छठ और सूर्योपासना के मायने

▪️आज जिसकी पूजा का दिन है, वह उन ऋषियों का सूर्य नहीं जिसने उसे सप्ताश्व, मार्तंड और पूषण जैसे वेदोक्त पर्यायों से पुकारा था। यह उन वैज्ञानिकों का सूर्य भी नहीं जो पृथ्वी से उसकी दूरी उसकी किरणों के यात्रा-समय में मापते हैं और अपनी भौतिक जिज्ञासा से प्रेरित होकर यह जान पाने में सफल हो गए हैं कि सूर्य तरल आग और अणुओं-परमाणुओं के बेहद नियंत्रित टूट की प्राकृतिक प्रयोगशाला है! यह उन पंडितों का भी दिन नहीं जिन्हें हम उनके कर्म से अधिक उनके काण्ड से जानते हैं. ▪️यह उन मनुष्यों का दिन है जिन्होंने रात की जानलेवा सुरंग में अपनों और अपने जैसों को खोया था. जिनके लिए आसमान में उगा सोने का गोला एक चमत्कार था और उसका चाँदी जैसी धूप में बदल जाना आकाश का पृथ्वी से प्यार। यह उन पुरखों का दिन है जिनके पास देह को गर्म करने के लिए आग तक नहीं थी।जंगली जाड़े की बेहद ठंडी रातों में तन-मन से ठंडे पत्थरों की गुफा में जीने भर ऊष्मा के लिए दूसरी मानव देह के सिवा और क्या रहा होगा उनके पास ? और क्या रहा होगा सूर्य की ऊष्मा के सिवा जब छोटे दिनों की ठंडी हवाएँ उनके नंगे बदन को चींथकर रख देती होंगी. तब किसे मालूम था कि पेड़ के पत्ते सूर्य के प्रकाश में अपने और अपने इर्द गिर्द बसे जीवों के लिए खाना बनाते हैं; और यह भी किसे पता था कि ऋतु के चक्र का रिंग मास्टर सूर्य ही है और पृथ्वी का गर्भाधान बीज मात्र

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कलिंग इंस्टीच्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) ने वर्ष 2020 का ‘दी अवार्ड्स एशिया’ जीता

कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) डीम्ड विश्वविद्यालय ने 17 नवंबर 2020 को टाइम्स हायर एजुकेशन (टी.एच.ई.) द्वारा घोषित ‘द अवार्ड्स एशिया’ जीता है. के.आई.आई.टी., को ‘वर्कप्लेस ऑफ द ईयर’ (वर्ष का कार्यस्थल) वर्ग में विजेता घोषित किया गया है, इस तरह का मान्यता प्राप्त करने वाला यह भारत का एकमात्र संस्थान है. अपने कर्मचारी और छात्रों के लिए, विशेष रूप से शुरुआती प्रगति या तरक्की एवं अपनी उदारतापूर्ण वचनबद्धता के लिए इसे यह पहचान मिली है. के.आई.आई.टी. को अपने विकेंद्रीकृत शासन के लिए जाना जाता है, जिसमें प्रमुख कर्मचारियों को पर्याप्त स्वायत्तता प्रदान की जाती है और उनके कार्यों को पूरा करने की शक्ति प्रदान की जाती है. यह एकमात्र स्व-वित्तपोषित विश्वविद्यालय है जो परिवारवाद के वर्चस्व से ऊपर है. सभी वरिष्ठ अधिकारी सुप्रसिद्ध शिक्षाविद हैं और उन्हें चुने जाने की प्रक्रिया पारदर्शितापूर्ण है. कर्मचारी-वर्ग एवं फैकल्टी के सभी सदस्यों ने इसका सारा श्रेय अपने संस्थापक, डॉ अच्युता सामंता को दी है. डॉ. सामंता ने वित्तीय और प्रशासनिक दोनों पहलुओं में स्वतंत्रता के साथ बेझिझक काम करने पर बहुत महत्व दिया है. उन्होंने एक माहौल और कार्यसुधारक-प्रणाली बनाई है जहां फैकल्टी और कर्मचारी उन्मुक्त मन से अपना कार्य कर सकते हैं. परिणामस्वरूप, के.आई.आई.टी. अपनी स्थापना के समय से ही छात्रों, माता-पिता, कर्मचारीवर्ग एवं पर्यावरण के अनुकूल परिसर रहा है. यह निर्णायकमण्डल कई अनुभवी व्यक्तित्च को लेकर बनाया गया है, जिन्होंने देश के सैकड़ों संस्थानों का मूल्यांकन किया और छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के बीच गहन सर्वेक्षण करने के उपरांत ही के.आई.आई.टी. को विजेता घोषित किया. pncb

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प्रो. अच्युता सामंता को वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया का अध्यक्ष चुना गया

कंधमाल संसदीय क्षेत्र के सांसद और के.आई.आई.टी. के संस्थापक प्रो. अच्युता सामंता, भारतीय वॉलीबॉल संघ {वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया (वी.एफ.आई.)} के अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने गए. वह वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के इस सर्वोच्च प्रतिष्ठित पद के लिए चुने जाने वाले ओडिशा के पहले व्यक्ति हैं. अब प्रो. सामंता को ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया का सदस्य होने का अधिकार मिला है. यह न केवल ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन के लिए एक महान सम्मान है, अपितु ओडिशा के लिए भी गौरव की बात है. ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन ने प्रो. सामंता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और भविष्य में किये जाने वाले प्रयासों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की है. प्रो. सामंता के अतिरिक्त, पंजाब के राज कुमार को कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है, जबकि 9 अन्य को वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है. राजस्थान के अनिल चौधरी वी.एफ.आई. के महासचिव के रूप में निर्विरोध चुने गए हैं. नवनिर्वाचित निकाय का कार्यकाल 2020 से 2024 तक है. प्रो. सामंता ने उन्हें अध्यक्ष चुने जाने के लिए वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) को धन्यवाद दिया. प्रो समांता ने कहा कि वह महासंघ को एक नई बुलंदियों तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे. pncb

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प्राथमिक शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

बिहार समेत पूरेेे देश में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. यह बदलाव शिक्षकों की योग्यता से जुड़ा है और इस बदलाव की शुरूआत कर दी है पटना हाई कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले ने. 4 नवंबर को एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने बड़ा निर्णय दिया है. हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया में B.Ed डिग्री और D.El.Ed डिग्री वाले अभ्यर्थियों में कोई फर्क नहीं हो सकता जब तक कि इस बारे में कोई कानून नहीं बनाया गया हो. क्या है पूरा मामला! बिहार में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 90000 से ज्यादा पदों के लिएछठे चरण की नियोजन की प्रक्रिया पिछले साल जुलाई महीने में शुरू हुई थी इसमें आवेदन करने वाले अभ्यर्थी B.ed और D.El.Ed दोनों थे लेकिन 22 नवंबर 2019 को आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के बाद 17 दिसंबर 2019 को बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने एक मेमो आर्डर निकाल कर यह स्पष्ट किया कि प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन में डीएलएड डिग्री धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी. शिक्षा विभाग के इस ऑर्डर के खिलाफ B.Ed डिग्री वाले अभ्यर्थी पटना हाईकोर्ट चले गए. उनका कहना था कि एनसीटीई ने B.ed और डीएलएड डिग्री के लिए प्राथमिकता जैसा कोई शब्द का उपयोग नहीं किया है. इसके अलावा, किसी भी आवेदन प्रक्रिया की बीच में कोई भी विभाग कोई नया आदेश नहीं निकाल सकता है ना ही कोई परिवर्तन कर सकता है, इसलिए इस 17 दिसंबर 2019 के आदेश को

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फुलवारी की बेटी ने किया कमाल

पटना के फुलवारीशरीफ की तुबा अफशां को नीट परीक्षा में 720 में 641 नंबर मिले हैं. तुबा  ने अपनी प्रारंभिक स्कुल की शिक्षा कैंब्रिज पब्लिक स्कूल फुलवारी शरीफ से की जबकि मैट्रिक में 10सीजीपीए और इंटर में 92 प्रतिशत नंबर लाकर स्कुल का नाम रौशन किया था. नीट में बिहार से 83,038 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, इसमें 46,327 सफल हुए. घर के सभी लोगों के चेहरे पर खुशिया ही खुशियां हैं. वहीं उसकी मां ईशरत प्रवीण ने बताया कि मेरी बच्ची रोजना 20-22 घंटे पढ़ाई करती थी जिसका परिणाम आज उसे देखने को मिला आगे कहा कि मेहनत करने से ही फल मिलता है और मेहनत का फल बहुत मीठा होता है. वहीं पिता अमरीरूद्दीन अंसारी जो कि पीएचईडी इस्लामपुर में जुनियर इंजिनियर के पद पर कार्यरत हैंं. यह खबर जब ईसापुर के फेडरल कालोनी के लोगों को पता चला तो लोगों द्वारा बधाई देने का सिलसिला जारी है वहीं वार्ड नंबर 26 के वार्ड पार्षद मो नईम ने कहा कि सभी बच्चे एवं बच्चियां इसी तरह से मेहनत करें और कामयाबी हासिल करें जिससे कि उनहें समाज में इज्जत कि नजर से देखा जा सके. तुबा अफशां ने कहा कि वह  कार्डियोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल कर दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज करेगी साथ ही साथ गरीबों के लिए निःशुल्क ईलाज करने कि बात कही.मां को दिया सफलता का श्रेयमां ईशरत प्रवीण ने बताया कि वह शुरुआत से ही  पढ़ाई में काफी अच्छी रही. अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देते हुए तुबा ने कहा कि आज उनकी

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अमेरिका ने दी इस प्राचार्य को D. Lit की मानद उपाधि

आरा,डीएवी, धनुपरा, के प्राचार्य संजय सिन्हा को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका’ ने वर्ष 2019 की ‘डी.लिट.’ की मानद उपाधि प्रदान की है. इसके लिए सर्वपल्ली राधाकृष्णन सोसायटी, मुंबई ने इनके नाम का अनुमोदन किया था. इस उपाधि के मिलने के बाद स्थानीय बी.एस.डीएवी. प.स्कूल, मील रोड परिसर में एक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया. संजय सिन्हा को इसके पहले 2017 में भी सी.बी.एस.ई., नई दिल्ली, द्वारा विशिष्ट प्राचार्य का सम्मान प्रदान किया जा चुका है. इस अवसर पर बी.एस.डीएवी. के प्राचार्य दीपक कुमार ने संजय सिन्हा का अभिनंदन पुष्प गुच्छ और शॉल प्रदान करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि संजय सिन्हा के कुशल निर्देशन और संचालन में डीएवी. का उत्तरोत्तर विकास हुआ है. उन्होंने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका द्वार प्राप्त डी.लिट. की उपाधि से हम सबका गौरव बढ़ा है. इस अवसर पर उपस्थित जा पॉल प. स्कूल , आरा के प्राचार्य शंभुनाथ मिश्र ने भी संजय सिन्हा को बधाई दी. उन्होंने कहा कि सम्मान हमारी जिम्मेदारियों को और बढ़ा देता है. अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए संजय सिन्हा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय परिवार के सभी सहयोगियों को दिया. उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के पथ चलने हेतु उपस्थित सभी सहकर्मियों को प्रेरित किया. इस मौके पर संजय सिन्हा की धर्म पत्नी शीला सिन्हा तथा अन्य शिक्षक-शिक्षिका भी उपस्थित रहे. धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ शिक्षिका सुनीता द्विवेदी ने किया. आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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चुनाव ड्यूटी से जुड़े सरकारी कर्मियों के लिए बड़ी ख़बर

बिहार सरकार चुनाव ड्यूटी बजाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की है. वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना या कुछ खास परिस्थितियों में कर्मियों की मौत पर उनके परिवार को ₹30 लाख का मुआवजा मिलेगा. पुलिसकर्मी, शिक्षक, इंजीनियर, चौकीदार से लेकर हर स्तर के अधिकारी या कर्मचारी जो चुनाव में किसी भी ड्यूटी पर लगे हों, उनके लिए ये प्रावधान किया गया है. pncb

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इंटरसिटी का परिचालन अब इस तारीख तक बढ़ा

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि इन स्पेशल ट्रेनों की सभी सीटें आरक्षित हैं. साथ ही यात्रा के दौरान यात्रियों को कोविड-19 के सभी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा अर्थात् सभी को मास्क पहनना अनिवार्य होगा, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा तथा सेनिटाइजर का प्रयोग करना होगा. इंटरसिटी स्पेशल ट्रेनों का विवरण निम्न है – 1. 02567/02568 सहरसा-पटना-सहरसा स्पेशल – यह ट्रेन 12567/12568 सहरसा-पटना-सहरसा राज्यरानी एक्सप्रेस के समय-सारणी, कोचों के संयोजन, परिचालन के दिन एवं ठहराव के अनुसार परिचालित की जा रही है . 2. 05713/05714 कटिहार-पटना-कटिहार स्पेशल– यह ट्रेन 15713/15714 कटिहार-पटना-कटिहार इंटरसिटी एक्सप्रेस के समय-सारणी, कोचों के संयोजन, परिचालन के दिन एवं ठहराव के अनुसार परिचालित की जा रही है . 3. 03243/03244 पटना-भभुआ रोड-पटना स्पेशल (वाया गया) – यह ट्रेन 13243/13244 पटना-भभुआ रोड-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस के समय-सारणी, कोचों के संयोजन, परिचालन के दिन एवं ठहराव के अनुसार परिचालित की जा रही है . 4. 03226/03225 राजेन्द्रनगर-जयनगर-राजेन्द्रनगर स्पेशल – यह ट्रेन 13226/13225 राजेन्द्रनगर-जयनगर-राजेन्द्रनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस के समय-सारणी, कोचों के संयोजन, परिचालन के दिन एवं ठहराव के अनुसार परिचालित की जा रही है. 03228/03227 राजेन्द्रनगर-सहरसा-राजेन्द्रनगर स्पेशल – यह ट्रेन 23226/23225 राजेन्द्रनगर-सहरसा-राजेन्द्रनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस के समय-सारणी, कोचों के संयोजन, परिचालन के दिन एवं ठहराव के अनुसार परिचालित की जा रही है. pncb

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शारदीय नवरात्र की पूरी जानकारी

दुर्गा पूजा कब से है. नवरात्र में कलश स्थापना 2020 में किस दिन होगी. शारदीय नवरात्र में मां की आराधना कैसे करें. इन तमाम सवालों के जवाब जानने हैं तो क्लिक कीजिए और सुनिए कैसे होती है कलश स्थापना और किस विधि से होती है मां की आराधना. कोरोना महामारी को लेकर इस वर्ष पटना सहित अन्य जगहों पर भी पंडाल और मूर्तियों का निर्माण नहीं हो रहा है. ज्यादातर जगहों पर कलश स्थापना कर मां की पूजा होगी और इस महामारी से लोगों को बचाने की प्रार्थना की जाएगी. OP Pandey

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बिहार में किस दिन कहां होंगे चुनाव

निर्वाचन आयोग ने बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है. कोरोना संक्रमण के मद्देनजर तमाम एहतियात बरतते हुए निर्वाचन आयोग ने चुनाव कराने की घोषणा की है. बिहार में 3 चरणों में चुनाव हो रहे हैं. पहला चरण 28 अक्टूबर को है. दूसरा 3 नवंबर को और तीसरा चरण 7 नवंबर को होगा. मतगणना 10 नवंबर को होगी. किस दिन किस विधानसभा क्षेत्र में चुनाव – पहले चरण में भागलपुर, कटिहार, बांका, मुंगेर, लखीसराय शेखपुरा, जमुई, खगड़िया, बेगूसराय पूर्णिया, अररिया, किशनगंज जिलों में 28 अक्टूबर को चुनाव होंगे दूसरे चरण में तीन नवंबर को दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर सहरसा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी शिवहर पश्चिम चंपारण पूर्वी चंपारण वैशाली, सुपौल मधेपुरा में चुनाव होंगे. तीसरे चरण में पटना, जहानाबाद,अरवल,नवादा,औरंगाबाद, कैमूर, रोहतास, बक्सर, गया,नवादा, भोजपुर, नालंदा गोपालगंज और सिवान में सात नवंबर को चुनाव होंगे. pncb

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