पारिवारिक पार्टियां देश को बर्बाद कर रही है -पीएम मोदी

खुद लोकतांत्रिक कैरेक्टर खोने वाले दल लोकतंत्र की रक्षा कैसे करेंगे

अच्छा होता अगर देश के आजाद होने के बाद कर्तव्य पर बल दिया गया होता




नई दिल्ली : आज 71वें संविधान दिवस पर संसद के सेंट्रल हॉल में एक समारोह को सम्बोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भारत एक ऐसे संकट की तरफ़ बढ़ रहा है, जो संविधान को समर्पित लोगों के लिए चिंता का विषय है, लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है और वह है पारिवारिक पार्टियांआज का दिवस इस सदन को प्रणाम करने का है। इसी पवित्र जगह पर महीनों तक भारत के एक्टिविस्टों ने देश के उज्जवल भविष्य के लिए व्यवस्थाओं को निर्धारित करने के लिए मंथन किया था और संविधान रुपी अमृत हमें प्राप्त हुआ.
कार्यक्रम को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर हमला किया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसे संकट की ओर बढ़ रहा है, जो संविधान को समर्पित लोगों के लिए चिंता का विषय है, लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है और वो है पारिवारिक पार्टियां.

प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी : साभार संसद टीवी


पीएम मोदी ने आगे कहा, योग्यता के आधार पर एक परिवार से एक से अधिक लोग जाएं, इससे पार्टी परिवारवादी नहीं बन जाती है. लेकिन एक पार्टी पीढ़ी दर पीढ़ी राजनीति में है. संविधान की भावना को भी चोट पहुंची है, संविधान की एक-एक धारा को भी चोट पहुंची है, जब राजनीतिक दल अपने आप में अपना लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो देते हैं. जो दल स्वयं लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो चुके हों, वो लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं.
संविधान दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, इस संविधान दिवस को इसलिए भी मनाना चाहिए, क्योंकि हमारा जो रास्ता है, वह सही है या नहीं है, इसका मूल्यांकन करने के लिए मनाना चाहिए. महात्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन में आधिकारों को लिए लड़ते हुए भी, कर्तव्यों के लिए तैयार करने की कोशिश की थी. अच्छा होता अगर देश के आजाद होने के बाद कर्तव्य पर बल दिया गया होता.