कोई गुल्लक तोड़ काम चला रहा है तो कोई कर्ज लेकर

नोट बदलने में आ रही है भारी दिक्कतें

बैंको में लम्बी कतार, नही हुआ पांच सौ का दीदार 




नोट जाम करने दुसरे दिन भी बैंको में उमड़ी भीड़ 

सड़क से ब्रांच तक लम्बी कतार में घंटो खड़े रहे लोग 

एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट जमा करने और उसके बदले में नया नोट पाने की जद्दोजहद में लगातार  दुसरे दिन भी बैंक के बाहर सडको से लेकर काउंटर तक लोगों को घंटो लम्बी कतारों में  खड़ा रहना पड़ा . नोट बदलने की लालसा उस समय धूमिल  हो गयी जब काफी देर बाद काउन्टर तक पहुंचे तो केवल दो हजार के दो नोट मसलन चार हजार रूपये ही दिए जा रहे थे .दुसरे दिन भी पांच सौ के नए नोटों का दीदार ग्राहकों को नहीं हुआ . लोगों की परेशानी कम होने का नाम ही नही ले रही थी क्योंकि दो हजार के बड़े नोट लेकर परेशानी और भी ज्यादा हो गयी है .कोई भी खुदरा दुकानदार दो हजार के नोट लेने से कतरा रहे हैं .

 

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ग्राहक हो या दुकानदार सबके सामने छुट्टे की समस्या गंभीर होती जा रही है .  नगर के स्टेट बैंक , सेन्ट्रल बैंक , पंजाब नेशनल बैंक समेत तमाम बैंको में सुबह से लेकर देर शाम तक लम्बी लाईने लगी रही . सडको से होकर काऊँटर तक लगी कतार में खड़े लोगों के चलते कई बार सडक पर वाहनों की रफ़्तार पर ब्रेक भी लगा . किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैनात महिला और पुरुष पलिस फ़ोर्स पूरी तरह मुस्तैद रहे . बैंको के बाहर दो पहिया वाहनों के साथ कारों के लगे  होने से जाम की समस्या से भी राहगीरों को जूझना पड़ा . उधर बड़े नोट बंद होने के दुसरे दिन भी लोग छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने के लिए परेशान रहे. बनिया और नास्ते की दुकानों पर लोग गिडगिडाते देखे गये. बड़े नोट पास में रहने के बावजूद ऐसी समस्या से जूझ रहे लोग कभी सरकार को कोस रहे थे तो कई अपने बच्चो के गुल्लक तोड़ जरुरी सामान खरीदने की दास्ताँ सुना रहा था .

रिपोर्ट -फुलवारी से अजीत कुमार