कोरोना के नए वेरिएंट C.1.2 का अब खतरा

नई दिल्ली : विश्व अभी कोरोना के तीसरे वेरिएंट डेल्टा पर ही काम कर रहा है वहीं कोरोना के नए वैरिएंट सी.1.2 ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की चिंता बढ़ा दी है। डेल्टा से भी ज्यादा संक्रामक इस वैरिएंट पर डब्लूएचओ की तकनीकि प्रमुख डॉ. मारिया वॉन ने ट्वीट करके कहा है कि सी.1.2 के बारे में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के शोधकर्ताओं को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने सबसे पहले सी.1.2 के बारे में स्वास्थ्य संगठन को जानकारी दी और अपनी शोध को भी साझा किया।

अब तक सी .1.2 के 100 से ज्यादा मामले आए सामने
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका में 21 मई को इस वैरिएंट का पहला मामला सामने आने के बाद दुनिया भर में अब तक इस वैरिएंट के 100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की तकनीकि प्रमुख का कहना है कि हमें इस नए वैरिएंट के और भी सीक्वेंस के बारे में पता करने की आवश्यकता है। क्योंकि, अभी तक डेल्टा वैरिएंट ही सबसे ज्यादा संक्रामक प्रतीत हो रहा है।




सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकता है नया वैरिएंट
पूरी दुनिया डेल्टा वैरिएंट से खतरे को लेकर परेशान थी, इस बीच इस नए वैरिएंट ने खोज ने समस्याओं को और बढ़ा दिया है। वैज्ञानिकों ने कहा कि यह नया वैरिएंट शरीर में वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से मात दे सकता है। ऐसे में एक बार फिर सभी लोगों के लिए कोरोना का खतरा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

तेजी से अपना रूप बदल सकता है कोरोना का यह वैरिएंट

कोरोना के इस नए वैरिएंट को म्यूटेशन के लिहाज से भी वैज्ञानिक बेहद खतरनाक बता रहे हैं।
24 अगस्त को प्रीप्रिंट रिपोजिटरी मेडरेक्सिव पर पीयर-रिव्यू अध्ययन के लिए पोस्ट किए गए डेटा के अनुसार सी.1 की तुलना में कोरोना के इस नए वैरिएंट सी.1.2 में तेजी से म्यूटेशन हो सकता है। इसका मतलब यह है कि कोरोना के इस नए वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में काफी तेजी से बदलाव होता रह सकता है।

मानव की प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने की है क्षमता
कोरोना का यह नया वैरिएंट शरीर में संक्रमण या वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी चकमा दे सकता है। शोधकर्ता बताते हैं, सार्स-सीओवी-2 वायरस अपने स्पाइक प्रोटीन का उपयोग करके मानव कोशिकाओं को संक्रमित करते हुए उनमें प्रवेश करता है। इस नए वैरिएंट सी.1.2 में N440K और Y449H जैसे म्यूटेशनों का पता चला है। यह म्यूटेशन शरीर में बनीं प्रतिरक्षा को आसानी से मात देने की क्षमता रखते हैं।

भारत में अभी नही है C.1.2 एक भी मामला
भारत सरकार का कहना है कि सी.1.2 वैरिएंट का अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, भारत इस नए खतरे को लेकर चिंतित और सतर्क है।