एक ऐसा बादशाह जो हर रोज करता था जहर का सेवन




एक दिन में खा जाता था 35 किलो का खाना

कोई महिला शारीरिक संबंध बनाती थी, तो उसकी मौत हो जाती

उसके कपड़ों को जला दिया जाता था

बिस्तर के पास रखे होते थे गोश्त के समोसे

नाश्ते में एक कटोरा शहद, एक कटोरा मक्खन और 100-150 केले

बादशाहों में से अगर कोई सबसे ज्यादा मशहूर है तो वो सुल्तान महमूद बेगड़ा है. लेकिन सुल्तान महमूद बेगड़ा अपनी बहादुरी की वजह से नहीं बल्कि कुछ अजीब कारणों की वजह से मशहूर हुए कि जिन पर आज के दौर में यकीन करना मुश्किल है.

जब खाने की बात आती है तो आपने बहुत से खाने के शौकीन लोगों को देखा होगा, जो एक दिन में अच्छा-खासा खाना खा लेते हैं. लेकिन अगर आपको पता चले की कोई इंसान एक दिन में 35 किलो तक खाना खा सकता है तो आप भी आश्चर्यचकित हो जाएंगे. 35 किलो भोजन एक दिन में ग्रहण करना किसी भी सामान्य इंसान के लिए असंभव है. लेकिन गुजरात का छठा सुल्तान महमूद बेगड़ा एक दिन में 35 किलो का खाना का लेता था. छोटी उम्र में ही पिता को खोने के बाद गद्दी पर बैठे बादशाह को बड़ी मूंछे रखने का भी शौक था. कहते हैं कि वह अपनी दाढ़ी को साफे की तरह सिर से बांधता था. वह लंबी दाढ़ी मूछों वालों को पसंद भी करता था और अपने मंत्रिमंडल में ऐसे लोगों को प्राथमिकता देता था. उसकी मूंछें बड़ी और बैल के सींग की तरह मुड़ी हुई थीं.

यूरोपीय इतिहासकारों का कहना है कि एक बार बादशाह को खाने में जहर देने की कोशिश की गई. जिसके बाद उन्हें खाने में रोज थोड़ा-थोड़ा जहर दिया गया ताकि अगली बार कोई उसे जहर दे तो उसके शरीर पर इसका असर न हो. धीरे-धीरे वह खाने में जहर लेने लगा और समय के साथ उसकी मात्रा बढ़ाने लगा. कुछ ही वर्षों बाद उसका शरीर बहुत जहरीला हो गया. महमूद बेगड़ा का शरीर इतना जहरीला था कि अगर उसे कोई मक्खी काटती थी तो वह भी मर जाती थी. यहां तक किसी भी महिला उसके साथ शारीरिक संबंध बनाती थी, उसकी मौत हो जाती थी. कहा जाता है कि बादशाह के इस्तेमाल किए कपड़े और कोई इस्तेमाल नहीं करता था और उन्हें जला दिया जाता था. क्योंकि वो जहरीले हो जाते थे.

सुल्तान नाश्ते में एक कटोरा शहद, एक कटोरा मक्खन और 100-150 केले खा जाते थे. फारसी और यूरोपीय इतिहासकारों का ये मानना था कि सुल्तान महमूद बेगड़ा काफी ज्यादा खाना खाते थे. इन इतिहासकारों ने अपनी कहानी में उल्लेख किया था कि सुल्तान महमूद बेगड़ा रोज लगभग एक गुजराती टीले जितना यानी 35-37 किलो तक खाना खा जाते थे. खाने के बाद के डेजर्ट का हाल भी जरा जान लीजिए. खाने के बाद आप अमूमन मीठे में आइसक्रीम या फिर खीर  की  एक से दो कटोरी खा पाएंगे. लेकिन सुल्तान खाने के बाद साढे़ चार किलो तक मीठे चावल खा जाते थे. इतना खाना खाने के बाद वैसे तो किसी को भूख नहीं लगती लेकिन वो सुल्तान महमूद बेगड़ा हो तो ऐसा हो सकता है. रात में अचानक भूख के कारण सुल्तान परेशान न हो इसलिए उनके तकिये के दोनों तरफ गोश्त के समोसे रखे जाते थे. जिससे सुल्तान की रात की भूख शांत होती थी.