बलिदान दिवस पर याद किये गए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी

संजय सिंह टाइगर ने कहा- “कश्मीर से धारा 370 हटाने का संकल्प श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने लिया था,जिसे नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया”7

जहां मुखर्जी ने बलिदान दिया वो काश्मीर हमारा हैं : अमरेन्द्र




आरा. जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनायी गयी. बलिदान दिवस के इस मौके पर मंगलवार को गोढ़ना रोड स्थिति गोरेया स्थान के प्रांगण में बिहार भाजपा से जुड़े कई शख्सियतो की उपस्थिति देखी गयी. वार्ड 45 के पूर्व पार्षद व क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष युवा भाजपा नेता अमरेन्द्र चौबे के आवास पर यह बलिदान दिवस मनाया गया. कर्यक्रम की शुरुआत भाजपा के प्रवक्ता संजय सिंह टाइगर, कौशल कुमार विद्यार्थी, राजेन्द्र तिवारी एवं अमरेन्द्र चौबे ने सयुंक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.सभी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की. बिहार भाजपा के प्रवक्ता संजय सिंह टाइगर ने माल्यार्पण कर स्व. मुखर्जी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म कोलकाता में 6 जुलाई 1901 को और निधन 23 जून 1953 को श्रीनगर में हुआ था. उन्होंने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी बना. उन्होंने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटाने का संकल्प श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने लिया था,जिसे नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चुनाव आयोग सेल के संयोजक अमरेन्द्र चौबे ने कहा देश चाहता था श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत की जांच हो, लेकिन नेहरू ने ऐसा नहीं किया.

इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता कौशल कुमार विद्यार्थी राजेंद्र तिवारी भोजपुर जिला उपाध्यक्ष आदित्य विजय प्रताप सिंह,लव पांडे सहित चुनाव आयोग सेल भोजपुर के सह संयोजक विभु सिंह, उपेन्द्र कुमार, अरुण सिंह, क्रीड़ा भारती भोजपुर के सह मंत्री पवन कुमार उपाध्यक्ष, संजय राय, मिथलेश कुमार, आशीष तिवारी भाजपा सरोज ठाकुर , ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अजीत मिश्रा,पप्पू मिश्रा, श्रीभगवान तिवारी ,शशि सिंह , कन्हैया प्रसाद अनिल सिंह नरेंद्र सिंह सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी.

कार्यक्रम के बाद सभी ने गोढ़ना रोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1 वर्ष के कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में घर-घर जाकर हैडविल वितरण कर उनकी उपलब्धियो से रूबरू कराया.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट