसर पर वन संरक्षक-सह-क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा, डीएफओ-सह-उप निदेशक, प्रमंडल-2 विकास अहलावत, डीएफओ-सह-उप निदेशक, प्रमंडल-1 शिखर प्रधान सहित सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्र पदाधिकारी एवं विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
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