देवभूमि जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर

‘आरा’ में आज से होगा कुम्भ एक्सप्रेस का ठहराव : “टर्म्स एंड कंडीशन अप्लाई”

आरा. अभी तक आपने बीमा कंपनियों या कुछ सामानों को खरीदने के समय टर्म्स एंड कंडीशन अप्लाई की सूचना देखी होगी लेकिन क्या कभी आपने ट्रेनों के ठहराव में भी ऐसा सुना है अगर नहीं जो अब यह भी सुनने के लिए तैयार हो जाइये क्योंकि आरा में होने वाली बहुप्रतीक्षित एक ट्रेन के ठहराव को लेकर कुछ ऐसी ही घोषणा हुई यह ट्रेन कोई और ट्रेन नहीं बल्कि कुंभ एक्सप्रेस है जिसका ठहराव आरा स्टेशन पर आज से हो जाएगा. आखिरकार लम्बे इंतजार के बाद भोजपुरवासियों की मांग पूरी होने जा रही है जब आरा में 22 सितम्बर से ‘कुम्भ एक्सप्रेस’ ट्रेन का ठहराव मिल गया है. उद्घाटन समारोह में सांसद-सह-केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर के सिंह और दानापुर डी आर एम रंजन प्रकाश ठाकुर के पटना से ट्रेन में सवार होकर यहाँ पहुँचने का इंतजार अब सभी को है.




वर्षों पुरानी माँग को स्वीकार किया तथा रेलमंत्री ने 

ज्ञात हो कि इस ट्रेन के ठहराव की मांग क्षेत्र के लोग वर्षों से कर रहे थे और विगत 8 अगस्त को जब रेलमंत्री पीयूष गोयल यहाँ आये थे तो सांसद की पहल पर खुले मंच से आगामी कुम्भ मेला को देखते हुए इस ट्रेन के ठहराव को यहाँ मंजूरी दी थी. 12369 अप जो हावड़ा से दोपहर 1 बजे खुलेगी वह रात 9.33 में यहाँ पहुंचकर 9.35 में हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेगी. 12370 डाउन हरिद्वार से रात 11.50 में खुलकर अगले दिन शाम 4.23 में आरा जंक्शन पहुंचकर 4.25 में हावड़ा को जायेगी.

इस ट्रेन का ठहराव इसके पहले आरा से कम महत्त्वपूर्ण और कम राजस्व वाले स्टेशनों जैसे जमुई, दिलदारनगर, बक्सर पर था और यहाँ के यात्रियों को इसे पकड़ने के लिए पटना या बक्सर जाना पड़ता था इसलिए इस ट्रेन के ठहराव की मांग ने आन्दोलन का रूप ले लिया था और लोगों में भारी आक्रोश था. यही नहीं दैनिक यात्री वेलफेयर एसोसिएशन भी इस बाबत कई ज्ञापन दे चुका था.

होने वाला था ‘सम्पूर्ण क्रांति’ का ठहराव 

8 अगस्त के रेलमंत्री के आरा कार्यक्रम में ‘सम्पूर्ण क्रांति’ एक्सप्रेस का ठहराव देना निश्चित किया गया था, पर इसके बदले ‘कुम्भ एक्सप्रेस’ को ठहराव मिला वह भी ‘उपासना एक्सप्रेस’ के बगैर. सम्पूर्ण क्रांति के नॉन-स्टॉप वी आई पी ट्रेन होने की वजह से इसका ठहराव नहीं हुआ बाद में इसे सभी मंच पर स्वीकारा.

 

ट्रेन रुकेगी पर इसे भी जानिये

कुम्भ एक्सप्रेस का ठहराव यहाँ सिर्फ 2 मिनटों के लिए है और वह भी 6 महीनों के प्रायोगिक तौर पर, इसे लेकर रेलवे ने आधिकारिक पत्र और अख़बारों में सूचना दी है. इस अवधि में यहाँ से टिकटों की सेल पर ध्यान रखा जाएगा. आरा पूरे रेल डिवीजन में राजस्व के मामले में दूसरे स्थान पर है इसलिए इसको लेकर सभी आश्वस्त हैं.

पर इस ट्रेन में अभी भी रिजर्वेशन कोटा आरा जंक्शन के लिए नहीं दिया गया है, उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में इसे कंप्यूटराइज्ड सिस्टम में फीड कर अलग कोटा निर्धारित किया जाएगा. फ़िलहाल पटना के लिए उपलब्ध कोटा का ही उपयोग किया जाएगा.

 

सोशल मीडिया पर नोंक-झोंक का विषय था इस ट्रेन का ठहराव

रेलमंत्री की आधिकारिक घोषणा के बाद सोशल मीडिया और ‘रेलफैनिंग’ साईटों पर इसको लेकर काफी बहस भी हुई जब पूर्व रेल के क्षेत्र में रहने वाले यात्रियों ने यह लिख दिया कि पूर्व रेल के अधिकारी और यात्री आरा में ठहराव के खिलाफ हैं और ठहराव हुआ भी तो अलग कोटा नहीं मिलेगा. शायद यही कारण था कि घोषणा के इतने दिनों बाद भी ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित नहीं हुआ था. हालांकि, अब इन अटकलों पर विराम लग जायेगा.

जमुई और दिलदारनगर जैसे अपेक्षाकृत छोटे और यहाँ से कम राजस्व वाले स्टेशनों पर पहले से यह ट्रेन रूकती थी पर क्यूँ और कैसे यहाँ के लिए इतना आन्दोलन करना पड़ा यह अभी तक चर्चा का विषय है.

नहीं रुकेगी ‘उपासना एक्सप्रेस

कुम्भ एक्सप्रेस हफ्ते में 5 दिन चलती है वहीँ इसी रैक पर 2 दिन हावड़ा-देहरादून उपासना एक्सप्रेस भी चलती है जिसका ठहराव दिलदारनगर, बक्सर है पर आरा नहीं दिया गया है, इसको लेकर भी कई अफवाहें हैं. उम्मीद है कि उद्घाटन समारोह में सांसद को इस मामले से यात्री संगठन अवगत कराएँगे.

जंक्शन के होने के बाद भी आरा में नहीं है ठहराव 

आरा जंक्शन जैन सर्किट तीर्थ और ऐतिहासिक स्थल होने के बावजूद रेलवे द्वारा लगातार उपेक्षित रहा है. अर्चना, सीमांचल, अनन्या, इंदौर एक्सप्रेस, गुरमुखी, त्रिपुर सुंदरी, द्वारका, बीकानेर गौहाटी, कर्मभूमि, अन्त्योदय जैसी गाड़ियों का यहाँ ठहराव नहीं हो पाया है जबकि इनमें से कई गाड़ियाँ पूर्व मध्य रेल की हैं और  इसी डिवीजन में नहीं रूकती हैं. लोग अक्सर सवाल करते हैं कि इसी डिवीजन की गाड़ियाँ इस स्टेशन पर क्यूँ नहीं रूकती हैं जबकि वही गाड़ियाँ अन्य डिवीजन के स्टेशनों पर रूकती हैं. जबकि आरा से यात्रियों की संख्या ज्यादा होने से इन गाड़ियों के ठहराव होने पर  रेलवे को भी आय होती.

हाल के दिनों में कुछ गाड़ियों का ठहराव गहमर, दरौली, ज़मानिया, और दिलदारनगर में जिस तरीके से लगातार दिया जा रहा है और आरा को उपेक्षित किया जा रहा है उसको लेकर क्षेत्र की जनता में आक्रोश अब आन्दोलन बन रहा है.

अभी जनता को नए प्लेटफार्म, यार्ड और वाशिंग पिट का इंतजार है जो संभवतः दिसम्बर तक बन जाएगा उसके बाद भी अगर ट्रेनों का ठहराव नहीं हुआ और रांची, टाटा जैसे स्थानों के लिए ट्रेन नहीं खुल पाई तो आन्दोलन से इनकार नहीं किया जा सकता.

आरा-मुंडेश्वरी धाम (वाया भभुआ रोड) रेल लाइन पर ठोस पहल नहीं 

आरा-मुंडेश्वरी धाम (वाया भभुआ रोड) पर भी अभी तक कार्य नहीं गति पकड़ पाया है इसको लेकर भी शाहाबाद के सांसद रेलमंत्री के सामने मांग रख चुके हैं वहीँ आरा-छपरा नई रेल लाइन को लेकर भी सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है. उम्मीद है स्थानीय सांसद के जरिये रेलमंत्री जल्द ही कोई ठोस निर्णय लेंगे जिसको लेकर क्षेत्र की जनता टकटकी लगाये हुए है वरना कहीं आगामी चुनाव तक आते-आते विकास का दावा खोखला ना हो जाए.

आरा से ओ पी पांडेय व रवि प्रकाश सूरज की रिपोर्ट