फ़ाइज़र की एंटीवायरल कोविड-19 कैप्सूल को यूएस के एफडीए की मंज़ूरी मिली

फ़ाइज़र की एंटीवायरल कोविड-19 गोली को यूएस के एफडीए की मंज़ूरी मिली

यह गोली अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को 89 प्रतिशत तक कम कर देती है




कोविड-19 एंटीवायरल गोली ने मृत्यु के जोखिम को कम किया

यूएस के हेल्थ रेगुलेटरों ने फ़ाइज़र की प्रायोगिक एंटीवायरल कोविड-19 गोली, पैक्सलोवीड, के उपयोग को मंज़ूरी दे दी है. यह अमेरिका में कोविड-19 के लिए अधिकृत होने वाली पहली घरेलू मौखिक दवा है. इस गोली को 12 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए अधिकृत किया गया है, ख़ास कर जिन्हें गंभीर बीमारी होने का खतरा है.

कंपनी के अनुसार, यह मौखिक एंटीवायरल कोविड-19 उपचार, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को 89 प्रतिशत तक कम कर देता है.नवंबर में, यूके, कोविड-19 के लिए मौखिक एंटीवायरल उपचार के उपयोग को मंज़ूरी देने वाला दुनिया का पहला देश बना. संयोग से, जिस दवा को मंज़ूरी मिली, मोलनुपिरावीर, वह संयुक्त रूप से, यूएस-आधारित कंपनियों, मर्क और रिजबैक बायोथेरेप्यूटिक्स द्वारा विकसित की गई है. मर्क की अपनी कोविड-19 गोली की भी यूएस एफडीए द्वारा समीक्षा की जा रही है.फ़ाइज़र एंटीवायरल दवा मौखिक गोलियों के रूप में आती हैं, जो मौजूदा इंट्रावेनस उपचारों की तुलना में अधिक सुलभ होती हैं.

फ़ाइज़र के अनुसार, यह एक ‘इंवेस्टिगेशनल एसएआरएस-सीओवी-2 प्रोटीज इनहिबिटर एंटीवायरल थेरेपी’ है. मर्क मौखिक उपचार की तरह ही, यह दवा एक एन्ज़ाइम की रिहाई को रोकता है, जिसकी आवश्यकता कोविड वायरस को रेप्लिकेट करने के लिए होती है. गोली उन लोगों को दी जानी चाहिए, जिनका टेस्ट पॉज़िटिव आया हो, जिन्हें सिम्पटोमेटिक बीमारी हो या जो वायरस के संपर्क में आए हों ताकि बीमारी की गंभीरता को बढ़ने से रोका जा सके. क्योंकि गोली टिकाऊ है और बड़े पैमाने पर उत्पादन, परिवहन और स्टोर करने में आसान है, इसे भारत जैसी घनी आबादी वाले देशों में कोविड-19 के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

मार्च में, फ़ाइज़र ने घोषणा की थी कि वे एक मौखिक एंटीवायरल दवा का परीक्षण कर रहे थे. उस समय यह दवा क्लीनिकल ट्रायलज़ के पहले चरण में थी. प्रीक्लिनिकल परीक्षणों ने दर्शाया था कि दवा एसएआरएस-सीओवी-2 को रोकने में सक्षम है.

स्टडी में कुल 1881 प्रतिभागियों को शामिल किया गया, जिनमें से 19 प्रतिशत को एंटीवायरल उपचार दिया गया, और 21 प्रतिशत को प्लेसबो दिया गया. स्टडी में पाया गया कि एंटीवायरल गोली ने रोगियों में अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को 89 प्रतिशत तक कम कर दिया.उपचार में भाग लेने वालों में से 1 प्रतिशत से भी कम प्रतिभागियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ी, और किसी भी मौत की सूचना नहीं मिली. फ़ाइज़र ने घोषणा की थी कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह गोली इस साल के अंत तक बाज़ार में उपलब्ध हो सकती है.

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