पटना एम्स में कई डॉक्टरों ने लिया टीका

एम्स निदेशक सहित कई डॉक्टरों ने लगवाया टीका

फुलवारी शरीफ ।। पटना एम्स निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह सहित कई चिकित्सको ने पहले दिन कोरोना टिका का पहला डोज लिया. जानकारी देते हुए एम्स मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ सीएम सिंह ने बताया कि एम्स निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह , डॉ सुदीप , डॉक्टर क्रांति भावना ने भी कोरोना वैक्सीन लिया है. इस मौके पर डीन उमेश भदानी,उप निदेशक परिमल सिन्हा ,कोरोना वैक्सीन टीकाकरण नोडल पदाधिकारी डॉ संजय पांडेय सहित अन्य उपस्थित थे.




हॉस्पिटल अटेंडेंट अभिषेक कुमार को लगा एम्स में कोरोना का पहला टिका दूसरे सर्जरी विभाग के डॉ अभिषेक कुमार ने ली कोविड 19 वैक्सीन की पहली खुराक

एम्स निदेशक ने कोरोना वैक्सीन टीकाकरण का किया शुभारंभ

Aiims Director

50 से अधिक हेल्थ वर्करों को लगाया गया कोरोना वैक्सीन

पटना एम्स में शनिवार को चिर प्रतिक्षित कोरोना टीकाकरण का शुभारंभ हो गया. इसका विधिवत उद्घाटन के निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने किया. एम्स में फ्रंट लाइन पर कोविड-19 की लड़ाई में आगे रहे हेल्थ वर्करों में सबसे पहला टीका हॉस्पिटल अटेंडेंट सफाई कर्मी अभिषेक कुमार को लगाया गया वहीं दूसरा टिका सर्जरी विभाग के डॉक्टर अभिषेक कुमार को दिया गया.

इस मौके पर निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि आज कोरोना की जंग जीतने जैसा अनुभव हो रहा है. पटना एम्स में कोविड 19 से मानव जगत की लड़ाई में सबसे आगे बढ़ चढ़कर हम लोगों ने मरीजों की सेवा की है. हर मुश्किल घड़ी में एम्स पटना में सबसे बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराकर लोगों का इलाज किया जाता रहेगा. उन्होंने कोविड-19 की जंग में साथ खड़े रहे सभी डॉक्टरों टेक्नीशियन, हॉस्पिटल अटेंडेंट नर्सेस सहित एम्स की पूरी टीम का आभार जताया. निदेशक ने कहा कि सुरक्षा और प्रभाव के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद ही नियामक निकायों ने वैक्सीन लगाने की मंजूरी दी है.

एम्स कोरोना नोडल ऑफिसर डॉ संजीव कुमार सिंह ने कहा कि एम्स में पहले दिन एक सौ हेल्थ वर्करों को कोविड 19 का टीकाकरण करना था जिसमे देर शाम पांच बजे तक पचास से अधिक लोगो को वैक्सीन की पहली खुराक दी जाती रही. किसी भी वैक्सीन लेने वाले को किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नही हुआ है. सभी वैक्सीन लेने वालों को पूरी प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ा और वैक्सीन लेने के बाद उन्हें आधा घंटा अलग कमरे में रखकर उनके स्वास्थ्य की निगरानी की गई. डॉ संजीव ने बताया कि कोरोना टीकाकरण स्वैच्छिक है. इसके लिए किसी को मजबूर नहीं किया जाएगा. हालांकि, स्वयं की सुरक्षा और संक्रमण की रोकथाम को कोरोना वैक्सीन की पूरी खुराक लेना आवश्यक है. जो पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं उनमें एंटीबॉडी विकसित होती है लेकिन तीन माह में वह खत्म होने लगती है. ऐसे में वैक्सीन की दोनों खुराक लेने से मजबूत रोग प्रतिरोधक तंत्र विकसित करने में सहायक होगी. कोरोना की पहली खुराक के 28 दिन बाद दूसरी डोज लेनी होगी.

एम्स में सफाई कर्मी अभिषेक कुमार ने कोविड वैक्सीन लेने के बाद बताया कि उसे बहुत ही अच्छा लग रहा है कि उसे अपने संस्थान में सबसे पहले टीकाकरण कराने का श्रेय मिला है. यह एम्स जैसा बड़ा अस्प्ताल में एक सफाई कर्मी के लिए गर्व की बात है. अभिषेक ने कहा कि कोरोना टिका लगवाने पर उसे जरा भी परेशानी नहीं हुई. सभी लोगो को कोरोना टिका लगवाना चाहिए.

वहीं एम्स में कोविड 19 का दूसरा टिका लगवाने वाले सर्जरी विभाग के डॉ अभिषेक कुमार ने उत्साहित होकर कहा कि कोरोना वैक्सीन अन्य रोगों के टीके की ही भांति सुरक्षित है. कुछ व्यक्तियों में हल्का बुखार, दर्द, सूजन आदि की शिकायत हो सकती है।हालांकि दुष्प्रभावों से निपटने की व्यापक तैयारी की गई है इसलिए कोरोना वैक्सीन लेने से जरा भी नही घबराएं. उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह सुरक्षित होने के साथ कोरोना से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित करती है.

अजीत