पुलिस मुख्यालय के नए भवन का उद्घाटन

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | शुक्रवार 12 अक्टूबर को CM नीतीश कुमार ने जवाहर लाल नेहरु मार्ग, पटना स्थित नए पुलिस मुख्यालय का उद्घाटन किया. यह बिहार का प्रथम भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित भवन है. इस नए भवन का नाम “सरदार पटेल भवन” रखा गया है. इस भवन के उद्घाटन के साथ ही पुराने सचिवालय में वर्ष 1917 से चल रहा पुलिस मुख्यालय बेली रोड के इस नए भवन में शिफ्ट हो गया. इस अवसर पर CM ने बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा नवनिर्मित 26 थाना भवनों सहित कुल 109 पुलिस भवनों का उद्घाटन एवं 46 पुलिस भवनों का शिलान्यास भी रिमोट के द्वारा किया.

बिहार पुलिस मुख्यालय का नया पता-ठिकाना कल यानि 12 अक्टूबर से 




आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भवन में पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ आपदा प्रबंधन का भी काम होगा. आकस्मिक परिस्थिति में चीजों को यहां से नियंत्रित किया जा सकेगा तथा कहा कि यह भवन बेस-आईसोलेशन तकनीक से निर्मित है जिसके कारण 8 रिक्टर पैमाने से ऊपर आए भूकंप की तीव्रता में भी यह भवन सुरक्षित रहेगा. भवन के सबसे ऊपर में हेलिपैड का निर्माण कराया गया है ताकि आकस्मिक परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन के काम किए जा सकें. इस भवन के संबंध में लोगों के सामने एक प्रस्तुतीकरण भी दिया गया तथा इस भवन के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मुख्यालय पुराना सचिवालय में रहा है, जहां काफी असुविधा हो रही थी. इस कारण सरकार ने निर्णय किया था कि पटना के इस मुख्य मार्ग पर पुलिस मुख्यालय स्थापित किया जाए जहां आपदा प्रबंधन की भी व्यवस्था हो. आज आधुनिक तकनीक से निर्मित यह भूकंपरोधी भवन बनकर तैयार है. उन्होंने कहा कि पुराने महत्वपूर्ण भवनों को रेटरोफिटिंग करके भूकंपरोधी बनाया जा रहा है. अभी जो ज्यादा महत्वपूर्ण सरकारी भवनें हैं, उन्हें ही रेटरोफिटिंग द्वारा भूकंपरोधी बनाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही भवन में पुलिस मुख्यालय, आपदा प्रबंधन केंद्र होने से लोगों की मदद में सहुलियत होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन में 12 दिन तक लोग लगातार रह सकते हैं और विषम परिस्थिति में भी लोगों की मदद के लिए कुछ कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल, जिन्होंने देश के लिए काफी कुछ किया था, के नाम पर यह भवन बना है. इस भवन के लिए 337 करोड़ रुपए निर्धारित किये गये थे लेकिन यह 320 करोड़ रुपए में ही तैयार हो गया, यह अपने आप में

 

खासियत है. पुलिस मुख्यालय जल्द से जल्द यहां शिफ्ट हो जाय और काम भी जल्द शुरु करें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नए भवन में काम करने का अच्छा वातावरण मिलेगा. उन्होंने सबों से कहा कि यहां बैठकर चिंतन मनन करना आसान होगा कि कैसे अपराध पर नियंत्रण रखा जाए, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए, किस प्रकार बेहतर काम किया जाए कि प्रेम एवं सद्भाव का विकास हो.
बिहार पुलिस की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस ऐसी पुलिस है जिसकी मानसिकता पर कभी भी सांप्रदायिकता का आरोप नहीं लगा है. बिहार पुलिस मेहनती एवं जुझारु है. पुलिस विभाग अपने अंदर अनुशासन का भाव बनाए रखे जो एक बड़ी जिम्मेदारी भी है. उन्होंने कहा कि सरकार, वाहन, हथियार, तकनीक इत्यादि संसाधन उपलब्ध कराती है. पुलिसकर्मी, पदाधिकारी की नियुक्ति के लिए पद की स्वीकृति सरकार देती है. इसलिए उनकी जिम्मेवारी है कि अच्छे लोगों का चयन कर बेहतर कार्यशैली को विकसित करें, इसके लिए सभी लोग समय पर आएं, आत्मानुशासन को अपनाएं. उन्होंने कहा कि इस भवन से थाने की डायरेक्ट मॉनिटरिंग की व्यवस्था कीजिए. यह बड़ा भवन है, जगह की कमी नहीं है. लोगों को भी यहां आने का अवसर दीजिए ताकि वे अपनी शिकायतें आप तक रख सकें. नीतीश ने कहा कि अब से वे भी सप्ताह में एक दिन पुलिस मुख्यालय आएंगे.
मुख्यमंत्री का स्वागत, भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार ने प्रतीक चिन्ह एवं रामधारी सिंह दिनकर जी द्वारा लिखित पुस्तक भेंटकर की. इसी भवन पर आधारित एक वृतचित्र का प्रदर्शन भी किया गया. बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा बनाए गए भवनों की झांकी भी दिखायी गई. कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री सह पटना जिले के प्रभारी मंत्री नंदकिशोर यादव, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक के0एस0 द्विवेदी, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सह पुलिस महानिदेशक सुनील कुमार, प्रधान सचिव गृह आमिर सुबहानी एवं भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार, ने भी संबोधित किया.
इस अवसर पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य पी0एन0 राय, पुलिस महानिदेशक बी0एम0पी0 गुप्तेश्वर पांडेय, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण, पुलिस पदाधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.