आरा रंगमंच की नुक्कड़ प्रस्तुति ‘नशा नाश करेला’ को दर्शकों ने सराहा

जब तक समाज के हर वर्ग के लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक कोई आन्दोलन सफल नहीं होगा.

आरा रंगमंच की ओर से नाटक ‘नशा नाश करेला ‘की नुक्कड़ प्रस्तुति वीर कुंवर सिंह स्टेडियम के मुख्यद्वार के पास आयोजित की गई जिसमें शहर के रंगकर्मी ,पत्रकार और बुद्धिजीवियों ने भारी संख्या में शिरकत की, नाटक के जरिए शराबबंदी के पहले और उसके बाद की घटनाओं को जोड़ कर एक प्रस्तुति के रूप में किया गया , कार्यक्रम की शुरुआत सामाजिक कार्यकर्ता मुन्ना साईं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद आरा रंगमंच के गीत ‘आरा की आवाज है आरा रंगमंच ‘ से हुआ .इसके बाद महासचिव अशोक मानव ने अपने सम्बोधन में कहा कि जब तक समाज के हर वर्ग के लोग जागरूक नहीं होंगे तब तक कोई आन्दोलन सफल नहीं होगा.इस मौके पर आरा के रंगकर्मी मनोज नाथ ने सबका आभार व्यक्त  किया.




नाटक का लेखन दीपू ,पंकज और निर्देशन डॉ अनिल कुमार सिंह का था .इस प्रस्तुति में  डॉ अनिल कुमार सिंह ,पंकज भट्ट ,पूजा कुमारी ,आरती कुमारी,सुधीर शर्मा, कुमार राज साहेब ने अपने अभिनय से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. नाटक में संगीत नरेन्द्र और श्याम शर्मीली ने दिया. अतिथि दर्शकों में वरिष्ठ रंगकर्मी रणजीत बहादुर माथुर ,अनिल शीतल ,श्रीधर शर्मा ,शमीम आरवी ,अम्बुज राजा ,शशी सागर, मनोज कुमार श्रीवास्तव,मुंशी ,लाल शरण सिंह रविन्द्र और साधन श्रीवास्तव प्रमुख थे.

आरा से ओ पी पाण्डेय की रिपोर्ट