देव-दीपावली के मौके पर जगमगाया गड़हनी

गड़हनी. भारतीय संस्कृति में कार्तिक पूर्णिमा स्नान का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है इस दिन कई धार्मिक आयोजन पवित्र नदी में स्नान पूजन और कर्म दिनचारी का विधान वर्ष के 12 मास में कार्तिक मास आध्यात्मिक एवं शारीरिक ऊर्जा संचय के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है जिले के गड़हनी प्रखंड के गड़हनी बनास नदी घाट का नजारा इस कार्तिक पूर्णिमा की शाम बिल्कुल ही अलग देखने को मिली

गाँव के  युवाओं की टोली ने बनास नदी घाट पर हजारों दीप प्रज्वलित कर समाज को आइना दिखाने का काम किया है  कि अब अपना पंचायत गड़हनी ना सिर्फ खुले में शौच मुक्त होगा बल्कि इस घाट पर प्रत्येक पूर्णिमा को गड़हनी के उन सभी  घरों से लोग दिए जलाने का काम किये जो छठ पूजा किया करते हैं बता दें कि गड़हनी नया बाजार से पुरानी बाजार जाने के क्रम में पडने वाले बनास नदी के घाट  पर लोग खुले में शौच करके गंदगी फैलाने का काम करते थे जब गड़हनी के युवाओं सक्रिय हुए तो खुलकर आगे आए और सुबह शाम निगरानी करना शुरू किया।




निगरानी ऐसी जहां कल तक लोग खुले में शौच करते थे अब वहां सुबह शाम बैडमिंटन अन्य प्रकार के खेल खेले जा रहे है। युवाओं के साथ साथ बुद्धजीवियों का भी काफी सहयोग रहा है युवाओं के समर्थन में स्थानीय पत्रकार ने बिजली की व्यवस्था कराई जिसे वहां प्रकाशय हुआ,सुबह शाम निगरानी सशक्त हुई। हजारों युवाओं की टोली अपने अपने घर से दिए लेकर बनास नदी घाट पर जलाएं जिस का नजारा बनारस के घाट जैसा दिखने लगा।दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम को सफल बनाने में अमित केशरी,विष्णु केशरी, बंटी राठौर,सुदामा केशरी, आशीष गुप्ता,विवेक केशरी, विमल कुमार,अंकित एवं युवा शक्ति मोर्चा के अन्य लोग सदस्यों समेत ग्रामीण भी शामिल हुए।

गड़हनी से मुरली मनोहर जोशी की रिपोर्ट