‘इंटर लेवल PT परीक्षा के लिए अब टेस्ट प्रैक्टिस पर ध्यान दें परीक्षार्थी’

By Amit Verma Dec 26, 2016

BSSC इंटर लेवल PT परीक्षा के लिए अब समय कम
कम समय में टेस्ट प्रैक्टिस पर ध्यान दें परीक्षार्थी
GS में ज्यादा से ज्यादा स्कोर करने में फायदा
13500 सीटों के लिए करीब 18 लाख हैं आवेदक
PT परीक्षा में दस गुना रिजल्ट आने की संभावना




बिहार कर्मचारी चयन आयोग की इंटर लेवल परीक्षा के लिए अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. लंबे समय से टेक्स्ट बुक, कोचिंग और अन्य तरीकों से तैयारी में लगे SSC के परीक्षार्थियों के लिए अब आखिरी एक महीने का महत्वपूर्ण समय बचा है. इस एक महीने में अब उन्हें कैसे तैयारी करनी चाहिए, किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और सफलता के लिए क्या करना चाहिए, इसके लिए patnanow टीम ने  बात की रहमान सर से. 

patnanow–  आखिरी का एक महीना बचा है अब इंटर लेवल पीटी परीक्षा के लिए. क्या सलाह है परीक्षार्थियों के लिए?

गुरू रहमान- ये आखिरी के 30 दिन बहुत काम के हैं. इस दौरान अब टेक्स्ट बुक छोड़कर छात्रों को पूरा समय टेस्ट प्रैक्टिस में देना चाहिए.

patnanow– टेस्ट प्रैक्टिस के लिए क्या करना होगा, किस तरह से और कहां से हो सकती है प्रैक्टिस?

गुरू रहमान– इसके लिए विश्वसनीय टेस्ट पेपर या किसी अच्छे कोचिंग संस्थान की मदद लेनी चाहिए. जहां रेगुलर प्रैक्टिस हो सके और प्रैक्टिस सेट्स का सही उत्तर भी उपलब्ध हो ताकि छात्र अपना सही मूल्यांकन कर सकें.

patnanow– परीक्षा के दौरान क्या ख्याल रखना होगा ताकि छात्र पीटी क्वालिफाई कर सकें?

गुरू रहमान– इस बार सबसे महत्वपूर्ण है  इस बात का ध्यान रखना कि सिलेक्शन परसेंटाइल के आधार पर होगा. यानि आप जितनी कम गलतियां करेंगे और कम-से-कम निगेटिव आंसर देंगे, उतने ही ज्यादा चांसेज होंगे क्वालिफाई करने के. निगेटिव मार्किंग और परसेंटाइल के कारण इस बार ग्रैजुएट लेवल परीक्षा में  बड़ी संख्या में छात्र क्वालिफाई करने से वंचित रह गए.

patnanow– कितना स्कोर काफी रहेगा PT क्वालिफाई करने के लिए?

गुरू रहमान- जेनरल कैटगरी के लिए इस बार 100 अंक काफी होगा. यानि रिजल्ट 100 नंबर पर आ जाएगा.

patnanow– पीटी परीक्षा में छात्रों को बुक ले जाने की भी इजाजत है. कितनी मदद मिलेगी इससे?

गुरू रहमान– परीक्षा में बुक तो अलाउड है, लेकिन सिर्फ टेक्स्ट बुक. और परीक्षा में 2 घंटे का समय निश्चित होता है. इस दौरान किसी भी सवाल का जवाब खोजने मेंअच्छा-खासा वक्त बर्बाद हो जाता है. इस तरह से बुक का होना फायदे की बजाय नुकसानदायक ज्यादा हो जाता है.

patnanow–  और कुछ टिप्स जो आप देने चाहेंगे छात्रों को?

गुरू रहमान– बिहार से जुड़े सभी तथ्य किसी स्तरीय किताब से कंठस्थ कर लेना चाहिए. किसी भी कनफ्यूजन की स्थिति में सिर्फ NCERT की किताबों पर भरोसा करना ठीक है. प्रैक्टिस के दौरान Accuracy बहुत जरूरी है ताकि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग से बचा जा सके.

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