उत्सवी माहौल में वार्षिकोत्सव संपन्न, श्रेष्ठ छात्राएं सम्मानित

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | शनिवार 6 अप्रैल को पटना के कदमकुआं स्थित बापू स्मारक महिला उच्च विद्यालय का वार्षिकोत्सव भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रमों एवं उत्सवी माहौल के बीच संपन्न हुआ. इस समारोह में सत्र 2018-19 में अपने बेहतर प्रदर्शन से विद्यालय का विभिन्न क्षेत्रों में नाम रौशन करने वाली छात्राओं को सम्मानित व पुरस्कृत किया गया.
समारोह के पूर्व विद्यालय की संस्थापिका स्व. सुंदरी देवी (पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की बहन) के तैल चित्र पर स्कूल की प्रधानाध्यापिका, शिक्षक, शिक्षिकाओं, छात्राओं व अन्य ने माल्यार्पण व पुष्पांजलि कर उनको श्रद्धासुमन अर्पित किया.

इस मौके पर नवम् वर्ग की वार्षिक परीक्षा में क्रमश: प्रथम, द्रितीय व तृतीय स्थान पाने वाली सोनाली कुमारी, संजना कुमारी और आरती कुमारी, विद्यालय में सर्वाधिक नियमित उपस्थिति में स्वीटी कुमारी और पूरे वर्ष वेस्ट ड्रेसअप (गेटअप) के लिए लक्ष्मी कुमारी को सम्मानित व पुरस्कृय किया गया. इन सबों को मोमेंटो, गिफ्ट के साथ-साथ पुस्तकें दी गई. युवा महोत्सव में लोकगीत में पुरस्कार जीतने वाली स्कूल की छात्रा लक्ष्मी कुमारी को विशेष रूप से पुरस्कृत व सम्मानित किया.
समारोह में नृत्य, संगीत, क्विज, निबंध, पेंटिंग, वाद-विवाद, खेल आदि क्षेत्रों में जिला व राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली आर्य नंदनी, खुशी जायसवाल, सपना कुमारी, करीना कुमारी राज, जानवी राज, पूजा कुमारी, स्वाति राज, आरती कुमारी, जिया कुमारी, रागिनी कुमारी, अंशिका कुमारी, शावरीन परवीन और सानिया कुमारी को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया.
इसके अलावा नवम् वर्ग के विभिन्न सेक्शन में टॉप थ्री में आने वाली छात्राओं सपना कुमारी, स्वीटी कुमारी, नेहा शुक्ला, सीटू कुमारी, नेहा कुमारी व मुस्कान कुमारी को भी सम्मानित व पुरस्कृत किया गया.




सबों को विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ मीनाक्षी झा ने सम्मानित व पुरस्कृत किया तथा अपने संबोधन में भविष्य के लिए शुभकामना दी. सबों का स्वागत व कार्यक्रम का संचालन स्कूल के शिक्षक अभिषेक कुमार ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन शिक्षिका चंद्रकला कुमारी ने किया. इस मौके पर बड़ी संख्या में छात्राओं के अभिभावक मौजूद थे.
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका मृदुला शरण, शकुंतला कुमारी, चित्रा प्रसाद, उर्मिला कुमारी, कल्पना कुमारी, शिक्षक अर्जुन प्रसाद, लिपिक हरेराम, पुस्तकालयाध्यक्ष गौतम कुमार, आदेशपाल अरविंद कुमार व चंदे जी शर्मा की प्रमुख भूमिका रही.