अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विशेष : मातृभाषा जोड़ती है, तोड़ती नहीं

आज स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग, वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय आरा में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में एक समारोह का आयोजन किया जिसकी अध्यक्षता भोजपुरी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ नीरज सिंह ने की. मुख्य अतिथि के रूप में डी के कॉलेज, डुमराँव की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ उषा रानी एवं एस बी कॉलेज, आरा की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ पूनम कुमारी उपस्थित थी. भोजपुरिया माई के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ. सबसे पहले छात्रों ने अपनी बातें रखी. अंग्रेजी विभाग की छात्रा ज्योति ने मातृभाषा के प्रेम पर प्रकाश डाला. वहीं अंग्रेजी विभाग के ही छात्र हरीश ने कहा कि आज कुछ लोग भोजपुरी बोलने में हीन भावना के बोध से ग्रस्त हो जाते हैं, यह गलत बात है. छात्र उत्सव राज ने मातृभाषा भोजपुरी में घुस रही अश्लीलता की समस्या पर अंकुश लगाने की चर्चा की. दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ किस्मत कुमार सिंह ने भोजपुरी में व्याकरण निर्माण की आवश्यकता जताई. अल-हफ़ीज़ कॉलेज के हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ जवाहर पांडेय ने कहा कि मातृभाषा भोजपुरी को लोग बोली का दर्जा देकर इसकी सीमा को सीमित कर रहे हैं, जो अच्छी बात नहीं. शोध छात्र रवि प्रकाश सूरज ने मातृभाषा के महत्त्व पर चर्चा करते हुए याद दिलाया कि 22 फरवरी को ही भोजपुरी की पहली फ़िल्म ‘गंगा मईया तोहे पियरी चढ़इबो’ आई थी. अध्यक्षता कर रहे डॉ नीरज सिंह ने मातृभाषा को संकीर्ण दायरे से बाहर निकालकर उसके महत्त्व को स्थापित करने की बात की. उपस्थित लोगों में डॉ चन्द्रशेखर सिंह, सुभाष चन्द्र सिंह,

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जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का घेराव महाशिवरात्रि को भी जारी रहा

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | राजधानी पटना में शुक्रवार 21 फरवरी को बर्खास्त शिक्षकों की बर्खास्तगी वापस लेने, जिन शिक्षकों पर FIR हुआ है, FIR वापस लेने एवं शो कॉज का पत्र निरस्त करने तथा पुराने शिक्षकों की तरह नियोजित शिक्षकों को वेतनमान पुराना सेवा शर्त लागू करने राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग सहित सात सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को भी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का घेराव सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक किया गया. इसमें हजारों शिक्षक धरने पर बैठे रहे एवं अपनी मांगों के समर्थन में नारा लगाते रहे. शुक्रवार के विशेष कार्यक्रम में शिवरात्रि होने के नाते घेराव में आए सभी शिक्षकों ने अपना शिवरात्रि पर्व वही मनाया और मांगे पूरी होने की मंशा को लेकर हवन पूजा भी किया. कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख रूप से बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक श्री ब्रजनंदन शर्मा ने संबोधित करते हुए कहां की हमारी मांगे कोई नई नहीं है. हमारा मात्र इतना कहना है कि जो शिक्षकों को 30 वर्ष पहले वेतनमान दिया गया था, वही वेतनमान एवं पुराना जो सेवा शर्त बना हुआ है वहीं सेवा शर्त और सारी सुविधाएं हमारे नए शिक्षकों को भी दिया जाए हमारी लड़ाई इसकी है. और जब तक यह मिल नहीं जाएगा, पुरानी पेंशन योजना या अनुकंपा के आधार पर शिक्षकों के नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. हम अब पीछे हटने वाले नहीं हैं और सरकार के बर्खास्तगी और शो कॉज और एफ आई आर जैसे विभागीय कुकृत्य

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10th के छात्र-छात्राओं को स्कूल ने दिया फेयरवेल

आरा. परीक्षा ऐसा शब्द है जिसका नाम सुनते ही दिमाग तनाव से घिर जाता है. लाख तैयारियों के बाद भी एकाग्रता चंचलता में बदल जाती है और ऐसा लगता है जैसे जल्दी से बस यह परीक्षा खत्म हो जाये. अंदर की घबराहट और इस डर को खत्म करने के साथ विद्यार्थियों को बुस्ट-अप करने के उद्देश्य से एक फेयरवेल का आयोजन सम्भावना स्कूल ने किया. संभावना आवासीय उच्च विद्यालय ने इसमें केन्द्रीय माध्यमिक परीक्षा-2020 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया और फेयरवेल के साथ-साथ उनकी काउंसिलिंग भी की. यह कार्यक्रम मझौवाँ स्थित विद्यालय प्रांगण में किया गया. काउंसिलिंग सह फेयरवेल कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षा 2020 के परीक्षार्थियों को सम्बोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों को अपने भविष्य को सफल बनाने का पहला एवं अहम पड़ाव है. यहीं से तय होता है कि भविष्य में हमें क्या बनना है या क्या करना है. उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी विद्यालय की परम्पराओं का निर्वहन करते हुए अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर होकर उस पड़ाव को सफलतापूर्वक पार करेंगें. डॉ. अर्चना ने परीक्षार्थियों को इस परीक्षा को लेकर अनेको सुझाव दिये तथा परीक्षार्थियों को उनके भावी जीवन के लिए अनेको शुभकामनायें भी दी. इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. द्विजेन्द्र ने बोर्ड परीक्षा 2020 में शामिल होने वाले सभी छात्र – छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के लिए तथा परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने छात्र-छात्राओं को समय

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मैट्रिक परीक्षार्थियों की भीड़ से शहर जाम, यातायात सुधारने में प्रशासन नाकाम

अपने ही आदेश को लागू कर जाम हटाने में प्रशासन विफल आरा, 18 फरवरी. कभी शाहाबाद का मुख्यालय रहने वाला आरा आजकल जाम का मुख्यालय बना हुआ है. वैसे तो आये दिन ही आरा की हर सड़के जाम रहती है,लेकिन परीक्षा और कुछ खास मौकों पर जाम देखने लायक होता है. लगता है जैसे सारी व्यवस्था ही ठप्प पड़ गयी है. फिलहाल मैट्रिक परीक्षा के कारण जिला मुख्यालय जाम का केंद्र बना हुआ है. आलम यह है कि इस जाम का समाधान किसी के पास नही दिख रहा है. इस महाजाम ने परीक्षा देने वालों से लेकर उन्हें परीक्षा दिलाने वालों, डॉक्टर से लेकर मरीज, जमादार से लेकर दफादार, अफसर से लेकर कर्मचारी, दुकानदारों से खरीदारों और सड़क छाप मजनुओं का भी पसीना छुड़ा दिया हैं. बताते चलें कि जिला प्रशासन हर ऐसे परीक्षाओं और खास मौकों पर शहर के यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चालू रखने के लिए दावा करता है और एक आदेश भी निकालता है लेकिन बावजूद इसके इनके रुट प्लान का मटियामेट यहां की जनता कर देती है. पूरे जिलेवासी जाम के हत्थे चढ़ जाते हैं. लेकिन प्रशासनिक आदेश को तोड़ने वालों पर पुलिस न तो कार्रवाई करती है और न ही कोई कारण जानना चाहती है. सोमवार को पहले दिन ही परीक्षार्थियों की भीड़ से हर स्कूल के पास जाम की स्थिति बनी रही. दोपहर में पहली पाली की समाप्ति के बाद तो आलम यह था कि गोला से लेकर नवादा, महादेवा से लेकर बाबू बाजार, और मठिया से लेकर महाराजा कॉलेज तक जाम

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कुछ यूँ किया गया याद भोजपुरी के अनमोल हीरे को

आरा. वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के पी जी भोजपुरी विभाग के दुर्गा शंकर सिंह नाथ सभागार में नगर के चर्चित भोजपुरी साहित्यकार हीरा ठाकुर का स्मृति दिवस मनाया गया. ज्ञात हो कि हीरा ठाकुर इसी शहर में आर एम एस में डाककर्मी के रूप में पदस्थापित थे. इन्होंने अपने जीवनकाल में 125 के लगभग भोजपुरी किताबें लिखी जिनमें साहित्य की हर विधा शामिल है. कार्यक्रम का संचालन भिखारी ठाकुर आश्रम, कुतुबपुर के रामदास राही ने किया. आये हुए अतिथियों का स्वागत विभागाध्यक्ष दिवाकर पांडेय ने किया. उन्होंने अपने सम्बोधन में हीरा ठाकुर की लेखन शैली की चर्चा करते हुए कहा कि उनका साहित्य की हर विधा पर समान रूप से अधिकार था, विशेषकर भोजपुरी में बाल साहित्य के लेखन में उनका योगदान अतुलनीय है. साथ ही दिवाकर पांडेय जी ने कहा कि ऐसे आयोजन विभाग में अब लगातार होंगे और यह विभाग भोजपुरी के प्रोत्साहन में सदैव अग्रणी रहेगा. कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के छात्र गणेश उपाध्याय ने बटोहिया गीत गाकर की. अनिल कुमार सिंह ने हीरा ठाकुर द्वारा रचित हनुमान वंदना की सुमधुर प्रस्तुति दी. साहित्यकार जगत नंदन सहाय ने कहा कि हीरा ठाकुर की सम्पूर्ण रचनाओं का मूल्यांकन अभी बाकी है. भोजपुरी रचनाकार के डी सिंह ने हीरा ठाकुर के साथ अपने संस्मरणों को साझा किया. कथाकार कृष्ण कुमार ने बताया कि हीरा ठाकुर और अन्य साहित्यकारों की रचना अब भोजपुरी साहित्यांगन वेबसाइट पर उपलब्ध है. गायत्री सहाय, ममता मिश्र, प्रभा शंकर, रामदास राही तथा हीरा ठाकुर के पुत्र राजकुमार जी ने हीरा ठाकुर से जुड़े संस्मरणों

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मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से, जूता पहने तो नही दे पाएंगे परीक्षा

जूता-मोजा और मीडिया कर्मियों के साथ मोबाइल,ब्लूटूथ, व्हाट्सएप आदि टेक्नोलॉजी के उपकरण पर बैन 36 परीक्षा केन्द्रों पर 49561परीक्षार्थियों के लिए 103 दंडाधिकारी तथा 80 पुलिस पदाधिकारी नियुक्त जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना भी की गई है जिसका दूरभाष संख्या 06182-248701 है. आरा, 16 फरवरी. 17 फरवरी यानि सोमवार से प्रारम्भ होने वाले वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2020 का स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त परीक्षा के संचालन हेतु जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार द्वारा विधि व्यवस्था संधारण के निमित्त 103 दंडाधिकारी तथा 80 पुलिस पदाधिकारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है. जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि परीक्षा हर हाल में शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त होगी तथा कदाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. परीक्षा के सफल आयोजन हेतु उन्होंने सभी दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ कृषि भवन सभागार में शनिवार को ब्रीफिंग की तथा परीक्षा के सफल ,शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त संचालन हेतु प्राप्त निर्देश का सख्ती से अनुपालन करने को कहा. वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 17 फरवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी तक 2 पालियों में संपन्न होगा. प्रथम पाली 9:30 बजे पूर्वाह्न से 12:45 बजे अपराहन तक एवं द्वितीय पाली 1:45 बजे अपराहन से 4:30 अपराहन तक संचालित होगी. इसके लिए भोजपुर जिला में 36 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें कुल 49561 परीक्षार्थी शामिल होंगे. प्रथम पाली में 23647 परीक्षार्थी तथा द्वितीय पाली में 25914 परीक्षार्थी शामिल होंगे. आरा अनुमंडल क्षेत्र में 25 परीक्षा केंद्र, जगदीशपुर अनुमंडल क्षेत्र में तीन, बिहिया में 3 परीक्षा केंद्र एवं

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बिहार प्रारंभिक शिक्षक नियोजन प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से स्थगित; शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्र

पटना (राजेश कुमार) | बिहार प्राथमिक शिक्षक नियोजन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जा रहा है. बिहार शिक्षा विभाग के अपर सचिव अरशद फिरोज ने सभी नियोजन इकाइयों के अध्यक्षों एवं सदस्य सचिव को आवश्यक कार्यवाही के लिए पत्र प्रेषित किया है. शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी पत्र जारी कर यह सूचित किया है कि जितने भी नियोजन प्रक्रिया चल रही है उसे तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए. गौरतलब है कि माननीय उच्च न्यायालय ने 21 जनवरी 2020 को एक आदेश पारित किया था जिसमें एनआईओएस डीएलएड किए हुए सभी छात्रों को नियोजन प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश दिया था. हालांकि शिक्षा विभाग ने विधि विभाग से परामर्श मांगी है, साथ ही साथ शिक्षा विभाग ने एनसीटीई से भी एक परामर्श मांगा है कि क्या एनसीटीई माननीय उच्च न्यायालय के उस आदेश को क्या वह डिवीजन बेंच में जाएगी या नहीं.

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हार्ट अटैक, लकवा और ब्रेन हेमरेज से बचने का उपाय बता रहे हैं डॉक्टर, मुफ्त में बांट रहे ‘जिंदगी’

जानकारी के अभाव में बढ़ रहे हर्ट अटैक के मरीज बचाव के लिए उपाय सुझाये, मरीजों ने कहा यहीं असली भगवान आरा,10 फरवरी. डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है. लेकिन, जिस तरह आकाश के भगवान का बाजारीकरण हुआ है. धर्मांधता के अंधदौड में जहां भगवान को छोड़ व्यक्ति पूजा की प्रधानता हो गयी है. ठीक वैसे ही धरती के भगवान ‘डॉक्टर’ भी बाजार से प्रभावित होकर मरीजों की सेवा नहीं बिजनेस करने लगे हैं. फिर भी यह बात गौर करने योग्य है कि जैसे हम कभी मरने से बच जाएं या अचानक हमारे साथ कोई चमत्कार हो जाय तो भगवान बर्बस याद आ जाते हैं. वैसे ही जब गंभीर बीमारी से बचा लें तो डॉक्टर में भी कई बार भगवान दिखते हैं. वैसे तो इस पेशे में आने से पहले डॉक्टर शपथ लेते हैं कि वे सबसे पहले मरीज की जान बचाने, उन्हें सेहतमंद करने के लिए प्रयास करेंगे. लेकिन आज के इस अर्थयुग में डॉक्टर के यहां मरीजों से पहले रुपये की बात की जाती है. रोग के लिहाज से एडवांस में रुपये जमा कराए जाते हैं. कई बार तो ऐसा भी सुनने में आता है कि मरीज को पैसे के अभाव में बंधक बना लिया जाता है. कई मरीज इलाज के बगैर दम तोड़ देते हैं. लेकिन, आज भी कुछ ऐसे डॉक्टर हैं जो पैसे के लिए नहीं बल्कि सेवा के लिए जी रहे हैं. उन्ही में से एक हैं डॉ रणजीत कुमार सिंह. न्यूरो रोग विशेषज्ञ डॉ रणजीत कुमार देश के सबसे बड़े अस्पतालों दिल्ली

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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे सभी नियमित एवं नियोजित प्राथमिक शिक्षक

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | आगामी 17 फरवरी 2020 से पुराने शिक्षकों की तरह नियोजित शिक्षकों को वेतनमान पुराना सेवा शर्त एवं सारी सुविधाएं सहित सात सूत्री मांगों के समर्थन में बिहार के सभी नियमित एवं नियोजित शिक्षकों ने अपनी शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित कर अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने की घोषणा पर आज बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के सभी जिला अध्यक्षो एवं प्रधान सचिवो ने अपनी मुहर लगा दी.रविवार को बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ कार्यालय भुनेश्वर शिक्षक सेवा सदन में प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर संघ के राज्य अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा की अध्यक्षता में बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के सभी 38 जिलों के जिला अध्यक्षो एवं प्रधान सचिवों सहित राज्य कार्य समिति के सदस्यों पदाधिकारियों की बैठक हुई जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 17 फरवरी से बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति द्वारा घोषित हड़ताल की घोषणा के समर्थन में बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ से जुड़े सभी कोटी के प्राथमिक शिक्षक शत प्रतिशत हड़ताल में जाएंगे. बैठक को संबोधित करते हुए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सह बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के राज्य संयोजक ब्रजनंदन शर्मा ने कबीर का दोहा – “कबीरा खड़ा बाजार में लिए लुकाटी हाथ जो घर जारे आपना चले हमारे साथ” – पढ़ते हुए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में उपस्थित सभी जिला अध्यक्षो प्रधान सचिवो को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने 17 फरवरी 2020 से हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है. शिक्षक आंदोलन चल

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डॉ प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर ने शुरू किया फ्रेंचाइजी चेन

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | डॉ प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर पैथोलॉजी सर्विस के क्षेत्र में एक जाना माना नाम है. जिसके पास है अत्याधुनिक तकनीक एवं मशीन से लैस अपना पैथोलॉजी लैब. जहां 24×7 ट्रेंड लैब टेक्निशियन बेहद कम समय में खून या दूसरे जांच सैंपल का परीक्षण कर तैयार करते हैं एक विश्वसनीय जांच रिपोर्ट. पहले मरीजों के खून या दूसरे सैंपल जांच के लिए राज्य के बाहर भेजना पड़ता था. लेकिन डॉ प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर ने इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर बिहार में विश्वस्तरीय पैथॉलोजी सेवाएं उपलब्ध कराई हैं. अब यह जांच एक छत के नीचे आसानी से कम खर्च और कम समय में हो जा रही है. यह बिहार के मरीजों के लिए एक बड़ी सुविधा है. पहले इस तरह के जटिल जांच के लिए मरीजों को या तो बिहार से बाहर जाना पड़ता था या फिर उन लैब्स पर निर्भर रहना पड़ता था जो जांच के लिए मरीजों के सैंपल्स को बिहार के बाहर भेजते थे. इसका प्रतिकूल असर मरीज पर पड़ता था. रिपोर्ट मिलने में देरी होने के कारण सही समय पर इलाज शुरू नहीं हो पाता था. जिससे कई बार बिमारी गंभीर हो जाती थी या फिर कई मामलों में मरीज की आकस्मिक मौत तक हो जाती थी. हमारे संस्थान ने बिहार में कैंसर जैसे गंभीर बीमारियों के जांच सही समय पर कम खर्च में प्रदान कर मानव सेवा की दिशा में एक अहम पहल की है. अब यह लैब अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाने की दिशा

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