बिहार के मखाने को ग्लोबल ब्रांड बनाने की तैयारी, 21 जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ

पटना, 7 सितंबर। बिहार के मखाने को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने मखाना विकास योजना को नए स्तर पर लागू करने की पहल की है। योजना के तहत मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और विपणन को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मखाना बिहार का गौरव और सांस्कृतिक पहचान है। सरकार का लक्ष्य पारंपरिक मखाना खेती को आधुनिक एवं व्यावसायिक मॉडल में बदलना है, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
योजना का लाभ राज्य के 21 मखाना उत्पादक जिलों के किसानों को मिलेगा। इनमें सारण, पटना, दरभंगा, मधुबनी, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, सीतामढ़ी, मधेपुरा, अररिया, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली शामिल हैं।
75 प्रतिशत तक अनुदान
मखाना के क्षेत्र विस्तार और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए सरकार द्वारा लागत का 75 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष अनुदान दिया जा रहा है। उन्नत प्रजाति सबौर मखाना-1 और स्वर्ण वैदेही के गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के साथ तालाब और खेत दोनों प्रणालियों में खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मखाना फोड़ने और प्रसंस्करण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आधुनिक एवं पारंपरिक किट की खरीद पर भी 75 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।

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