कार उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर

पेट्रोल की बढ़ती कीमतें लोगों का तनाव बढ़ा रही हैं. एक तरफ प्रदूषण तो दूसरी तरफ महंगाई, दोनो आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं. लेकिन इन सबके बीच एक अच्छी खबर आई है. ये अच्छी खबर दी है भारतीय कंपनी मारुति ने.

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड सिर्फ इलेक्ट्रिक कार विकसित करने के बजाय अब सीएनजी कार एवं हाइब्रिड वाहन समेत वैकल्पिक प्रौद्योगिकी पर भी ध्यान देगी। कंपनी के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने कहा कि देश में सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार या तेल कंपनियों के साथ भागीदारी की जाएगी। अभी देश के यात्री वाहन बाजार में मारुति सुजुकी की करीब 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।




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भार्गव ने कहा, ‘हम CNG, हाइब्रिड एवं अन्य वैकल्पिक प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे। हम हर तरह की प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देंगे और महज एक तक खुद को सीमित नहीं रखेंगे।’ उन्होंने कहा कि कंपनी तेल आयात तथा वायु प्रदूषण कम करना चाहती है और यही सरकार का भी लक्ष्य है।

भार्गव ने कहा, ‘हम देश में पर्यावरण अनुकूल कार चाहते हैं, हम तेल आयात कम करना चाहते हैं, हम वायु प्रदूषण कम करना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य वही है जो सरकार का है। इसके लिए हम सारी ऊर्जा महज बैटरी के खर्च में कटौती पर नहीं लगाने वाले हैं। हम अन्य वैकल्पिक तरीकों पर भी ध्यान देना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि मारुति इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत में कमी आने का इंतजार करने के बजाय CNG जैसे विकल्पों को अपनाना पसंद करेगी। उन्होंने कहा, ‘सरकार बिजली उत्पादन से अधिक परिवहन क्षेत्र में CNG के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। हम कारों के लिए सीएनजी का यथासंभव इस्तेमाल करना चाहते हैं। CNG छोटी कारों के लिए सबसे बेहतर है।’ उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार अन्य बाजारों से अलग है।यहां 75 प्रतिशत कारें पांच लाख रुपये से कम की हैं।

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भार्गव ने कहा, ‘विश्व में ऐसा कोई बाजार नहीं है जहां छोटी कारों का इस कदर वर्चस्व है। इलेक्ट्रिक कारों को देखें तो मौजूदा बैटरी खर्च के कारण इसकी लागत 6-7 लाख रुपये से अधिक होगी। क्या आपको लगता है कि पांच लाख रुपये के बजाय 6-7 लाख रुपये में कोई भी कार खरीदना पसंद करेगा? वहनीयता एक बड़ी समस्या है।’ उन्होंने कहा, ‘हम निश्चित इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देंगे पर हमें सीएनजी, हाइब्रिड, एथेनॉल, मेथेनॉल आदि विकल्पों को भूलना नहीं चाहिए। हमारा उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए सभी विकल्पों को खुला रखना है।’

मारुति की इस पहल से भारत के कार उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे जो ना सिर्फ कॉस्ट इफेक्टिव होंगे बल्कि पॉल्यूशन कंट्रोल में भी कारगर साबित होंगे.

ब्यूरो रिपोर्ट