10 सर्कुलर रोड पर सियासी उबाल जारी, राजद के आरोपों का मंत्री ने दिया जवाब

राबड़ी आवास पर बवाल जारी

पटना।। मुख्यमंत्री आवास के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले राबड़ी आवास 10 सर्कुलर रोड को लेकर बिहार में उठा सियासी बवाल काम होता नजर नहीं आ रहा. एक तरफ जहां सरकार 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली करने पर अड़ी है दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने तो दो टूक कह दिया है कि वह इस खाली नहीं करेंगी. इधर उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल सरकार पर हमला करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा. राष्ट्रीय जनता दल कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राबड़ी देवी से आवास खाली करा कर 10 सर्कुलर रोड को भी अणे मार्ग में मिलाने की सोच रहे हैं. अब्दुल बारी सिद्दीकी ने बिहार सरकार से सवाल किया कि किस हैसियत से नितिन नवीन और संजय झा समेत अन्य नेताओं को बिहार में सरकारी बंगला दिया गया है.




राजद ने सीएम सम्राट से पूछे सवाल

देश के सबसे गरीब राज्य के मुख्यमंत्री का बंगला भारत का सबसे आलीशान, भव्य और सात सितारा बंगले जैसा है. सम्राट चौधरी का बंगला प्रधानमंत्री के बंगला से भी बड़ा है. मुख्यमंत्री ने पूर्व में उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित 5, देशरत्न मार्ग को भी मुख्यमंत्री निवास में मिला लिया है. सम्राट चौधरी ने दिल्ली में बिहार निवास और बिहार भवन के बजाय टाइप-8 बंगला भी लिया है. मुख्यमंत्री ने अपना निवास लगभग 15 एकड़ से भी अधिक में कर लिया है.

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आगे कहा कि सम्राट चौधरी जी से हमारे कुछ सवाल हैं, जिनका वो स्वयं जवाब दें:

सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के लिए कर्णांकित 5, देशरत्न मार्ग को 1 अणे मार्ग में क्यों मिलाया? वर्ष 2019 में पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार ने लिखित में बताया था कि यह बंगला उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित है। अब किस नियम के तहत सम्राट चौधरी ने इस आवास को 1 ,अणे मार्ग में मिलाया?

क्या सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास का नाम बदलकर लोक सेवक आवास इसलिए किया ताकि अगल-बगल के बंगलों को इसमें मिलाकर विलासितापूर्ण जीवन जी सकें?
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन 3, टेलर रोड में किस हैसियत से रह रहे हैं? जबकि बिहार में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. हाल के दिनों में किसान आयोग के अध्यक्ष के नाम से यह आवास आवंटित किया गया और उसमें नीतिन नवीन का ही कब्जा है. किसान आयोग के अध्यक्ष को इतना बड़ा बंगला दिया गया है तो उसमें आवासीय सुविधा क्यों नहीं है?
तरैया के विधायक जनक सिंह को मंत्री का आवास 28/10 कैसे मिला है? पूर्व विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू को किस हैसियत से 23/10 आवंटित किया गया है? सांसद देवेश चन्द्र ठाकुर को 1 टेलर रोड किस हैसियत से मिला है? पूर्व मंत्री राजू सिंह को 11/13 मैंगल्स रोड में किस हैसियत से आवास आवंटित है? करणजीत सिंह, विधायक को हार्डिंग रोड आवास, मनोरमा देवी विधायक को 20/बी हार्डिंग रोड, पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार मंटू को 17 हार्डिंग रोड, दीपक कुमार (रिटायर्ड आईएएस) को 3 पोलो रोड बंगला, सांसद संजय झा को एम स्टैंड रोड, सांसद उपेन्द्र कुशवाहा को 24 एम स्टैंड रोड वर्ष 2023 से ही आवंटित है. क्या उन्हें कभी आवास खाली कराने का नोटिस भी दिया गया है, जबकि उनके मंत्री पुत्र और विधायक पत्नी को अलग से आवास आवंटित है?
क्या सभी विधायक, जो केंद्रीय पुल के बंगलों में अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं, उन्हें अलग से आवास आवंटित नहीं किया गया है?

इस अवसर पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि दिल्ली में आवास आवंटन का जो पैरामीटर है, उस पर बिहार में काम क्यों नहीं हो रहा है? जबकि हाईकोर्ट ने जो गाइडलाइन पूर्व में आवास आवंटन के संबंध में निर्धारित की थी, उसका अनुपालन बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार नहीं कर रही है. मुख्यमंत्री निवास का विस्तारीकरण सम्राट चौधरी ने किया, उससे पहले नीतीश कुमार जी ने भी किया था. 1 अणे मार्ग के विस्तार में एनडीए की भूमिका से स्पष्ट है कि सुविधा के नाम पर बिहार में सरकार कैसे काम कर रही है.राबड़ी देवी जी के नाम 10 सर्कुलर रोड वर्ष 2006 से ही आवंटित है, लेकिन हाल के दिनों में बदले की भावना और अपमानित करने के लिए आवास खाली कराने का नोटिस दिया जा रहा है जो कहीं से उचित नहीं है.

मंत्री ने दिया आरोपों का जवाब

राजद के आरोपों पर बिहार सरकार की भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि चाहे विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का बंगला हो या फिर नितिन नवीन, देवेश चंद्र ठाकुर और संजय झा का, सभी को नियम के तहत ही रहने की व्यवस्था की गई है.

उन्होंने कहा कि जो लोग संसद सदस्य बन चुके हैं वह बंगले में रहने के लिए किराया चुका रहे हैं. इनमें प्रमुख तौर पर देवेश चंद्र ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा का नाम भी शामिल है जो उनको आवंटित बंगले का किराया चुका रहे हैं.

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