इस चिट्ठी ने खोल दी लालू एंड कंपनी की पूरी पोल

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने देश प्रदेश की वर्तमान राजनीति में आई गिरावट को लेकर एक पत्र जारी किया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने इशारों इशारों में आरजेडी पर जमकर निशाना साधा. लेटर जारी करते हुए कहा की वर्तमान में राजनीति में इतनी गिरावट आ गयी है कि लोकतंत्र पर खतरा है. टिकटों की खरीद बिक्रीपूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने इशारों इशारों में आरजेडी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिस समाजवाद को लेकर हम सब आगे बढ़े थे उसे हम सब पूरा नहीं कर पा रहे हैं आज कुछ पार्टियां टिकटों की खरीद बिक्री करने में लगी हुई है जो लोकतंत्र के लिए खतरा है इसके साथ ही इससे कार्यकर्ताओं की हक मारी का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हम सब जिस विचारधारा को लेकर आगे बढ़े थे उसका कहीं ना कहीं आरजेडी ने उसका अपमान किया है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी बाबू जगजीवन राम डॉक्टर लोहिया बाबा साहब और जननायक कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा को लेकर हम सब आगे बढ़े थे लेकिन कहीं ना कहीं इसका भी पार्टी और संगठन इस विचारधारा से अलग चल रही थी. वंशवाद और परिवारवाद पर हमला पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने परिवारवाद और वंशवाद पर भी जमकर हमला किया उन्होंने कहा कि जिस समाजवाद को लेकर आगे बढ़े थे उसे समाजवाद की जगह सामंतवाद जातिवाद वंशवाद परिवारवाद ने जकड़ रखा है. पोस्टर पर एक ही परिवार का फोटोआरजेडी से इस्तीफा देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने

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पद के बाद पार्टी को भी रघुवंश सिंह ने कह दिया अलविदा

राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. दिल्ली एम्स में कई दिनों से इलाज करा रहे रघुवंश प्रसाद सिंह पार्टी में रामा सिंह की एंट्री को लेकर नाराज चल रहे थे. इसी वजह से उन्होंने पहले पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद भी दिल्ली चले गए थे जहां दिल्ली एम्स में उनका इलाज चल रहा है. कोरोना संक्रमण की वजह से वे अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हो पाए हैं. 2 दिन पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है और आज उनका यह पत्र लालू यादव को लिखा गया सामने आया है जिसमें यह कहा गया है कि अब इससे ज्यादा वे पार्टी में नहीं बने रह सकते. राजेश तिवारी

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