बड़ी कार्रवाई: प्रदूषण बोर्ड ने दो बड़ी कंपनियों को बंद करने की कार्रवाई शुरू की

हरिलाल और मिथिला दुग्ध संघ पर बड़ी कार्रवाई

पटना, 18 सितंबर 2026 – बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने पर्यावरण नियमों के गंभीर उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई की है. दो औद्योगिक इकाइयों को जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत बंद करने की कार्रवाई की जा रही है.




1. दरभंगा की मिथिला दुग्ध संघ पर गिरी गाज –
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर राज्य पर्षद एवं थर्ड पार्टी एजेंसी IIT खड़गपुर की संयुक्त टीम ने दरभंगा स्थित मेसर्स मिथिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड का निरीक्षण किया.

जांच में पाया गया कि –

  • इकाई का बहि:स्राव उपचार संयंत्र (ETP) ठीक से कार्य नहीं कर रहा था.
  • अनुपचारित गंदा पानी को बाईपास कर बोरवेल में रिवर्स पंपिंग के जरिए जमीन में डाला जा रहा था.
    यह गंभीर श्रेणी का उल्लंघन है और पर्षद की सहमति की शर्तों तथा जल अधिनियम 1974 का उल्लंघन है.

2. पटना के पाटलिपुत्र में हरिलाल वेंचर्स पर भी कार्रवाई –
इसी प्रकार IIT खड़गपुर के साथ संयुक्त निरीक्षण में पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र, पटना स्थित मेसर्स हरिलाल वेंचर्स प्राईवेट लिमिटेड में भी ETP संचालित नहीं पाया गया। अनुपचारित बहि:स्राव का बाईपास कर निकटवर्ती नाले में छोड़ा जा रहा था.

पर्षद ने कहा है कि 100 किलोग्राम प्रतिदिन BOD से अधिक बहि:स्राव करने वाली और खतरनाक पदार्थों का इस्तेमाल करने वाली इकाइयों को अतिप्रदूषणकारी श्रेणी में रखा गया है, जिनकी हर साल अनिवार्य जांच होती है.

दोनों इकाइयों को बंद करने की कार्रवाई इसलिए की जा रही है जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को रोका जा सके.

pncb

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