नाव हादसे के लिए नीतीश-लालू जिम्मेवार- पप्पू यादव

बिहार की फिक्र नहीं, अख़बारों में विज्ञापन छप रहे थे. लोगों को आने को आमंत्रित किया जा रहा था. पर्याप्त व्यवस्था की बात कही जा रही थी

जन अधिकार पार्टी (लो.) के राष्ट्रीय संरक्षक व मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव ने पटना के नाव हादसे के लिए नीतीश कुमार-लालू प्रसाद को सीधे तौर पर जिम्मेवार माना है उन्होंने कहा कि चूड़ा-दही खाने में व्यस्त रहे दोनों भाइयों को बिहार की फ़िक्र कहाँ है.  हादसे के बाद भी हद की हालत यह है कि जो अधिकारी जिम्मेवार हैं,उन्हें ही जांच कमेटी में शामिल किया गया है. ऐसे में,साफ़ तौर पर जांच की खानापूर्ति ही शुरु हुई है.




पप्पू यादव ने कहा कि गंगा के दियारे का आयोजन सरकारी ही था. अख़बारों में विज्ञापन छप रहे थे. लोगों को आने को आमंत्रित किया जा रहा था. पर्याप्त व्यवस्था की बात कही जा रही थी. सरकार के भरोसे पर ही इतने लोग वहां जुटे थे.

उन्होंने कहा कि जब दियारे में लोगों को ले जाने के लिए ढ़ेर सारे नाव थे,तो वापसी में व्यवस्था क्यों नहीं थी. अधिकारी वहां क्या देख रहे थे. चश्मदीद और बचे लोग बता रहे हैं कि दोपहर तीन बजे के बाद लौटने के लिए नाव नहीं के बराबर थे. जो थे,उस पर वापसी को प्रशासन और पुलिस वालों ने कब्ज़ा जमा लिया था.

वापसी की अफरा-तफरी में स्थानीय नाविकों ने 20-30 की सवारी वाले नाव में 80-100 लोगों को सवार कर लिया. परिणाम,बीच गंगा में नाव डूब गई. इसके बाद आपदा प्रबंधन का काम भी बेहद लापरवाह तरीके से चला. पप्पू ने नीतीश कुमार से पूछा कि वे स्वयं की पूजा के लिए वे बोधगया चले जाते हैं,पर बिहार के आम-अवाम की पूजा के लिए वक़्त क्यों नहीं निकाल पाते हैं. ठीक इसी तरीके से लालू प्रसाद को दही का टीका लगाने से फुर्सत नहीं मिलता.

पप्पू ने कहा कि वे 17 जनवरी को पटना आकर हादसे के शिकार परिवारों से मिलेंगे. इसके लिए उन्होंने 17 जनवरी को पटना के छात्रावासों में तय कार्यक्रम को भी रद कर दिया है. उन्होंने बिहार सरकार के उन अधिकारियों को जांच कमेटी में शामिल किये जाने पर भी गुस्सा जाहिर किया है,जो इस हादसे के लिए सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं.