मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान के दिन भी चलेंगी सिटी बसें

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | मतदाताओं की सुविधा के लिए 19 मई, रविवार को भी बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की सिटी बसों का परिचालन जारी रहेगा. शहर में एक जगह से दूसरे जगह मतदान के लिए जाने वाले मतदाताओं को असुविधा न हो इसके लिए सिटी बसों को विभिन्न रूटों पर पूर्व की तरह चलाने का निर्णय लिया गया है. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मतदान के दिन वाहनों के कम परिचालन की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. विगत वर्षों में बस और अन्य वाहनों का परिचालन बंद रहता था. इस बार मतदाताओं कि सुविधा का ख्याल रखते हुए सभी रूटों पर सिटी बसों का परिचालन किए जाने का निर्णय लिया गया है. निर्धारित किराया देकर सिटी बस सेवा के किसी भी रूट पर सफर कर सकते हैं.बतातें चलें कि पटना साहिब व पाटलिपुत्र लोकसभा का मतदान रविवार 19 मई को है. मतदान के दिन सिटी बसों का परिचालन होने से मतदाताओं को काफी राहत मिलेगी. मतदान या अन्य इमरजेंसी सेवा के लिए बस द्वारा एक जगह से दूसरी जगह आराम से जा सकते हैं. लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं की अधिक से अधिक भागीदारी हो और वोटिंग का प्रतिशत बढ़े इसके लिए नगर बस सेवा के माध्यम से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम मतदाताओं को जागरूक भी कर रहा है. शहरवासियों को जागरुक बनाने के लिए नगर बस सेवा के सभी बसों में मतदाता जागरुकता संबंधित एक से एक आकर्षक पोस्टर चस्पाया गया है. “है यह सबकी जिम्मेदारी डालें वोट सभी

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लोकपाल की वेबसाइट का उद्घाटन

नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) | लोकपाल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष ने बृहस्पतिवार को लोकपाल के सभी सदस्यो की उपस्थिति में लोकपाल की वेबसाइट का उद्घाटन किया. इस अवसर पर एनआईसी की महानिदेशक श्रीमती नीता वर्मा भी उपस्थित थीं.इस वेबसाइट का निर्माण राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र(एनआईसी) ने किया है और इसमें लोकपाल के संचालन और कार्यपद्धति संबधी आधारभूत जानकारी प्रदान की गई है. यह वेबसाइट http:// lokpal.gov.in पर देखी जा सकती है.लोकपाल स्वतंत्र भारत में अपनी प्रकार का पहला संस्थान था, जिसकी स्थापना लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 के अंतर्गत की गई है. यह इस अधिनियम के कार्यक्षेत्र और सीमा में आने वाले लोक सेवको के विरूद्ध भष्ट्राचार के आरोपो की जांच और विवेचना करेगा.केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष को लोकपाल का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया था, जिन्हें 23 मार्च 2019 को राष्ट्रपति ने पद की शपथ दिलाई. सरकार ने इसके साथ ही चार न्यायिक और गैर-न्यायिक सदस्यो की नियुक्ति भी की. लोकपाल का अस्थायी कार्यालय वर्तमान में नई दिल्ली स्थित होटल अशोक से कार्यरत है. लोकपाल के संदर्भ में नियमो को अधिसूचित करने और शिकायत स्वीकार करने के लिए नियमावली की प्रक्रिया तैयार की जा रही है. 16 अप्रैल, 2019 तक प्राप्त सभी शिकायतो का लोकपाल कार्यालय द्वारा निरीक्षण किया गया और इन्हें निपटाया गया. इस अवधि के पश्चात मिली शिकायतो का परीक्षण किया जा रहा है.

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भारत वैश्विक आपदा न्यूनीकरण और स्थिति बहाली समूह (जीएफडीआरआर) की सहअध्यक्षता करेगा

नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) | भारत को वित्तआ वर्ष 2020 के लिए वैश्विक आपदा न्यूसनीकरण और स्थिति बहाली समूह (जीएफडीआरआर) का सर्वसम्मवति से सहअध्य क्ष चुना गया है. ये फैसला जीएफडीआरआर के सलाहकार समूह की आज स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुई बैठक में लिया गया. अफ्रीकी कैरिबियाई और प्रशांत समूह के देशों, यूरोपीय संघ और विश्वन बैंक ने सलाहकार समूह बैठक की सहअध्याक्षता की. जीएफडीआरआर, यूएनडीआरआर और यूरोपीय संघ के साथ मिलकर 13 से 14 मई, 2019 तक विश्व पुर्नसंरचना सम्मेआलन के चौथे संस्कसरण का भी आयोजन करेगा. जीएफडीआरआर एक वैश्विक साझेदारी वाला संगठन है जो विकासशील देशों को प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रिभावों से निपटने में मदद करता है. जीएफडीआरआर विश्व बैंक द्वारा प्रबंधित एक ऐसा संगठन है जो दुनिया भर में आपदा जोखिम प्रबंधन परियोजनाओं के लिए वित्ती.य मदद देता है. यह वर्तमान में 400 से अधिक स्थानीय, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ काम कर रहा है और उन्हें ज्ञान, वित्त पोषण और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है. भारत 2015 में जीएफडीआरआर के सलाहकार समूह का सदस्य बना और अक्टूबर 2018 में आयोजित समूह की अंतिम बैठक की सह-अध्यक्षता करने की इच्छाम व्यक्त की थी. देश में आपदा जोखिम में कमी लाने में निरंतर प्रगति तथा इसके लिए अनुकूल अवसंरचना विकसित करने के लिए साझेदारी की पहल को ध्यारन में रखते हुए सहअध्य क्षता के लिए भारत की उम्मीसदवारी का समर्थन किया गया. यह देश को आने वाले समय में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एजेंडा को आगे बढ़ाने की दिशा में सक्रिय योगदान के

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वह ‘गाँव’ जहाँ एक ही चापाकल से चलता है काम…

एकौना- जहां एक चापाकल से पूरे गांव का काम चलता है आरा, 14 मई. गंगा से गंगोत्री तक पिछले पांच सालों में 4 बार पैदल और साइकिल से यात्रा कर चुके प्रख्यात कवि, लेखक और पत्रकार निलय उपाध्याय निरन्तर जल को लेकर चिंतित हैं. उनकी यात्राएँ प्रकृति को उसके मूल रूप में लाने के लिए है. उन्होंने अभी हाल में भोजपुर के संगम बिंदगांवा से लेकर बक्सर तक गंगा के तटीय इलाकों का भ्रमण किया और आर्सेनिक की समस्या को लेकर लोगों की समस्याओं से रूबरू हुए और लोगों को जागरूक किया. उनकी इस यात्रा से मिले अनुभवों को हम आपके सामने हर दिन लाने की कोशिस करेंगे. आज जानिए भोजपुर में बसे उस गांव की दास्तान जहां पूरे गांव का काम मात्र एक चापाकल के भरोसे ही चलता है.. patna now Exclusive समय से हम एकौना आ गए। एक मोटर सायकिल और तीन लोग। सडक ठीक थी और कहीं कहीं इतनी खराब कि कहना मुश्किल।उपर से समान और आर्सेनिक का पर्चा भी। राह में पर्चा बांटते आए। जो मिला बात करते आए। हर जगह आर्सेनिक का हाल पूछते आए। एक ही किस्सा दुहराया जाता। बर्तन में रात भर पानी छोड दो तो पीला हो जाता है। इस पानी से कपडा साफ़ नहीं होता। इलाज कराने गए तो कैंसर निकल गया। और अंत में आप ही बताईए न हम क्या करे? पेड पौधों में नेताओं की तरह गजब की हरियाली थी मगर अभिशप्त। खेत कटने के बाद खलिहान लदे थे और दाने भी पुष्ट थे पर आरसेनिक का शाप उन्हें

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आरा में वोट बहिष्कार !

2 सालों से जल-जमाव की समस्या से परेशान वार्ड 15 की जनता ने अजीज आकर लिया निर्णय आरा, 14 मई. लोकतंत्र का आधार जनता को माना जा जाता है और यही जनता जिसे चुनती है वही नेता और मंत्री बन बनता है, लेकिन विडंबना देखिए कि जीतने के बाद अपने वादों से मुकर जाते जनता द्वारा चुने गए जब प्रतिनिधि तो जनता भी चुनाव महापर्व के आते ही उन्हें सबक सिखाती है वोट बहिष्कार कर. ऐसी ही सबक आरा के कश्यप नगर निवासियों ने सिखाने ठानी है. आरा के चंदवा स्थित वार्ड नंबर 15, में पड़ता है कश्यप नगर. सड़क पर गुजरते ही आपको एक बोर्ड दिखेगा जिसपर वोट-बहिष्कार की बातें लिखी हुई है. यह बोर्ड राहगीरों का अनायास ही ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है. कारण है लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व का बहिष्कार. लोगों की माने तो मुहल्ले में विगत 2 वर्षों से नाली और रोड की स्थिति नरकीय बनी हुई है. मुहल्ले वासियों ने इस समस्या को दूर करने के लिए जनप्रतिनिधि से लेकर नगर निगम तक कई बार गुहार भी लगाई, लेकिन ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हुई. रोड से लेकर मुहल्ले तक जलजमाव व बजबजाती नालियों से नरकीय स्थिति ज्यों का त्यों आज भी बनी हुई है. इसलिए चुनाव आते हैं मोहल्ले वासियों ने यह ठान लिया कि जब तक उनके इस समस्या का निजात नही होता वे 19 मई को होने वाले चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे. अपने इस निर्णय को लोगो ने सार्वजनिक रूप से एक बोर्ड बनाकर लगा दिया

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डीआरडीओ ने सफलतापूर्वक किया ‘अभ्यास’ उड़ान का परीक्षण

नई दिल्ली / पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आज ओडिशा स्थित चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण केंद्र ‘अभ्यास’- हाई स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टार्गेट (हीट) उड़ान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. इस उड़ान की विभिन्न रडारों एवं इलेक्ट्रो-ऑप्टिक प्रणाली के जरिए निगरानी की और इसने स्वत: दिशा निर्धारित करने के अपने प्रदर्शन को साबित किया है. ‘अभ्यास’ एक छोटे गैस टरबाइन इंजन पर काम करता है और यह अपने नेविगेशन और दिशा निर्देश के लिए स्वदेशी रूप से विकसित एमईएमएस आधारित नेविगेशन प्रणाली का उपयोग करता है. यह एक बेहतरीन एयरक्राफ्ट है जो नवीन तकनीक का उदाहरण है और देश की रक्षा प्रणाली को मजबूती देगा.

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अब पटना होगा रोबोटिक तकनीक से नी-ट्रांसप्लांट करने वाला इंडिया का दूसरा केंद्र

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | मेडिकल साइंस में लगातार हो रहे नए नए तकनीकी अविष्कारों के बीच बिहार की राजधानी पटना में भी इसका आगाज देखने को मिल रहां है. यहां अनुप इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन (AIOR) ने स्ट्राइकर्स मैको रोबोटिक आर्म असिस्टेड यानि आंशिक घुटना एवं सम्पूर्ण कूल्हा ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को लेकर रविवार को पटना के लेमन ट्री होटल में एक कार्यशाला का आयोजन किया. इस कार्यशाला में रोबोटिक तकनीक से आंशिक घुटना एवं सम्पूर्ण कूल्हा प्रत्यारोपण के बारे में बताया गया. ज्ञातव्य है यह सुविधा जल्द ही AIOR के द्वारा पटना में शुरू की जा रही है जो इंडिया का दूसरा सेंटर होगा. क्या है यह रोबोटिक तकनीकरोबोटिक आर्म असिस्टेंट सर्जरी जोड़ों के प्रतिस्थापन का एक नया तरीका है जो मरीज के अनुसार इम्प्लांट अलाइनमेंट और पोजिशनिंग के उन्नत स्तर की संभावनाओं को पेश करता है. यह तकनीक सर्जनों को रोगी आधारित 3D प्लान बनाने का अवसर देता है और उन्हें नियंत्रित रोबोटिक आर्म प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हुए जोड़ों के प्रतिस्थापन की सर्जरी का मौका देता है जो सर्जन को उच्च स्तर की सही प्रक्रिया के निष्पादन में मदद करता है. हॉस्पिटल के डॉक्टर ने कहा “मैको जोड़ों के प्रतिस्थापन की सर्जरी की प्रक्रिया में बदलाव ला रहा है. वर्चुअल 3D मॉडल का इस्तेमाल करते हुए, मैको पद्धति सर्जन को हर मरीज के अनुसार ऑपरेशन के पूर्व विशेष सर्जिकल योजना बनाने का मौका देती है ताकि ऑपरेशन रूम में प्रवेश करने के पूर्व सर्जन के पास प्रतिस्थापन की एक स्पष्ट योजना होगी. सर्जरी के दौरान सर्जन उस

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बोर्ड परीक्षा में 86% या अधिक अंक लाने वाली छात्राओं को सीधे निःशुल्क प्रवेश

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | राज्य की मेधावी छात्राओं में प्रतिस्पर्धा जगाने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए डॉ0 डी वाई पाटिल पुष्पलता पाटिल इंटरनेशनल स्कूल ने कक्षा 11 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को निःशुल्क प्रवेश देने की घोषणा की है. इस तरह की घोषणा से उन छात्राओं को आगे पढ़ने व बढ़ने का मौका मिलेगा जो सपने तो देखती है, मगर आर्थिक तंगी के कारण उन सपनों को साकार नही कर पाती. उन्हें अपने सपनों को भुल कर मायूसी में जीना पड़ता है और किसी के आगे हाथ फैलाना पड़ता है. जी हाँ, राजधानी पटना स्थित बिहार के पूर्व राज्यपाल डॉ0 डी.वाई.पाटिल के संरक्षण में चल रहे डॉ0डी वाई पाटिल पुष्पलता पाटिल इंटरनेशनल स्कूल ने कक्षा 11 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को निःशुल्क प्रवेश देने की घोषणा की है. विद्यालय के निदेशक डॉ0 सी0 बी सिंह और प्राचार्या श्रीमती राधिका के ने संयुक्त रूप से बताया कि स्व0 पुष्पलता पाटिल की इच्छा थी कि छात्राओं के लिए कुछ अगल करें, जो गरीबी के कारण पढ़ नही पाती. उनके नाम से संचालित विद्यालय में यह सुविधा संस्थापिका के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है. उन्होंने बताया कि उनके मन में नारी शिक्षा और उनके सशक्तिकरण की प्रबल लालसा थी. उन्होंने बताया कि दशम की बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले सभी छात्रों के विद्यालय में निःशुल्क प्रवेश की सुविधा पूर्व से ही प्राप्त है. ये सभी सुविधाएँ 31 मई तक प्राप्त की जा सकेंगी. बालिकाओं को कुछ अन्य सुविधाएं मसलन पुस्तके, यूनिफार्म, वार्षिक शुल्क में छूट देने का

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बिहार में रोबोट की सहायता से होगा कूल्हा और घुटने का प्रत्यारोपण

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | पटना में बहुत जल्द रोबोट की मदद से कूल्हा, घुटना व ज्वाइंट रिप्लेसमेंट की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी. राज्य में पहली बार 12 मई को ऑर्थोपेडिक चिकित्सक इस रोबोटिक-आर्म असिस्टेड सर्जरी सिस्टम को देख सकेंगे. 12 मई को पटना के होटल लेमन ट्री में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया है. इस संगोष्ठी में इस रोबोटिक मशीन का विमोचन किया जायेगा. इस संगोष्ठी में करीब सौ से अधिक हड्डी रोग विशेषज्ञ शिरकत करेंगे. यह संगोष्ठी अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ़ आर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन द्वारा कराया जायेगा. यह जानकारी पद्मश्री डॉ. आर एन सिंह और डॉ. आशीष सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में दी. डॉ. आशीष सिंह ने बताया कि इस रोबोट मशीन की मदद से घुटना, जोड़ और कूल्हे का प्रत्यारोपण में रिजल्ट काफी बेहतर मिलता है. सारा काम रोबोटिक मशीन करता है, जबकि डाॅक्टर सिर्फ गाइड करते हैं. अभी तक कंप्यूटर गाइडेड प्रत्यारोपण होता है. अब रोबोट गाइडेड प्रत्यारोपण हाेगा. यह मशीन अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ़ आर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन इंस्टाल करने जा रहा है. उन्होने बताया की करोड़ो की लागत से नॉर्थ इंडिया में पहली बार रोबोट की मदद से ऐसी सर्जरी की जाएगी.डॉ. आशीष ने आगे बताया कि प्रत्यारोपण के दौरान हड्डी को कितना काटना है, कैसे काटना है, यह सब रोबोट तय करता है. इस कारण इसका रिजल्ट काफी बेहतर मिलता हैं. प्रत्यारोपण के बाद हड्डी कितनी मुड़ेगी, इसकी भी जानकारी मशीन से प्राप्त हो जाती है. इस प्रक्रिया में कुल खर्च सामान्य सर्जरी की तुलना में सिर्फ 10% अधिक लगता है. हालांकि इस

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चला गया परीक्षा देते-देते हॉकिंग्स जैसा जीनियस, तीन विषयों में 100 के करीब अंक

पटना / नोएडा (ब्यूरो रिपोर्ट) | उनके भी आसमान में उड़ने के सपने थे. वे अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनकर दुनिया को देखना चाहते थे. लेकिन नियति और ही मंजूर था. 26 मार्च को उनका 16 साल की उम्र में ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी नामक बीमारी से निधन हो गया. हम बात कर रहे हैं नोएडा सेक्टर-44 स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में दसवीं में पढ़ने वाले छात्र 16 वर्षीय विनायक श्रीधर का. उन्होंने हाल ही में हुए सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में हिस्सा लिया था. तीन विषयों के पेपर भी दिए थे. चौथे पेपर में बैठने से पहले 26 मार्च 2019 को उनका देहांत हो गया. गत सोमवार को सीबीएससी द्वारा जारी किये गए परिणामों में उनको अंग्रेजी में 100, विज्ञान में 96 और संस्कृत में 97 अंक मिले. बाकि, कंप्यूटर साइंस और सोशल स्टडीज की परीक्षा नहीं दे पाए थे. विनायक वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिग को अपना आदर्श मानते थे.बताया जाता है कि विनायक जब दो वर्ष के थे, तब से उनको ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी) बीमारी की समस्या थी. दुनिया भर में करीब 3500 बच्चों में से एक बच्चा इस रोग से ग्रस्त होता है. इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है. विनायक के पिता श्रीधर बताते हैं कि इस बीमारी में बच्चा जैसे जैसे बड़ा होता जाता है, यह बीमारी बढ़ने लगती है. पीड़ित के शरीर में कुछ ऐसे जीन पनपते हैं जिनकी वजह से वह मांसपेशियों को स्वस्थ रखने वाला प्रोटीन नहीं बना पाता है. विनायक व्हील चेयर के जरिये ही अपना सब करते थे. विनायक के हाथ भी

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