क्या है राम का अर्थ जानिये आशुतोष राणा की जुबानी

पटना. 13 अप्रैल. रामनवमी पर बधाइयों का तांता देने का सिलसिला कल के ही जारी है जिसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सभी ने एक दूसरे के साथ शेयर किया है. सोशल मीडिया का हर कोने में श्रीराम की गूंज है और पारम्परिक पूजन के साथ शुरू होने वाले हिन्दू नव वर्ष को बड़े धूम धाम से मनाया जा रहा है. ऐसे में बॉलीवुड के दमदार अभिनेता आशुतोष राणा ने भी लोगो को रामनवमी की बधाई अपने अंदाज में दिया है जिसे लोगो ने काफी पसंद किया है. मजेदार बात तो यह है कि ज्ञानपरक बातें जहां इन्होंने शेयर किया है वही उन्होंने जय श्रीराम के नाम के पहले उन्होंने माता सीता का नाम जोड़कर भारतीय परंपरा को कायम रखा है जहां पहले मातृ-पूजा का रिवाज है. आमतौर पर अपने मैसेज में जय श्रीराम ही सबने लिख है ये एक दुसरे को को सम्बोधिक किया है लेकिन आशुतोष राणा की यह बात ही उन्हें अलग बनती है…पढ़िए क्या लिखा है उन्होंने..

ईश्वर जब रागयुक्त होते हैं तब वे मनुष्य कहलाते हैं, और मनुष्य जब रागमुक्त होता है तो वो ईश्वर हो जाता है।




ईश्वर का आसक्तिमय होना मनुष्यत्व है, तो मनुष्य का अनासक्त होना ईश्वरत्व।

ईश्वर का नीचे आना ( अवतरण ) उनके मनुष्य होने की व्यवस्था है, तो मनुष्य का ऊपर उठना ( आरोहण ) उसके ईश्वर होने की प्रक्रिया।

विश्व के प्रत्येक अणु में प्रकाशित होने वाली चेतना को ही विष्णु कहा जाता है। आज रामनवमी है, आज के ही दिन वह परम चेतना निराकार से साकार की बिरादरी में उपस्तिथ हुई थी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के रूप में।

राम का तो अर्थ ही होता है विश्व के प्रत्येक रोम में प्रकाशित होने वाला प्रकाश। तो उसी परम चेतना, परम प्रकाश से प्रार्थना है कि विश्व के कल्याण के लिए विश्व के प्रत्येक रोम में उनका स्फुरण हो जिससे संसार की प्रत्येक देह अयोध्या हो जाए।
अयोध्या अर्थात जहाँ युद्ध नही होता या जिसे युद्ध में जीता ना जा सके।

आप सभी को मायापति श्रीराम के मायावी जगत में अवतरण ही हार्दिक बधाइयाँ।~#आशुतोष_राणा

जय श्री सीताराम 🌹🙏😊

साभार: आशुतोष राणा

प्रस्तुति : ओ पी पांडेय