बोधिसत्व फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ

By Amit Verma Feb 16, 2017

बिहार के कला संस्‍कृति एवं युवा मामलों के मंत्री शिवचंद्र राम ने आज कहा कि फिल्‍में हमारी समाज, सोच, सभ्‍यता और संस्‍कृति को दर्शाती है और फिल्म महोत्सव के आयोजित किये जाने से लोगों को कई भाषाओं की फिल्में देखने का अवसर मिलता है.  आठ दिवसीय बोधिसत्त्व इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल 2017 राजधानी  पटना में  गैर सरकारी संगठन ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन की ओर से  आठ दिवसीय बोधिसत्व फिल्म महोत्सव 2017 का आज दीप प्रज्‍जवलन के साथ अधिवेशन भवन में शुभारंभ हुआ.




इस अवसर पर शिवचंद्र राम ने कहा हाल के समय में बिहार में क्षेत्रीय और पटना फिल्म फेस्टिबल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया था . पटना में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जाना एक सराहनीय प्रयास और इसके लिये ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन की अध्यक्ष और फेस्टिबल के चेयरमैन गंगा कुमार को बधाई देता हूँ.फिल्म महोत्सव के आयोजन किये जाने से लोगों को हर देश और उनकी भाषा की सभ्यता और संस्कृति को जानने का अवसर मिलता है.


जाने माने अभिनेता और सांसद शत्रुध्न सिन्हा ने कहा कि भले ही वह राजनेता के तौर पर अधिक सक्रिय हैं लेकिन सिनेमा उनका पहला प्यार रहा है . उन्होंने कहा आज के समय में जो कुछ भी हूँ वह सिनेमा की वजह से हूँ और सिनेमा के कारण ही लोग मुझे जानते हैं. सिनेमा का मतलब केवल मनोरंजन करना नही है. सिनेमा में कई रस हैं जैसे श्रृंगार रस ,वीर रस ,भय रस आदि दर्शकों को सभी तरह की फिल्में देखकर उसका आनंद उठाना चाहिये.बिहार में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म महोत्सव किया जाना बहुत सराहानीय कदम है और इसके लिये तहे दिल से फेस्टिबल के आयोजनकर्ता को बधाई देता हूँ . फिल्म महोत्सव के आयोजन किये जाने का मुख्य ध्येय सिनेमा का विकास , प्रमोशन ऑफ फिल्म ,प्रोटेक्शन ऑफ फिल्म और प्रोटेक्शन ऑफ फिल्म है.
श्री सिन्हा ने दिवंगत अभिनेता ओमपुरी को याद करते हुये कहा कि ओमपुरी एक महान अभिनेता और उनके पारिवारिक मित्र में शामिल थे. उन्होंने कहा ओमपुरी आज हमारे बीच नही हैं लेकिन उनकी फिल्में आज भी
हमारे लिये प्रेरणाश्रोत हैं. वह एक अद्वितीय कलाकार और संजीदा अभिनेता थे . उनके बारे में बस यही कहा जा सकती है . “हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है . बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा”
गायिका और पदमश्री शारदा सिन्हा ने कहा  “ मैं एक गायिका हूँ . सिनेमा से बहुत अधिक जुड़ी नही हुयी हूँ लेकिन जितनी भी जुड़ी हूँ मुझे काफी प्यार मिला है. हाल के समय में पटना में फिल्म फेस्टिबल का आयोजन किया जाना सराहनीय कदम है . अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पटना में फिल्म फेस्टिबल का आयोजन किया जाना बहुत बड़ी बात है . उन्होंने कहा कि बिहार में फिल्म सिटी के निर्माण की जरूरत है. बिहार में सिनेमाघरों की कमी आयी है ,सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है.
ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन की अध्यक्ष और बीआईएफएफ आयोजक स्नेहा राउत्रे ने कहा पटना में फिल्म महोत्सव का आयोजन किये जाने से राज्य के लोगों को फिल्म से जुड़ी बातों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा .फिल्म
और कला के माध्यम से पूरे समाज को जोड़ा जा सकता है. समाज में हर मुद्दे पर आधारित फिल्म बनाने की जरूरत है. फिल्म महोत्सव के लिये 122 देशों की करीब 3500 फिल्मों ने इंट्री दी थी . इनमें भारत के अलावा ईरान, अमेरिका, फ्रांस, इटली, स्पेन, ब्रिटेन, तुर्की, रूस, ब्राजील, जर्मनी, अर्जेटीना, बांग्लादेश, कनाडा, पुर्तगाल, ऑस्ट्रिया और मैक्सिको समेत कई देशों की फिल्में शामिल हैं . इनमें अंतिम रूप से करीब 102 फिल्मों का चयन किया गया है. सभी फिल्म एक निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत ही चुनी गयी है. दर्शकों को महोत्सव के दौरान अच्छी और गुणवत्तापूर्ण फिल्में देखने को मिलेगी.


जाने माने अभिनेता अखिलेन्द्र मिश्रा ने कहा देश में कई राज्यों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म फेस्टिबल का आयोजन किया जाता रहा है. ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन की ओर से बिहार में बड़े पैमाने पर अंतर्राष्टीय स्तर पर फिल्म फेस्टिबल का आयोजन सराहनीय प्रयास है. सिनेमा तमसो मां ज्‍योर्तिगमय की तरह अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है. यह तकनीकी आस्‍पेक्‍ट है.  हमारे जैसे लोग जो अपने करियर के कारण बिहार से दूर हो गये हैं ,इस तरह के आयोजन से उन्हें बिहार फिर आने का अवसर मिलता है. बिहार की युवा पीढ़ी के लिये गर्व की बात है कि उन्हें बिहार में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महोत्सव का लुत्फ उठाने को मिल रहा है.अमेरीका ,फ्रांस और जापान में भी फिल्म फेस्टिबल का आयोजन किया जाता है . भारतमें फिल्म फेस्टिबलका आयोजन हमारी परंपरा के साथ जुड़ा हुआ है.सिनेमा मनोरंजन तक ही सीमितनही है.सिनेमा की विशलेषण भी किये जाने की जरूरत है.
इस अवसर पर गंगा कुमार ,जानीमानी अभिनेत्री सोनल झा ,निर्देशक लीना यादव,फिल्म की ज्यूरी सदस्य पंकजा ठाकुर ,गरिमा मिश्रा ,पंकज श्रेयसकर ने भीअपने विचार व्यक्त किये.

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