जो नही लगी लगाम….तो “भारत” बन जायेगा “पाकिस्तान” !

जनसंख्या विस्फोट को रोकने निकले सुरेश चव्हाणके
को मिल रहा भारी समर्थन

जनसंख्या कानून के पक्ष में अबतक आये 1 करोड़ हस्ताक्षर




‌70 दिनो में तय होगा 20 हजार किमी का सफर
‌1000 जनसभाओं को करेंगे सम्बोधित
‌10 करोड़ हस्ताक्षर लाने का लक्ष्य
‌कश्मीर से कन्याकुमारी और वहां से दिल्ली तक तक विभिन्न रास्तों से पहुचेगा कारवां

आरा,4 मार्च. देश में जनंसख्या नियंत्रण कानून लागू करवाने के लिए राष्ट्र निर्माण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चव्हाणके के नेतृत्व व मार्गदर्शन में 18 फरवरी से जम्मू-कश्मीर से प्रारम्भ हुआ ‘भारत बचाओ रथयात्रा’ शनिवार को आरा में पहुँचा, जहाँ उसका जोरदार स्वागत किया गया. उनके साथ थल सेना से रिटायर्ड मेजर जनरल सिन्हा और कर्नल डीपीएस त्यागी भी थे.

फूलों की  माला पहनाकर यात्रा संयोजक जय प्रकाश सिंह, सह संयोजक यशवंत कुमार व सोना लाल और भाजपा जिला महामंत्री राजेन्द्र तिवारी ने सुरेश चव्हाणके का स्वागत किया. स्वागत से अविभूत आरा पहुँचे चव्हाणके ने रमना स्थित मानस मंदिर प्रांगण में उपस्थित लोगों को संम्बोधित किया. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में न सिर्फ जनसंख्या बढ़ रही है बल्कि धार्मिक असंतुलन बढ़ रहा है जो कई मिनी पाकिस्तान पैदा कर चुका है, जहां पुलिस जाने की हिम्मत भी नही कर पाती है. हमने आजादी के बाद धर्म के नाम पर पाकिस्तान दे दिया है लेकिन अब आजादी के बाद कोई पाकिस्तान नही देंगे. उन्होंने उपस्थित समूह से पूछा कि क्या इस जनसख्या विस्फोट से बढ़ते पाकिस्तान को रोकने की ताकत हममे है तो भीड़ से आवाज आई-“नही.” इसपर उन्होंने कहा कि इस इसे रोका जा सकता है तो सबको एक कानून के तहत और वह है -“हम दो हमारे दो और हम सबके दो.” अगर हिन्दू दो बच्चा ही पैदा करता है तो मुसलमानों को भी दो ही बच्चा पैदा करना पड़ेगा.

मीडिया ने छुपाया आंकड़ो का सत्य

चव्हाणके ने मीडिया पर प्रहार करते हुए कहा देश का मीडिया, जनसंख्या असंतुलन की सच्चाई कभी नही बताता कि 100 बच्चों में से 47 मुसलमानों के और सिर्फ 40 बच्चे ही हिंदुओ के होते हैं क्योंकि मीडिया डरता है. अपने आक्रामक शैली में जब उन्होंने लोगों से इतने बड़े आंकड़ो के बारे बताया जाना चाहिए कि नही पूछा तो पूरे हुजूम ने कहा-“हाँ.” उन्होंने उपस्थित समूह से आग्रह कर  इस कड़वी सच्चाई को सभी लोगो को बताने को कहा. उन्होंने उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाया कि “राष्ट्र धर्म के लिए बलिदान भी देना पड़ा तो वे तैयार रहेंगे.”राष्ट्र निर्माण ट्रष्ट की ओर से जम्मू-काश्मीर से 18 फरवरी को निकाली गयी यह रथयात्रा  देश के विभिन्न राज्यो व जिला में भ्रमण  कर लोगों को जागरूक कर रही है. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य काश्मीर से कन्याकुमारी तक लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के लिए जागरूक करना है. 70 दिवसीय इस यात्रा पर निकले चव्हाणके ने भारत भ्रमण के दौरान 1000 सभाओं को सम्बोधित करने का लक्ष्य रखा है. ‘भारत बचाओ रथयात्रा’ लेकर आये सुरेश चव्हाण ने बक्सर में अपना सम्बोधन देने के बाद आरा के रमना मैदान स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में पहुँच सभा को सम्बोधित किया.

चव्हाणके ने कुछ ऐसा दिया साथ सेल्फी खींचने वालों को
चव्हाणके के साथ सेल्फी लेने की ऐसी दिखी दीवानगी

बताते चलें कि देेश के विकास में बढ़ती जनसंख्या एक बाधक है. वर्ष 1952 में जनसंख्या नियंत्रण के लिए “हम दो हमारे दो” का नारा तो लगाया गया, लेकिन एक वर्ग ने उस पर अमल नहीं किया. ऐसे में यह यात्रा जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग के लिए लाभप्रद हो सकती है. इसके तहत दस करोड़ लोगों से हस्ताक्षर कराकर प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा. अब नया नारा हम दो हमारे दो के साथ हमारे समान सबके दो है.

एक व्यक्तित्व के भाव अनेक (मंच पर संबोधन से पूर्व और मीडिया से मुखातिब विभिन्न मुद्रा में सुरेश चव्हाणके)

मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि हिन्दोस्तान को पाकिस्तान बनाने से रोकने के लिए उन्होंने जनसंख्या कानून लाने की मांग है. विश्व मे ऐसे प्रयोग से परे भारत भ्रमण के दौरान 20 हजार किमी की यात्रा में इस कानून के पक्ष में 10करोड़ हस्ताक्षर लाएंगे. अबतक लगभग 16 प्रतिशत की यात्रा में 1 करोड़ हस्ताक्षर इस कानून के समर्थन में आ चुका है. पटना नाउ द्वारा पूछे गये एक सवाल कि आपको ये नही लगता कि मुसलमानो पर सीधे प्रहार कर आपने अपनी लोकप्रियता कम कर ली है? पटना नाउ के इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं इस बीमारी का इलाज करने निकला हूँ और डॉक्टर का काम इलाज करना होता है. मैं कोई नेता नही हूँ और ना ही मुझे कोई चुनाव लड़ना हैं. अगर कोई धर्म के आधार पर अलग देश की मांग करता है तो मुझे उस धर्म का नाम लेकर बोलने में कोई परहेज नही है.

सुरेश चव्हाण ने बताया कि यदि इस तरह से जनसंख्या में वृद्धि होती रही तो आने वाले दिन में देश का विभाजन तय है. सुरेश चव्हाणके ने बताया कि इस यात्रा का कुल उद्देश्य देश की बढ़ती जनसंख्या पर विराम लगने के लिए कानून का निर्माण करना है. भारत में खतरनाक रूप से बढ़ती असंतुलित जनसंख्या के कारण देश की एकता, अखंडता, सम्प्रभुता तथा लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है. उन्होंने कहा कि जहां एक ओर बहुसंख्यक,हिंदू समाज परिवार कल्याण को अपना कर, कम बच्चे पैदा कर, सरकार की नीतियों का अनुसरण कर रहे है, तो दूसरी ओर एक विशेष वर्ग में अनियंत्रित जन्म दर आदर्श जनसांख्यिकीय अनुपात के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है. ध्रुवीय सत्य है कि भारत की सुरक्षा तभी संभव है, जब देश का मौलिक आदर्श जनसांख्यिकीय अनुपात अक्षुण्ण रहे.

इंडोनेशिया के बाद सबसे ज्यादा मुसलमान भारत मे

यात्रा संयोजक जय प्रकाश सिंह ने कहा कि भारत  मे जनसंख्या नियंत्रण के लिए  भारत सरकार को 1 कानून की जरूरत है. अगर जातिगत जनगणना की बात करें तो भारत मे तेजी से जनसंख्या विस्फोट मुसलमानों का तेजी से हुआ है. विश्व मे इंडोनेशिया के बाद भारत में ही सबसे ज्यादा मुसलमानों की जनसंख्या है. यहाँ तक कि पाकिस्तान की ढाई गुनी आबादी भारत के मुसलमानों की है. वही सहसंयोजक सोनालाल ने कहा कि “हम दो,हमारे दो” की नीति हर जाति के लिये भारत मे सरकार को लागू करना चाहिए. रथ यात्रा जनसंख्या संतुलन के प्रति जागरूक करने का पुरजोर प्रयास है. स्वागत और सम्बोधन के बाद आरा से रथ पटना के लिए प्रस्थान किया.

इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक जय प्रकाश सिंह सह सयोंजक सोनालाल व यशवंत कुमार के साथ हरेंद्र पांडेय, अमरेन्द्र कुमार,राजेन्द्र तिवारी,अमित सिंह गौतम,सूरज परमार,रोहित सिंह, बड़े बजरंगी, अमित सिंह, रोहित सिंह बजरंगी, चंदन तिवारी, शशि शेखर, मनन सिंह, विनीत सिंह, उज्ज्वल पवन राय, प्रिंस सोनी, प्रतीक विराट, सुधांशु मिश्रा, कुमार अभिषेक सिंह, नीरज सिंह, राजेश राय, विवेक सिंह, पीयूष सिंह, विशाल सिंह, रौंनक सिंह, अरुण श्रीवास्तव, संजीत सिंह, और विशाल वैश्य सहित कई अन्य शामिल थे. मंच संचालन अरुण कुमार ने किया.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट