जल संरक्षण के लिए चिंतित बालमन और बाल-दिवस

बाल दिवस पर किया गया जल संरक्षण प्रदर्शनी का आयोजन

आरा. बाल दिवस के मौके पर अक्सर बच्चे से जुड़े हुए मनोरंजन के कार्यक्रम किए जाते हैं लेकिन इस बार कुछ खास हुआ आरा के सम्भावना विद्यालय में जहां बच्चों ने आने वाले भविष्य में जल की कमी की चिंता जाहिर की और उसे संरक्षित करने संबंधित एक प्रदर्शनी लगाई.




संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के प्रांगण में बाल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण विषय पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. सबसे पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू के तैल्य चित्र पर विद्यालय के प्राचार्या डॉ अर्चना सिंह और आगत अतिथियों द्वारा माल्यार्पण किया गया. कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता गंगा जगाओ अभियान के संयोजक कवि एवं फिल्मकार निलय उपाध्याय और मुख्य अतिथि कवि एवं सामाजिक कार्यकर्ता पवन श्रीवास्तव,प्रसिद्ध चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विजय कुमार सिंह तथा विद्यालय के प्राचार्या  डॉ अर्चना सिंह ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से समारोह का उद्घाटन किया. इसके बाद महान गणितज्ञ डॉक्टर वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन से मर्माहत  विद्यालय परिवार ने उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया उसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई.


     उद्घाटन के उपरांत विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक एवं समसामयिक स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया जिसमें पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के माध्यम को दर्शाया गया. विद्यालय के प्राचार्या डॉ सिंह ने सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया.

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय के प्राचार्या डॉ अर्चना सिंह ने सर्वप्रथम महान गणितज्ञ डॉक्टर वशिष्ठ नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित किया तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर भी सभी का ध्यान आकर्षित किया.

उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू आधुनिक भारत के निर्माता थे. उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था. ऐसे महापुरुष के जन्मदिन पर विद्यालय में जल संरक्षण विषय पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है. आगे उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है यदि आज हम इसका संरक्षण नहीं करते हैं तो आने वाले समय में धरती पर जीवन नहीं बचेगा.
इस अवसर पर विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन आगत अतिथियों तथा प्राचार्या द्वारा फीता काटकर किया गया. तत्पश्चात सभी अतिथियों , प्राचार्या, तथा अभिभावकों ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया. छोटे-छोटे बच्चों की कल्पनाशीलता को देखकर ना सिर्फ अभिभावक बल्कि अतिथि भी आश्चर्यचकित थे . प्रदर्शनी में कई बच्चों द्वारा प्रोजेक्ट और मॉडल के माध्यम से rain water harvesting के पूरे सिस्टम को दर्शाया गया तो दूसरी तरफ कई बच्चों ने कारखानों द्वारा जिस प्रदूषित पानी को नालों के माध्यम से नदियों में गिराया जाता है उसकी रोकथाम के लिए water treatment plant  के models प्रस्तुत किए. कई छात्र-छात्राओं ने प्रोजेक्ट के माध्यम से जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की मार्मिक अपील की कुल मिलाकर यह प्रदर्शनी आम लोगों से अपील करती है कि यदि हम आज नहीं सुन रहे हैं तो हमारा कल बर्बाद हो जाएगा.

इस अवसर पर कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता गंगा जगाओ अभियान के संयोजक एवं लेखक निलय उपाध्याय ने छात्र-छात्राओं तथा अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह विज्ञान प्रदर्शनी एक ओर जहां आने वाली समस्याओं को रेखांकित करती है वहीं दूसरी तरफ उसके समाधान को प्रस्तुत भी कर रही है. मैं यहां के बच्चों के कल्पनाशीलता को देखकर ना सिर्फ हैरान हूं बल्कि यह सोचने पर मजबूर हूं कि हम जब इतने छोटे थे तो क्या इस तरह की समस्याओं को लेकर इतने जागरूक थे? यदि हम 20 साल पहले इतने जागरूक हो गए होते तो स्थिति या नहीं होती. उन्होंने बच्चों से कहा कि आप सब ज्ञान प्राप्त करो शिक्षा प्राप्त करो लेकिन आत्मनिर्भर अवश्य बनो. इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि एवं सामाजिक कार्यकर्ता पवन श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि इस विद्यालय में साक्षात सरस्वती का निवास है. यहां के बच्चों की कल्पनाशीलता तथा रचनाधर्मिता को मैंने कई अवसरों पर यहां उपस्थित होकर देखा है. उन्होंने कहा कि प्रकृति द्वारा प्राप्त बहुमूल्य चल रूपी संसाधन को हमें जहां तक हो सके कम से कम खर्च करने की आवश्यकता है.

इस अवसर पर विज्ञान प्रदर्शनी में पोस्टर ,प्रोजेक्ट ,तथा मॉडल्स तैयार करने के लिए विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया. पुरस्कार प्राप्त करने वालों में सचिन मेहता ,अनुष्का, उज्जवल सिंह ,आयुष ,रमन राज, राज सिंह, विवेक कुमार पांडे, प्रिंस राज, उत्कर्ष कुमार, साक्षी राज ,इंद्रजीत कुमार, अंकित कुमार ,शाहिना बानो ,खुशी कुमारी ,अरनव सिंह ,रुखसाना परवीन, रक्षित राजवीर,आंशिक शाश्वत और अकाश सिंह शामिल हैं. इन सभी छात्र छात्राओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्राचार्य तथा अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. उपरोक्त पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं का चयन बी डी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य राजेश राजमणि, श्री निलय उपाध्याय ,पवन श्रीवास्तव ,विष्णु शंकर तथा संजीव कुमार ने संयुक्त रूप से किया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आई एम ए अध्यक्ष डॉ विजय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यहां एक और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में धूम धड़ाका ,केक काटने तथा हंगामा के बीच बाल दिवस मनाया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ इस विद्यालय में पूरी तरह से शांत एवं अनुशासित वातावरण में जल संरक्षण विषय पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन कर समाज को एक संदेश दिया जा रहा है. मैं इस विद्यालय के प्रबंधन तथा यहां के छात्र छात्राओं के संस्कार एवं संस्कृत को देखकर अभी भूत हूं .जिले के सभी शैक्षिक संस्थानों को इस विद्यालय से सीख लेनी चाहिए.
धन्यवाद ज्ञापन तथा मंच संचालन विद्यालय के प्राचार्य राघवेंद्र कुमार वर्मा ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक विष्णूशंकर ,संजीव कुमार सिन्हा, सरोज कुमार, बृजेश कुमार तिवारी,  राजीव कुमार तिवारी, की अहम भूमिका रही. इस अवसर पर मेजर राणा प्रताप सिंह, प्रोफेसर डॉक्टर नरेंद्र सिंह नीरज, बाल में पुस्तकालय के सचिव विजय कुमार सिंह ,वरिष्ठ पत्रकार शमशाद प्रेम, तथा सरदार गुरुचरण सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे.

आरा से सावन कुमार की रिपोर्ट