पहाड़ों की चिंता करते पहाड़ों में ही खो गया भारत का लाल


पहाड़ों को बचाने के लिए अधिकारियों को एक मंच पर लाया
जनरल रावत:सरल इंसान पर सख्त अफसर,
गांव बसाने का सपना नहीं कर पाए पूरा
सैन्य अधिकारियों ने उन्हें बताया रियल हीरो

सीडीएस जनरल बिपिन रावत में एक तरफ में अफसर तो दूसरी तरफ छवि एक इंसान की थी। जिन सैन्य अधिकारियों और जवानों के साथ काम किया बो उन्हें असली हीरो मानते हैं. ऐसा हीरो जो देश के लिए जिया और देश की हुए ही जान दे दी.




स्व.जर्नल बिपिन रावत

ले. जनरल शक्ति गुरुंग जनरल बिपिन रावत से एक पद सीनियर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आर्मी हेडक्वार्टर में तैनाती के दौरान वह ब्रिगेडियर थे, वहीं जनरल रावत मेजर जनरल जनरल रावत बेहद सख्त और सरल अधिकारी थे और इसी के बूते वह कम समय में सेनाध्यक्ष व चीफ आफ डिफेंस स्टाफ बन पाए। सेना में आधुनिकीकरण में जनरल बिपिन रावत का बड़ा योगदान है.सेना में थिएटर कमांड का रोडमैप तैयार करने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.

स्व.जनरल बिपिन रावत

कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.) कहते हैं कि 2005-05 में वह आमी हेडक्वार्टर में बतौर मेजर तैनात थे। उस समय बिपिन रावत कर्नल थे यह पहाड़ को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे और कहते थे कि पहाड़ के लिए हर व्यक्ति को एक मंच पर आना चाहिए। तब अनरल रावत ने कहा था कि पहाड़ के अधिकारियों को साथ जोड़ना चाहिए। उनके प्रयास से ही . राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल समेत अन्य कई अधिकारी एक मंच पर आ पाए और पहाड़ की बेहतरीके लिए प्रयास भी किए गए.


कर्नल संदीप सेन (सेवानिवृत) ने कहा कि यह सीडीएस जनरल बिपिन रावत कभीनहीं भूलेंगे।-5/11 गोरखा राइफल्स में 1993 से 1995 तक उनके साथ काम किया जम्मू के उरी में पोस्टिंग के दौरान वह कंपनी कमांडर थे और मैं कैप्टन ढाई साल एक साथ तैनाती के दौरान महसूस किया था कि रावत स्वभाव से बेहद सरल और जमीन से जुड़े व्यक्ति थे। थल सेना प्रमुख और फिर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बनने के बावजूद उनके काम करने का तरीका सबसे अलग था .


दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत का पुश्तैनी घर उत्तराखंड के एक गांव में स्थित है. जनरल रावत अपने रिटायरमेंट के बाद उत्तराखंड में ही बसना चाहते थे और वह यह भी चाहते थे कि रिटायरमेंट के बाद अपने गांव की तस्वीर बदलेंगे, लेकिन असमय एक दुर्घटना में जान गंवाने के चलते उनके सपने अधूरे ही रह गए.
सीडीएस बिपिन रावत की दो बेटियां हैं। एक बेटी का नाम कृतिका रावत और दूसरी का तारिणी रावत है. कीर्तिका बड़ी बेटी हैं और उनकी शादी हो चुकी है, वो मुंबई में रहती हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बिपिन रावत के दिल्ली आवास पहुंचे और उनकी बेटी से बात की। पीएम नरेंद्र मोदी समेत देश विदेश के कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है। जनरल बिपिन रावत उनकी पत्नी दोनों के शव कल दिल्ली लाए जाएंगे।वहीं उनका अंतिम संस्कार किया गया .

PNC DESK