जब जैन मन्त्रों के उच्चारण से गूंज उठा शहर

आरा. दस दिवसीय श्री इन्द्रध्वज महामण्डल विधान स्थानीय चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में परम्परागत तरीके से मन्त्रों के उच्चारण के बीच संपन्न हुआ.

नवें दिन हुआ अभिषेक और महाप्रसाद का वितरण




श्री 1008 अतिशयकारी चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में पंचायती मन्दिर प्रबन्धकारिणी समिति एवं मुनिसंघ सेवा समिति के तत्वावधान में दस दिवसीय श्री इन्द्रध्वज महामण्डल विधान एवं श्री ज्वालामालिनी देवी दिव्य आराधना आर्यिका संघ व भट्टारक स्वामी जी के सानिध्य में नवें दिन गुरुवार को भगवान जिनेन्द्र देव का भक्तिपूर्वक अभिषेक, पूजन एवं भव्य शांतिधारा हुआ.

जिसमें प्रथम कलश सरला-राजेन्द्र कुमार जैन एवं शान्तिधारा करने का सौभाग्य विमलप्रभा युवा मण्डल को प्राप्त हुआ. विधान में सभी 458 अर्घ्य अकृत्रिम चैत्यालय सहित आज इन्द्र-इंद्राणियो के द्वारा समर्पित किये गये. विधान में सम्मलित होने आरा नगर निगम महापौर श्रीमती प्रियम जी पहुँची एवं इन्द्र-इंद्राणियो की भक्ति देखकर खुद झूम उठी.

 

दोपहर समय महानवमी के शुभ अवसर पर माँ ज्वालामालिनी देवी जी की दिव्य आराधना पूज्य भट्टारक स्वस्ति भुवनकीर्ति स्वामी जी के सानिध्य एवं विधानाचार्य पं० शशिकांत जैन शास्त्री के विशेष मंत्रोच्चार के बीच माँ की पूजा, अर्चना, गोद भराई एवं भव्य श्रृंगार शालिनी-सर्वेश कुमार जैन जी के परिवार द्वारा किया गया. साथ ही महाप्रसाद भक्तों की बीच वितरित किये गये. सांध्यकालीन कार्यक्रम में महाआरती श्री बिमलप्रभा बालिका भक्त मण्डल द्वारा किया गया.आरती के पश्चात बहुत ही भक्तिमय डांडिया बालक-बालिका, युवक-युवतियों के साथ पुरुष-महिलाओं ने भी किया.

दसवें दिन हुआ विश्वशांति महायज्ञ और पालकी शोभायात्रा का आयोजन 

समापन के दिन  विश्वशांति महायज्ञ एवं भव्य पालकी शोभायात्रा जैन धर्मालंबियों के द्वारा निकाली गयी. प्रातःकाल जिनेन्द्र देव का भक्तिपूर्वक अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा हुआ. अभिषेक के पश्चात आयोजन समिति एवं सोंधर्म इन्द्र-इंद्राणी सूरज-प्रीत चन्द्र जैन के द्वारा कार्यकर्ताओं का सम्मान हुआ. विधान की पूर्णावर्ती पर विश्व के कल्याण हेतु भक्तो द्वारा महायज्ञ किया गया साथ ही भव्य पालकी शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई जोकि शहर के गोपाली चौक, धर्मन चौक, महादेवा रोड, हॉस्पिटल रोड, शिवगंज होते हुये पुनः आयोजन स्थली पहुँच कर समाप्त हुई.

आयोजन के समापन पर भक्तों के लिए साधर्मी वात्सलय की व्यवस्था अनुपमा-कमल कुमार जैन जी के परिवार द्वारा किया गया था. विजयदशमी के शुभ अवसर पर गुरु माँ आर्यिका रत्न श्री 105 विपुलमती माता जी एवं विमुक्तमति माता जी के साथ पूज्य भट्टारक स्वस्ति श्री भुवनकीर्ति जी स्वामी जी का पाद-प्रक्षालन, शास्त्र भेंट एवं पिच्छी भक्तों के द्वारा भेंट की गयी.

संध्याकालीन कार्यक्रम में भट्टारक स्वामी जी के निर्देशन में देवी ज्वालामालिनी जी का दिव्य आराधना एवं भव्य श्रृंगार भक्तों के द्वारा की गई. कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सुवीर चन्द्र जैन, डॉ शशांक जैन, अजय कुमार जैन, प्रीत चन्द्र जैन, अतुल चन्द्र जैन, मनीष कुमार जैन, मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन, राजेश कुमार जैन, साहू जैन, दीपू जैन, अपूर्व जैन, रौशन जैन, रीना जैन, उषा जैन के साथ समाज के सभी युवक-युवतियों का भरपूर सहयोग रहा.

आरा से ओ पी पाण्डेय की रिपोर्ट