ये सरकारी पैसों के दुरुपयोग का मामला है

12 फुट की सड़क को तीन फुट काट नाली बना दिया,अब वाहनों को आने में हो रही परेशानी
लोगो का आरोप-बिना जरूरत बन रहा नाली, समाधान के बदले बढ़ गयी समस्या

कोइलवर (आमोद कुमार) | नगर पंचायत के वार्ड 05 में मुख्य सड़क पर बन रही नाली विवाद का कारण बन गयी है जिसे लेकर स्थनीय युवकों ने नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन दे काम रोकने के लिए नगर कार्यपालक से गुहार लगाई है. लोगो का कहना है कि यह नाली सरकारी पैसों के दुरुपयोग के उद्देश्य से बनाया जा रहा है. जिस इलाके में नाली बनाया जा रहा है वहां नाली की कोई जरूरत ही नही है. ऊपर से नियम विरुद्ध मुख्य सड़क पर बन रहे इस नाली के लिए मुख्य सड़क को किनारे से काट कर और संकीर्ण कर दिया गया है, नतीजतन आने जाने वाले छोटे बड़े वाहन, स्कूली वाहन समेत अन्य राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
क्या है मामला
कोइलवर नगर पंचायत के वार्ड 05 में मुख्य सड़क पर नाली का निर्माण हो रहा है. जिस सड़क के किनारे नाली का निर्माण हो रहा है वह जिला परिषद के अधिकार की सड़क है और अतिक्रमण की वजह से मात्र 12 15 फुट ही चौड़ा है. सड़क के पूर्व की ओर सोन नदी का पक्का रिंग बांध है और उसके पीछे आबादी है. नाली बनाने के लिए सड़क के किनारे किनारे 2 से 3 फुट सड़क काट दी गयी है. नतीजतन जो सड़क पहले से पतली थी वो और सिकुड़ गयी है. अब उस सड़क से गुजरने वाली गाड़ियों और राहगीरों को परेशानी हो रही है.
लोगों का आरोप, सरकारी पैसे के बंदरबांट के लिए बन रहा नाली
इलाके के लोगो की माने तो इस नाली का निर्माण सरकारी पैसे के बंदरबांट के लिए हो रहा है. क्योंकि जिस जगह पर नाली का निर्माण हो रहा है वह नाली निर्माण के लिए उपयुक्त है हीं नहीं. पहले तो बिना इजाज़त लिए जिलापरिषद के अधिकार वाली सड़क को काट कर रास्ते को संकीर्ण कर दिया गया. दूसरे जहां नाली का निर्माण हो रहा है वहां किसी भी घर का पानी उस नाली में नही गिरेगा. नाली के एक ओर 10 फुट मोटा पक्का रिंग बांध है तो दूसरी ओर 12 फुट चौड़ा पीसीसी सड़क. जो भी घर आसपास हैं वे बगल के नाली से पहले से कनेक्टेड हैं. फिर इस नाली में किसी का पानी गिरने का सवाल ही कहाँ है. साथ ही यह भी कहते हैं कि नाली का निर्माण भी निम्न गुणवत्ता व निर्माण नियम के विरुद्ध हो रहा है. जिस ओर जमीन का ढलान है उसके विपरीत दिशा में नाली बनाया जा रहा है. अब बताइये की अगर नाली बन भी गया तो जमीन के ढलान की ओर से चढ़ाई की ओर नाली का पानी कैसे जाएगा. एक युवक बताता है कि बिना भूख लगे ही जबरदस्ती खाना खिलाने के तर्ज़ पर सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है.
शिकायत के बाद भी नही रुका काम
आवेदन लेकर नगर पंचायत कार्यालय एम कार्यपालक पदाधिकारी से मिलने पहुंचे युवकों ने बताया कि कई बार इससे सम्बंधित जनप्रतिनिधियों से शिकायत की और सरकारी पैसे की बर्बादी रोकने के लिए शिकायत की.बावजूद इसके किसी ने नही सुनी. आवेदन के बाद भी नाली निर्माण का काम धड़ल्ले से जारी है जो यह स्पष्ट करता है कि सरकारी पैसे के बंदरबांट के इस खेल में सब बराबर के भागीदार हैं.