हैकिंग से बचना है तो जानें कुछ बात

एप्लीकेशनस में दिखाए  जाने वाले विज्ञापनों को क्लिक करने से अवश्य बचें

ज्यादा सजगता की है आवश्यकता




एक छोटी सी भूल बन सकती है बड़ी मुसीबत

आज के दौर में आप अपने साथ सहूलियत का सारा काम एक फोन में लेकर घूमते है लेकिन एक छोटी सी भूल हुई कि आप अपना बहुत कुछ खो बैठते हैं .स्मार्टफोन / टैबलेट सिक्योरिटी, कंप्यूटर और लैपटॉप पर तो एकबारगी सुरक्षा-सम्बन्धी खतरे कुछ कम माने जा सकते हैं तो आपके स्मार्टफोन पर और भी ज्यादा अलर्ट और सावधानियों की आवश्यकता है. साफ़ है कि आपका स्मार्टफोन अब केवल एक फोन भर नहीं है, बल्कि वह एक पूरा कंप्यूटर पॅकेज या फिर उससे ज्यादा है. ज़रा गौर कीजिये, आपके स्मार्टफोन में वह सारे एप्लिकेशन और ओटीपी के लिए सिम तक मौजूद हैं, जिससे हैकिंग और भी आसान हो जाती है. इसके लिए आपको कहीं ज्यादा सजगता की आवश्यकता है. कई लोग बैंकिंग के लिए ऐप्स फोन में इंस्टॉल करके रखते हैं, जो उनको सहूलियत तो अवश्य ही देता है, किन्तु अगर आपका फोन सुरक्षित और कोड से लॉक नहीं है तो किसी के हाथ लगने पर यह आपका भारी नुक्सान करा सकता है.

hacking PHONE

हम, आप रेस्टोरेंट में, मीटिंग में, सिनेमा में जहाँ कहीं जाते हैं फोन हमारे साथ होता है और कई बार ऐसा होता है कि हमारी ही गलती से वह कहीं छूट जाता है तो कई बार उस पर गलत लोग हाथ भी साफ़ कर देते हैं. ऐसी स्थितियों में आपकी मेल, आपके सोशल अकाउंट्स, पर्सनल फोटोज, बैंकिंग एप्लिकेशन का एक्सेस भी उस व्यक्ति के हाथ में चला जाता है. ऐसे में जरूरी है कि आप ‘लॉक कोड’, ‘अपनी मोबाइल ब्राउज़िंग ट्रैकिंग ऑफ करना’, रिकवरी ऐप इंस्टॉल करना, ओनर की कांटेक्ट डिटेल मोबाइल में फीड रखना और इन सबसे बढ़कर फिजिकली अपने फोन को सुरक्षित रखना सीख जाएँ. बहुत हद तक यह भी ठीक रहेगा कि आप बेहद जरूरी एप्लिकेशन ही फोन में रखें तो आर्थिक लेन-देन अपने लैपटॉप या कंप्यूटर से करें. स्पैम कॉल्स और एप्लीकेशनस में दिखाये जाने वाले विज्ञापनों को क्लिक करने से अवश्य बचें तो गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से ही एप्लिकेशन इंस्टॉल करने को प्राथमिकता दें.