‘पूरा देश मनाये मेधा दिवस’

जो पढ़ेगा वही आगे बढ़ेगा- मुख्यमंत्री




मुख्यमंत्री ने तीन दिसंबर को मेधा दिवस के मौके पर वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2017 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले प्रथम से दस रैंक तक के छात्रों को पुरस्कृत किया. प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाले परीक्षार्थी को 1 लाख रुपया, दूसरे स्थान प्राप्त करनेवाले को 75 हजार रुपया और तीसरे स्थान प्राप्त करनेवाले को 50 हजार रूपये के चेक के साथ-साथ एक लैप टॉप एवं किन्डल इ रीडर प्रदान किया. चतुर्थ स्थान से दसवें स्थान तक प्राप्त करनेवाले विद्यार्थियों को 10 हजार रुपया एवं लैप टॉप प्रदान किया. इंटरमीडिएट के कला संकाय, विज्ञान संकाय, वाणिज्य संकाय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले प्रथम 5 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया. प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाले परीक्षार्थी को 1 लाख रुपया, दूसरे स्थान प्राप्त करनेवाले को 75 हजार रुपया और तीसरे स्थान प्राप्त करनेवाले को 50 हजार रूपये के चेक के साथ-साथ एक लैप टॉप एवं किन्डल इ रीडर प्रदान किया. चौथे एवं पांचवें स्थान प्राप्त करनेवाले विद्यार्थियों को सीएम ने 15 हजार रुपये एवं लैप टॉप प्रदान किया.

मुख्यमंत्री ने मेधा दिवस के अवसर पर वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2017 के स्वच्छ एवं कदाचार रहित परीक्षा के संचालन में सर्वश्रष्ठ योगदान देनेवाले राज्य के 10 जिला क्रम से औरंगाबाद, कटिहार, कैमूर, गोपालगंज, जमुई, नालंदा, पटना, पश्चिम चंपारण, बेगुसराय, एवं मधेपुरा के जिलाधिकारियों को भी पुरस्कृत किया.

इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज देशरत्न डॉ राजेन्द्र बाबु की जयंती है इसे इस वर्ष से मेधा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गयी है. इसका निर्णय तो पूर्व में किया गया था लेकिन क्रियान्वयन नहीं हो पाया था. अब इसकी शुरुआत की गयी है इसे मैं प्रासंगिक और उपयुक्त मानता हूँ. डॉ राजेन्द्र प्रसाद कितने मेधावी छात्र थे कि सौ साल पहले जब वे छात्र हुआ करते थे तो उनके परीक्षक ने उनके बारे में टिप्पणी की थी कि एक्जामिनी इज बेटर दैन एक्जामिनर. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग भी बचपन में जब पढ़ते थे तो उनकी प्रतिभा के बारे में काफी कुछ बताया जाता था. वास्तव में वे मेधा के प्रतीक थे. इसलिए मेधा दिवस उनकी जयंती पर मनाना बिल्कुल उपयुक्त है. मैं केंद्र से आग्रह करूंगा कि इसे पूरे देश में मनाया जाए. हमलोग अपने राज्य में इसके माध्यम से मेधा को बढ़ाना चाहते हैं और उसे गति देना चाहते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद साहब की जन्मतिथि 11 नवम्बर को बिहार में शिक्षा दिवस के रूप में हमलोग मनाते हैं और 5 सितम्बर को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में पूरा देश मनाता है. अब 3 दिसम्बर को राजेन्द्र बाबु के जन्मदिवस के अवसर पर इसे बिहार में हमलोग मेधा दिवस के रूप में मनाना प्रारम्भ किया है. मेरा मानना है कि पूरे मुल्क में इसे मनाना चाहिए और मेधा को बढ़ाने तथा मेधावी को पुरस्कृत करने का उपाय हो.

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन, पटना के प्रमंडलीय आयुक्त सह अध्यक्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति आनंद किशोर ने भी सभा को सम्बोधित किया. इस अवसर पर प्रख्यात शिक्षाविद प्रोफेसर एचके दीवान, शिक्षा विभाग के सचिव रोबर्ट चौन्ग्थ्यू, शिक्षा विभाग के अपर सचिव मनोज कुमार, प्राथमिक शिक्षा के निदेशक रामचंद्रडू जी, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक राजीव प्रसाद सिंह रंजन, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.