बिहार में कोरोना पॉजिटिव केस बढ़े

बिहार में मंगलवार को 6 और लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए सरकार की परिस्थितियों पर पैनी नजर, लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है:- मुख्यमंत्री राज्य में जरूरी सामानों की कोई कमी नहीं है, लोगों को खाद्य सामग्री एवं जरूरी चीजें उपलब्ध होती रहेंगी। लाॅकडाउन के कारण बिहार के बाहर फंसे लोगों की हर सुविधाओं का ख्याल रखा जा रहा है बिहार में आज कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 38 तक पहुंच गई है. 6 अप्रैल तक बिहार में कुल 32 कोरोना पॉजिटिव थे. स्वास्थ्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को सीवान से चार और दो लोग बेगूसराय में कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. हालांकि 38 में से अब तक 15 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं. इन सबके बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को 1, अणे मार्ग में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों की अद्यतन स्थिति की मुख्य सचिव एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा की. समीक्षा के क्रम में राज्य में दवाओं, मास्क और अन्य जरूरी इक्यूपमेंट्स की उपलब्धता के संबंध में जानकारी दी गयी. संक्रमित लोगों के इलाज के लिये जरूरी कदम उठाये गये हैं, उनकी उचित देखभाल की जा रही है. कोरोना संदिग्धों की अधिक से अधिक टेस्टिंग करायी जा रही है.संदिग्ध लोगों की स्क्रीनिंग तेजी से करायी जा रही है.समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देेेश देते हुये कहा कि दवाओं, मास्क और अन्य जरूरी इक्यूपमेंट्स की उपलब्धता सुनिष्चित करायी जाय और यह ध्यान रखा जाय कि इसकी कमी न हो.

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सावधान! सोशल डिस्टेन्स पर भोजपुर प्रशासन सख्त, सिर्फ 5 घण्टे ही खुलेंगी दुकाने

आरा,7 अप्रैल. कोरोना संक्रमण के मद्देनजर 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान जरूरी सामानों की खरीद के लिए जिला प्रशासन ने किराना, दूध,सब्जी और दवा जैसी जरूरी चीजों की दुकानों को सुबह 6 बझे से शाम 6 बझे तक खुला रखने का आदेश दिया था. जिला प्रशासन ने दुकानों से खरीदारी करते वक्त सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करने को कहा था, जिससे किसी भी व्यक्ति को यह संक्रमण नही पकड़े. लेकिन सब्जी दुकान हो या किराना या फिर दवा दुकान, हर जगह सोशल डिस्टेनसिंग का लोग मजाक उड़ाते देखे गए. बार-बार पुलिस माइकिंग से अपील के बाद भी जब नही हुआ सोशल डिस्टेनसिंग का पालन तो इसे सख्ती से लागू करने के लिए सदर अनुमंडलाधिकारी ने पुनः एक कड़ा आदेश जारी किया है. इस आदेश के तहत अब जरूरी समानों की खरीदारी के लिए सुबह 6 से 9 बजे तक और शाम में 3 बजे से 5 बजे तक ही दुकाने खुली रहेंगी. साथ ही दुकानों पर सोशल डिस्टेनसिंग मेंटेन नही करने वालों पर पुलिस सख्ती से पेश आएगी. अतः अगर आप दुकानों पर जरुरी समानो की खरीदारी कर रहे हैं तो उक्त बातों का जरूर ध्यान रखें वरना यह चूक आपको भारी पड़ सकती है. आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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तो…9 का मतलब उम्मीदों की आशा !

कोरोना के खिलाफ देशवासियों का दीप वाण आरा/बक्सर, 6 अप्रैल. कोरोना के संकट के बीच लॉक डाउन के दौरान PM मोदी के आह्वान पर देशवासियों ने 9 बजे रात्रि में 9 मिनट तक दीप जलाकर एकता का परिचय दिया.

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धनुपरा में जयप्रकाश चौधरी तो कोइलवर में थाना प्रभारी ने की मदद

भोजपुर (आमोद कुमार) | कोरोना वायरस को लेकर किये लॉक डाउन के कारण मजदूर वर्ग के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मजदूर वर्ग भुखमरी के कगार पर आ गए हैं. ऐसे में आज वैश्विक महामारी ,राष्ट्रीय आपदा करोना की दौड़ मे प्रभारी जदयू विधानसभा ब्रह्मपुर सह जिलाध्यक्ष श्रमिक प्रकोष्ठ जदयू भोजपुर के जयप्रकाश चौधरी द्वारा अपने पैत्रिक गाँव धनुपरा (आरा) में मजदूरों की बस्तियों मे लगभग दो सौ परिवार के बीच अपनी खेती का हरी सब्जियां एवं दो क्विंटल चावल वितरित किया गया.इनके इस पुनीत कार्य में जदयू के मुकेश कुमार एवं जीतेंद्र चंद्रवंशी भरपूर साथ दिया. गौरतलब हो कि पूरे देश एवं प्रदेश की सभी गतिविधियां लॉक डाउन के कारण बंद है. ऐसे मे गरीब मजदूरों के घर भोजन एवं आवश्यक वस्तुओं की समस्या है. हम सभी राजनैतिक समाजिक कार्यकर्ताओं की कर्तव्य होता है कि इस संकट की घडी मे गरीब मजदूर एवं जरुरतमंदों को साथ दें. कोइलवर थाना प्रभारी ने की जरूरतमंदों की मददजहां एक ओर पूरे देश के लोग देश के समर्थन में एकजुट होकर खड़ा है. कोरोना से निपटने के लिये देशवासियों का यह अटूट संकल्प सरहनीय है. वही दूसरी ओर लॉकडाऊन से भूख की एक बड़ी समास्या आ खड़ी हुई है. जिले के कोइलवर थाना क्षेत्र के लगभग 80 प्रतिशत लोगों के घर का खर्चा मजदूरी से चलता है. सभी लोग दैनिक मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते हैं. किन्तु सभी प्रकार के काम स्थगित हो जाने के कारण इनका जीना बेहाल हो गया है. इस विपदा को देखते हुए

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बिहार के मैप के साथ देखिए कोरोना अपडेट

कोरोना केसेज के मामले में बिहार अब तक भाग्यशाली रहा है. यहां 4 अप्रैल तक सिर्फ 32 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. पटना समेत कुछ जिलों में आइसोलेशन वार्ड में मरीजों की मौत को कोरोना से जोड़कर देखा जा रहा है. इसे लेकर बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि हर मौत को कोरोना से जोड़कर देखना उचित नहीं. उन्होंने बताया कि बिहार के मेडिकल कॉलेजों में अलग-अलग वजह से कई लोगों की मौत हुई है, इसलिए इन सभी को कोरोना से जोड़ना कहीं से भी सही नहीं है. आपको बता दें कि 4 अप्रैल 2020 तक बिहार में 32 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इनमें से 3 लोग ठीक हो कर घर जा चुके हैं जबकि मुंगेर के एक मरीज की मौत हुई है.

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कोरोना से जीती जंग: स्वस्थ होकर लौटी घर

शरणम की महिला नर्स ने कोरोना को हरायासंपत चक के मानपुर बैरिया निवासी पिंकी ठीक होकर लौटी घर कोरोना से डरने की नही सावधानी बरतने की जरूरत है – पिंकी पटना ( अजीत ): पटना के खेमनीचक स्थित शरणम अस्पताल की 19 वर्षीय नर्स पिंकी कुमारी जानलेवा कोरोना को हराकर अब बिलकुल स्वस्थ होकर अपने घर लौट आई है. पिछले 9 दिनों से एनएमसीएच में भर्ती पिंकी का फाइनल टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने की खबर उसके परिवार और गाँव मानपुर बैरिया सहित आस पास के इलाके के लोगों के लिए बड़ी राहत और सुकून देने वाली है . पिंकी ने 20 मार्च को मुंगेर के युवक का बीपी नापा था जो एम्स जाने से पहले यहां 20 मार्च को शरणम हॉस्पिटल में इलाज के लिए पहुंचा था. 19 साल की बैरिया की रहने वाली पिंकी एनएमसीएच में भर्ती थी. बता दें कि मुंगेर निवासी कतर से लौटे युवक से जुड़े कोरोना चेन की यह पहली मरीज है, जिसने जानलेवा वायरस से जंग जीत ली है. खतरनाक वायरस कोरोना को हराने वाली पिंकी की माँ आशमा देवी और भाई रोहित व रितेश को उसके घर लौटने पर बड़ी राहत मिली है . पिंकी ने बताया कि उसे जब पता चला कि उसने जिसका बीपी नापा था, उसकी कोरोना से एम्स में मौत हो गई तो उसे विश्वास नहींं हुआ. जब प्रशासन अस्पताल को सील करते हुए उसे और अन्य दो स्टाफ को कोरोना के संदेह में एनएमसीएच ले गयी तो वह डर गयी थी. उसे कोरोना के मरीजोंं के इलाज के

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पटना एम्स से भी अब घर बैठे ले सकते हैं डॉक्टरी सलाह

पटना AIIMS ने जारी किया नंबर रविवार , सोमवार और मंगलवार को 12 से 2 बजे तक बुधवार को 10 से 4 बजे तक लोग फोन करके डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं. बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर है. IGIMS के बाद अब पटना AIIMS ने भी मरीजों के लिए टेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की है. मरीज अस्पताल में कॉल कर विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह ले सकेंगे. मरीज अस्पताल में कॉल कर विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह ले सकेंगे. पटना एम्स में टेलीमेडिसीन के प्रभारी सह इमजेंसी एंड ट्रामा के हेड डॉ अनिल कुमार ने बताया कि ये सेवा दो दिन पूर्व से ही शुरू हो गई थी. पिछले दो दिन में करीब 22 लोगों ने परामर्श लिया है. बक्सर , बेतिया , दानापुर ,फतुहा ,पटनासिटी से फोन पर लोगों ने परामर्श लिया है. अधिकतर लोगों ने कोरोना के संबध में जानकारी. किसी ने गले में खरास तो किसी ने सूखी खांसी के बारे में भी पूछा. उन्होंने बताया कि रविवार और सोमवार को छुट्टी है मगर बारह से दो बजे तक वह खुद रहेंगे. इधर एम्स निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने अधीक्षक डॉ सीएम सिंह को जल्द डाक्टरों का रोस्टर बनाने का आदेश देते हुये बताया कि पिछले दो दिनों में मिला अच्छा रेस्पॅान्स देखते हुये बुधवार से तीन शिफ्ट में दस से चार बजे तक विशेषज्ञ डॉक्टरों से जारी किए गए इस नंबर 6122451923 पर फोन करके परामर्श ले सकते हैं.

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DL, परमिट और रजिस्ट्रेशन जैसे दस्तावेजों की वैधता 30 जून तक बढ़ाई गई

कोरोना वायरस  के कारण हुए लॉक डाउन के कारण परिवहन विभाग ने दी राहत देशभर में 14 अप्रैल तक लगे लॉकडाउन को देखते हुए ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, रजिस्ट्रेशन जैसे दस्तावेजों की वैधता बढ़ा दी गई है. जिनका ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट आदि जैसे डॉक्यूमेंट 1 फरवरी 2020 को एक्सपायर हो गया था उन्हें  30 जून तक कि मोहलत दी गई है. बिहार सरकार के द्वारा इसके लिए आदेश निर्गत कर दिए गए हैं तथा सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को इसके अनुपालन का निर्देश दिया गया है . परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस  के कारण हुए लॉक डाउन के कारण लोगों को हो रही चिंताओं के दृष्टिकोण से यह निर्णय लिया गया है ताकि वे अपने वाहनों के फिटनेस परमिट तथा अन्य कागजातों के लिए अनावश्यक रूप से परेशान ना हों. लॉक डाउन  समाप्ति के बाद परिवहन विभाग विशेष शिविर आयोजित कर इसके लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य करेगा तथा कई सुविधाएं ऑनलाइन भी प्रदान करेगा ताकि लोगों को काम में किसी प्रकार की परेशानी ना हो. परिवहन सचिव द्वारा सभी ट्रैफिक पुलिस एवं सभी परिवहन पदाधिकारियों को इस इसके लिए अनावश्यक रूप से किसी को परेशान ना करने का निर्देश दिया है. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक एडवाइजरी भी जारी कर दी है. एडवाइजरी के अनुसार मोटर वाहन कानून के तहत मान्य गाड़ी के सभी कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन व अन्य दस्तावेज जिनकी वैधता 1 फरवरी 2020 को समाप्त हो

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कोरोना के कारण माप तौल उपकरणों की सत्यापन अवधि बढ़ाई गई

बिहार के कृषि विभाग ने राज्य के व्यवसायियों को बड़ी राहत देते हुए लॉकडाउन की स्थिति में वाट-बटखारों एवं अन्य माप-तौल उपकरणों की सत्यापन अवधि को बढ़ा दिया है. कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के कारण माप-तौल उपकरणों की विधि मान्यता अवधि को अगली तिमाही के लिए बढ़ा दिया गया है. उन्होंने कहा कि जिन माप-तौल उपकरणों की विधि मान्यता 31 मार्च, 2020 तक थी, उनका वार्षिक/ द्विवार्षिक/पंचवर्षीय पुनः सत्यापन अगली तिमाही यानि 1 अप्रैल से 30 जून, 2020 तक कराया जा सकेगा. जनहित में यह भी निदेशित किया गया है कि संबंधित माप-तौल उपकरणों यथा पेट्रोल पम्प, धर्मकाँटा तथा अन्य उपकरणों के उपयोगकर्त्ता के विरूद्ध सत्यापन को लेकर इस अवधि में किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की जायेगी. यह व्यवस्था सिर्फ 1 जनवरी, 2020 से 31 मार्च, 2020 तक सत्यापन/पुनः सत्यापन के निमित माप-तौल उपकरणों के लिए ही लागू होगा. मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के विस्तार को रोकने के क्रम में विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा  14(4) में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान को इस बाबत निदेशित कर दिया गया है.  डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा माप-तौल उपकरणों का वार्षिक/द्विवार्षिक/ पंचवर्षीय पुनः सत्यापन के कार्य में एक साथ अधिक भीड़ इकट्ठा नहीं होने के मद्देनजर ऐसा निर्णय लिया गया है.

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ध्यान से पढ़ें और सुनें, पीएम का ये संबोधन

प्रधानमंत्री का राष्ट्र  के नाम संबोधन नमस्कार ! मेरे प्यारे देशवासियों, मैं आज एक बार फिर, कोरोना वैश्विक महामारी पर बात करने के लिए आपके बीच आया हूं। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का जो संकल्प हमने लिया था, एक राष्ट्र के नाते उसकी सिद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ, पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया। बच्चे-बुजुर्ग, छोटे-बड़े, गरीब-मध्यम वर्ग-उच्च वर्ग, हर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आया। जनता कर्फ्यू को हर भारतवासी ने सफल बनाया। एक दिन के जनता कर्फ़्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर, एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं। आप सभी जनता कर्फ़्यू के लिए प्रशंसा के पात्र हैं। साथियों, आप कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन भी रहे हैं और देख भी रहे हैं। आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है। ऐसा नहीं है कि ये देश प्रयास नहीं कर रहे हैं या उनके पास संसाधनों की कमी है। लेकिन कोरोना वायरस इतनी तेजी से फैल रहा है कि तमाम तैयारियों और प्रयासों के बावजूद, इन देशों में ये चुनौती बढ़ती जा रही है। इन सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है, और एक्सपर्ट्स भी यही कह रहे हैं कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है- Social Distancing. यानि एक दूसरे से दूर रहना, अपने घरों में ही बंद रहना। कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा। कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि social distancing केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं। social distancing हर नागरिक के लिए है, हर परिवार के लिए है, परिवार के हर सदस्य के लिए है। कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच,  आपको, आपके बच्चों को, आपके माता पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को, पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी। अगर ऐसी लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। साथियों, पिछले 2 दिनों से देश के अनेक भागों में लॉकडाउन कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए। हेल्थ सेक्टर के एक्सपर्ट्स और अन्य देशों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए, देश आज एक महत्वपूर्ण निर्णय करने जा रहा है। आज रात 12 बजे से पूरे देश में, ध्यान से सुनिएगा, पूरे देश में, आज रात 12 बजे से पूरे देश में, संपूर्ण Lockdown होने जा रहा है। हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है। देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है। ये एक तरह से कर्फ्यू ही है। जनता कर्फ्यू से भी कुछ कदम आगे की बात, जनता कर्फ्यू से और सख्त। कोरोना महामारी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए ये कदम अब बहुत आवश्यक है। निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी। लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस समय देश में जहां भी हैं, वहीं रहें। अभी के हालात को देखते हुए, देश में ये लॉकडाउन 21 दिन का होगा। आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो, कोरोना वायरस की संक्रमण सायकिल तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है। अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा। अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो कई परिवार हमेशा-हमेशा के लिए तबाह हो जाएंगे। इसलिए बाहर निकलना क्या होता है, ये इन 21 दिनों के लिए भूल जाइए। घर में रहें, घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें। साथियों, आज के फैसले ने, देशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। आपको ये याद रखना है कि घर से बाहर पड़ने वाला आपका सिर्फ एक कदम, कोरोना जैसी गंभीर महामारी को आपके घर ला सकता है। आपको ये याद रखना है कि कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ लगता है, वो संक्रमित है इसका पता ही नहीं चलता। इसलिए ऐहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए। वैसे, जो लोग घर में हैं, वो सोशल मीडिया पर नए-नए तरीकों से, बहुत इनोवेटिव तरीके से इस बात को बता रहे हैं। एक बैनर मुझ भी पसंद आया है। ये मैं आपको भी दिखाना चाहता हूं। कोरोना यानि कोई रोड पर ना निकले। साथियों, एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि आज अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस पहुंचता है तो उसके शरीर में इसके लक्षण दिखने में कई–कई दिन लग जाते हैं। इस दौरान वो जाने–अनजाने हर उस व्यक्ति को संक्रमित कर देता है जो उसके संपर्क में आता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट बताती है कि इस महामारी से संक्रमित एक व्यक्ति सिर्फ हफ्ते–दस दिन में सैकड़ों लोगों तक इस बीमारी को पहुंचा सकता है। यानि ये आग की तरह तेज़ी से फैलता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का ही एक और आंकड़ा बहुत महत्वपूर्ण है। साथियों, दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या को पहले 1 लाख तक पहुंचने में 67 दिन लगे थे। इसके बाद सिर्फ 11 दिन में ही एक लाख नए लोग संक्रमित हो गए। सोचिए, पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में 67 दिन लगे और फिर इसे 2 लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे। ये और भी भयावह है कि दो लाख संक्रमित लोगों से तीन लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैलता है। और जब ये फैलना शुरू करता है, तो इसे रोकना बहुत मुश्किल होता है। साथियों, यही वजह है कि चीन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली-ईरान जैसे देशों में जब कोरोना वायरस ने फैलना शुरू किया, तो हालात बेकाबू हो गए। और ये भी याद रखिए, इटली हो या अमेरिका, इन देशों की स्वास्थ्य सेवा, पूरी दुनिया में बेहतरीन मानी जाती है। बावजूद इसके, ये देश कोरोना का प्रभाव कम नहीं कर पाए। सवाल ये कि इस स्थिति में उम्मीद की किरण कहां है? उपाय क्या है, विकल्प क्या है? साथियों, कोरोना से निपटने के लिए उम्मीद की किरण, उन देशों से मिले अनुभव हैं जो कोरोना को कुछ हद तक नियंत्रित कर पाए। हप्तों तक इन देशों के नागरिक घरों से बाहर नहीं निकले, इन देशों के नागरिकों ने शत-प्रतिशत सरकारी निर्देशों का पालन किया और इसलिए ये कुछ देश अब इस महामारी से बाहर आने की ओर बढ़ रहे हैं। हमें भी ये मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने यही एक मार्ग है- हमें घर से बाहर नहीं निकलना है। चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना है। कोरोना से तभी बचा जा सकता है जब घर की लक्ष्मण रेखा न लांघी जाए। हमें इस महामारी के वायरस का संक्रमण रोकना है, इसके फैलने की चेन को तोड़ना है। साथियों, भारत आज उस स्टेज पर है जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। ये समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है। ये समय कदम-कदम पर संयम बरतने का है। आपको याद रखना है- जान है तो जहान है। साथियों, ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है। जब तक देश में lockdown की स्थिति है, हमें अपना संकल्प निभाना है, अपना वचन निभाना है। मेरी आपसे प्रार्थना है कि घरोंमें रहते हुए आप उन लोगों के बारे में सोचिए, उनके लिए मंगलकामना करिए जो अपना कर्तव्य निभाने के लिए, खुद को खतरे में डालकर काम कर रहे हैं। उन डॉक्टर्स, उन नर्सेस, पैरा-मेडिकल स्टाफ, pathologists के बारे में सोचिए, जो इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिए, दिन रात अस्पताल में काम कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के लोग, एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवर, ward boys, उन सफाई कर्मचारियों के बारे में सोचिए जो इन कठिन परिस्थितियों में दूसरों की सेवा कर रहे हैं। आप उन लोगों के लिए प्रार्थना करिए जो आपकी सोसायटी, आपके मोहल्लों, आपकी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों को sanitize करने के काम में जुटे हैं, जिससे इस वायरस का नामो-निशान न रहे। आपको सही जानकारी देने के लिए 24 घंटे काम कर रहे मीडिया के लोगों के बारे में भी सोचिए, जो संक्रमण का खतरा उठाकर सड़कों पर हैं, अस्पतालों में हैं। आप अपने आस पास के पुलिस कर्मियों के बारे में सोचिए जो अपने घर परिवार की चिंता किए बिना, आपको बचाने के लिए दिन रात duty कर रहे हैं, और कई बार कुछ लोगों का गुस्सा भी झेल रहे हैं। साथियों, कोरोना वैश्विक महामारी से बनी स्थितियों के बीच, केंद्र और देशभर की राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही है। रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए निरंतर कोशिश कर रही हैं। सभी आवश्यक वस्तुओं की supply बनी रहे, इसके लिए सभी उपाय किए गए हैं और आगे भी किए जाएँगे। निश्चित तौर पर संकट की ये घड़ी, गरीबों के लिए भी बहुत मुश्किल वक्त लेकर आई है। केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ समाज के अन्य संगठन, सिविल सोसायटी के लोग, गरीबों को मुसीबत कम हो, इसके लिए निरंतर जुटे हुए हैं। गरीबों की मदद के लिए अनेकों लोग साथ आ रहे हैं। साथियों, जीवन जीने के लिए जो जरूरी है, उसके लिए सारे प्रयासों के साथ ही जीवन बचाने के लिए जो जरूरी है, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी ही पड़ेगी। इस नई महामारी से मुकाबला करने के लिए देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार करने का काम केंद्र सरकार लगातार कर रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, भारत के बड़े चिकित्सा और अनुसंधान संस्थानों तथा स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और सुझाव पर कार्य करते हुए सरकार ने निरंतर फैसले लिए हैं। अब कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए, देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे कोरोना से जुड़ी टेस्टिंग फेसिलिटीज, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट्स, Isolation Beds, ICU beds, ventilators, और अन्य जरूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी। साथ ही मेडिकल और पैरामेडिकल मैनपावर की ट्रेनिंग का काम भी किया जाएगा। मैंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय उनकी पहली प्राथमिकता, सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिए, हेल्थ केयर ही प्राथमिकता होनी चाहिए। मुझे संतोष है कि देश का प्राइवेट सेक्टर भी पूरी तरह से कंधे से कंधा मिलाकर संकट और संक्रमण की इस घड़ी में देशवासियों के साथ खड़ा है। प्राइवेट लैब्स, प्राइवेट अस्पताल, सभी इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरकार के साथ काम करने के लिए आगे आ रहे हैं। लेकिन साथियों, ये भी ध्यान रखिए कि ऐसे समय में जाने-अनजाने कई बार अफवाहें भी फैलती हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि किसी भी तरह की अफवाह और अंधविश्वास से बचें। आपके द्वारा केंद्र सरकार, राज्य सरकार और medical fraternity द्वारा दिए गए निर्देश और सुझावों का पालन करना बहुत जरुरी है। मेरी आपसे प्रार्थना है कि इस बीमारी के लक्षणों के दौरान, बिना डॉक्टरों की सलाह के, कोई भी दवा न लें। किसी भी तरह का खिलवाड़, आपके जीवन को और खतरे में डाल सकता है। साथियों, मुझे विश्वास है हर भारतीय संकट की इस घड़ी में सरकार के, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा। 21 दिन का लॉकडाउन, लंबा समय है, लेकिन आपके जीवन की रक्षा के लिए, आपके परिवार की रक्षा के लिए, उतना ही महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है, हर हिंदुस्तानी इस संकट का न सिर्फ सफलता से मुकाबला करेगा बल्कि इस मुश्किल घड़ी से विजयी होकर निकलेगा। आप अपना ध्यान रखिए, अपनों का ध्यान रखिए। जय हिंद !

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