टिकट चेकिंग में डीसीएम और जीआरपी हवलदार भिड़े

हवलदार ने डीसीएम पर दुर्व्यवहार का कराया मामला दर्ज

दानापुर स्टेशन पर टिकट चेकिंग के दौरान दानापुर रेल मंडल में कार्यरत मंडल वाणिज्य प्रवन्धक एके पाण्डेय और जीआरपी के हवलदार जितेन्द्र सिंह आपस में भिड़ गए . इसे देखने के लिए स्टेशन पर भारी मजमा जमा हो गया. घटना को लेकर जीआरपी हवलदार जितेन्द्र सिंह ने दानापुर जीआरपी में अपने साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर मामला दर्ज कराया है . इस सम्बन्ध में दानापुर जीआरपी इन्स्पेक्टर रामप्रबोध यादव का कहना है कि घटना की छानबीन कर समुचित कार्रवाई की जाएगी. उहोंने कहा कि यात्रियों से भी शिकायत मिली है कि  डीसीएम पाण्डेय टिकट चेकिंग के नाम पर यात्रियों और पुलिस वालों को जानबूझ कर परेशान और दुर्व्यवहार करते हैं. इस से पहले आरा के ही एक दारोगा महेश यादव के साथ टिकट चेकिंग के दौरान दुर्व्यवहार किया गया था. घटना के सम्बन्ध में हवालदार जितेन्द्र का कहना है कि वे रेलवे पी पी बिहटा में कार्यरत हैं.danapur
बिहटा से पैसेंजर ट्रेन 562 से ड्यूटी करने के लिए हम अपने सिपाही ओमप्रकाश उपाध्याय ,कमलेश पासवान,अजय कुमार आदि के साथ दानापुर स्टेशन पहुँच कर ट्रेन से जैसे ही बाहर आये, डीसीएम एके पाण्डेय ने हम से टिकट मांगा. हमने कहा हम सभी जीआरपी वाले हैं,ड्यूटी के लिए यहाँ आये हैं, आप जीआरपी से जानकारी ले लें. जीआरपी वाले पुलिस का नाम लेते ही उन्होंने हमारा कॉलर पकड़ लिया और आरपीएफ जवानों को बोले कि इसे ले चलो. दुर्व्यवहार करने के साथ साथ वे गाली भी देने लगे और गले का चेन भी ले लिए, जिसकी कीमत 45 हजार है. इधर डीसीएम एके पाण्डेय का कहना है कि टिकट चेकिंग के दौरान पहचान नहीं होने से हमने अन्य यात्रियों की तरह उनसे भी टिकट मांगा तो वे बोले टिकट नहीं है . हम जीआरपी वाले हैं. मैंने उनसे ड्यूटी पास या कोई भी परिचय कार्ड मांगा, इसी बात पर वे हम से उलझ गए. कहीं भी कुछ नहीं हुआ. ना दुर्व्यवहार हुआ ना ही चेन छिना गया. यह सब वेवजह फंसाने और नीचा दिखने का चक्कर है. ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है. ऐसे में तो कोई भी सरकारी काम करना मुश्किल है.