भीम सेना ने कानून को दी ऐसे खुली चुनौती

भीम सेना की गुंडागर्दी, वकालतखाने में घुस फायरिंग, तोड़फोड़ और वकीलों पर किया हमला

सुप्रीम कोर्ट द्वारा SC/ST कानून में बदलाव को लेकर आरा में भीम सेना के समर्थकों ने सोमवार को जमकर उत्पात मचाया और कानून को खुली चुनौती दी. नारेबाजी और तोडफ़ोड़ का हिंसात्मक प्रदर्शन इस कदर रहा कि कानून को अमलीजामा पहनाने वाले वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. टेबुल कुर्सियाँ तोड़ी, सोने की चेन, नकदी समेत स्टाम्प पेपर, और नोटरी की मुहर तक ले भागे.




बन्द समर्थक लाठी डंडे और झंडों के साथ लगभग 12बजे दिन में काफी संख्या में एक साथ वकालतखाने में घुसे और काम रहे वकीलों पर टूट पड़े. वकीलों के अनुसार उन्हें बन्द समर्थकों ने धक्का दे कुर्सी से गिरा दिया और टेबुल कुर्सियों को तोड़ने लगे.

वकीलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आपस मे नोक-झोंक हुई और कुर्सी टेबुल के साथ कुछ वकीलों को भी चोटें आईं. बन्द समर्थकों ने इस दौरान जमकर उत्पात मचाया और जो भी उन्हें दिखा उसे तोड़ने से बाज नही आये. परिसर में कई गुमटियों को भी निशाना बनाया गया. वकीलों का आरोप है कि पूर्व जिला पार्षद शैलेन्द्र राम के नेतृत्व में यह तोड़फोड़ किया गया और उसने देसी कट्टे से इस दौरान फायरिग भी की. टाइप राइटर, नोटरी के कागजात और मुहर भी ले चंपत हो गए.

वकीलों की माने तो उन्होंने इस दौरान SDPO से भी सम्पर्क किया और उदंड प्रदर्शकारियों पर लगाम लगाने की गुहार लगाई. लेकिन SDPO ने उन्हें यह कहकर लौट दिया कि उन्हें ऊपर से कोई आदेश नही मिला है. इस दौरान नवादा थाना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और CO राजीव रंजन जानकारी मिलते ही वहां पहुंचे और पीड़ित वकीलों से बात की.

इस संदर्भ में वकील प्रमोद राय ने नवादा थाना में शिकायत भी दर्ज कराई है. उन्होंने पूर्व जिला पार्षद शैलेंद्र राम समेत अन्य पर तोडफ़ोड़, मारपीट और नोटरी कागजात छिनने का आरोप लगाया है. प्रमोद राय,महेन्द्र प्रसाद सिंहा,राज नारायण दुबे,अशोक चौधरी,राजकरन केशरी,अमरेश कुमार,संतोष सिह मनोज वर्मा,विनय प्रसाद,देव वंश प्रसाद,सुभाषचन्द्र प्रसाद समेत कई वकीलों की टेबल-कुर्सियां और मेंज टूटी हैं. तोडफ़ोड़ के दौरान हुए भगदड़ में जब कुछ वकीलों ने बांस और बल्ला ले समर्थकों का जवाब दिया तब वो भागे.

आरा से ओ पी पाण्डेय की रिपोर्ट