सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारेगा बिहार बोर्ड, 5 बिन्दुओं पर होगा आकलन

बिहार के सभी सरकारी स्कूलों का अब 5 बिंदुओं पर होगा आकलन, BSEB ने Pi Jam Foundation से किया MoU
पटना ।। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है. समिति ने आज NGO Pi Jam Foundation के साथ Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इसके तहत अब राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों का आकलन 5 मूलभूत डोमेन के आधार पर किया जाएगा.

समिति अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम की उपस्थिति में सचिव प्रमोद कुमार और Pi Jam Foundation की Co-Founder प्रांजलि पाठक ने MoU पर हस्ताक्षर किए.




क्या है पूरा मामला?
देश स्तर पर लागू School Quality Assessment and Assurance Framework (SQAAF) को बिहार सरकार ने NEP 2020 के तहत परख कार्यक्रम के जरिए राज्य में लागू किया है. राज्य सरकार ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को ही “राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण” का नोडल बनाया है.

BSEB द्वारा तय 5 डोमेन पर सभी सरकारी स्कूलों का स्व-आकलन होगा और उसी के आधार पर स्कूलों को ग्रेड दिया जाएगा.

किन 5 डोमेन पर होगा आकलन

  1. प्रशासन (Administration) – नेतृत्व, योजना, वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता
  2. पाठ्यचर्या (Curriculum) – NEP 2020 के अनुसार कौशल आधारित और 21वीं सदी की शिक्षा
  3. आकलन (Assessment) – रटने की बजाय दक्षता और समझ आधारित परीक्षा
  4. आधारभूत संरचना (Infrastructure) – कक्षा, लाइब्रेरी, ICT, स्वच्छता और हरित वातावरण
  5. समावेशिता (Inclusion) – दिव्यांग, वंचित और सभी वर्ग के बच्चों के लिए समान अवसर

स्कूलों को मिलेगी 3 श्रेणी
आकलन के बाद स्कूलों को अंक के आधार पर बांटा जाएगा:

  • 60% से कम अंक = अभिलाषा श्रेणी – विशेष सुधार की जरूरत
  • 60-75% अंक = प्रगति श्रेणी – संतोषजनक प्रदर्शन
  • 75% से अधिक अंक = जागृति श्रेणी – उत्कृष्ट प्रदर्शन

BSEB का कहना है कि इससे स्कूलों में आत्म-चिंतन, जवाबदेही और लगातार सुधार को बढ़ावा मिलेगा.

pncb

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