मतदाता जागरूकता अभियान एवं विद्यालय में नामांकन अभियान

कोइलवर/भोजपुर (आमोद कुमार) | कोईलवर प्रखंड के मध्य विद्यालय काजीचक में आज छात्र-छात्राओं के द्वारा मतदाता जागरूकता अभियान एवं विद्यालय में नामांकन अभियान के तहत प्रभातफेरी निकाली गई. बच्चों ने ” सारे काम छोड़ दो, सबसे पहले वोट दो” नारों के साथ गांव में घूमकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया. बताते चलें कि 25 अप्रैल को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में “खल्ली स्पर्श संस्कार दिवस” का आयोजन किया जायेगा. प्रभातफेरी में बच्चों ने बैनर एवं हाथ में तख्तियां लिए नारा लगा रहे थे – “बच्चा पढ़ेगा, देश बढ़ेगा. तब जीवन का मान बढ़ेगा. माता-पिता करे ना भूल, बच्चों को भेजे स्कूल. इस दौरान शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए पहली कक्षा में बच्चों का नामांकन समारोह पूर्वक किया जायेगा. नामांकन के लिए कल विद्यालय में आने वाले बच्चों को सबसे पहले फुलमाला पहना कर स्वागत किया जायेगा तथा उनका नामांकन होगा. इसी क्रम में अगले सत्र में विद्यालय में बाल संसद का भी गठन किया गया जिसमें छात्र-छात्राओं के अंदर बेहद उत्सुकता देखी गई. बाल संसद के प्रधानमंत्री के पद पर पुष्पा कुमारी और उप प्रधानमंत्री विजेता कुमार का चयन छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया. मंत्री एवं उप मंत्री के लिए क्रमशः निकुंज,सोन, चंदन,रचना, काजल,सुरेंद्र, दीपा,डबलु,रीतिक,दीपा,रुखसार और राहुल कुमार का चयन हुआ. विद्यालय के शिक्षक राजाराम सिंह” प्रियदर्शी” के कुशल निर्देशन में विद्यालय के शिक्षक, प्रदीप, अशरफ,सुमन,अर्चना, लालदेव के सहयोग से कार्यक्रम का समापन खुशनुमा माहौल में संपन्न हुआ.

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नेत्रदान करने वाले परिवार को सम्मान

पटना डीएम संजय कुमार ने स्वर्गीय शान्ति देवी को मरणोपरांत प्रेरणा दूत के सम्मान से किया विभूषित किया है. डीएम ने स्वर्गीय शान्ति देवी के परिजनों को भी सम्मानित किया. शांति देवी की हाल ही में मृत्यु हुई है और उनके परिजनों ने मरणोपरांत शांति देवी का नेत्र दान करके समाज में एक मिसाल कायम की है. डीएम संजय कुमार अग्रवाल रविवार को स्व. शाति देवी  के एसपी वर्मा आवास पहुंचे और उनके परिजनों से मिलकर सभी को सम्मानित किया. डीएम ने बताया कि कई लोगों के द्वारा नेत्र दान का संकल्प लिया जाता है,संकल्प अथवा दान पत्र भी भरा जाता है लेकिन दान कर्ता की मृत्यु होने के उपरांत परिजनों के जानकारी के अभाव अथवा विभिन्न प्रकार के भ्रांतियों की वजह से नेत्र दान नहीं हो पाता है. डीएम ने बताया कि स्वर्गीय शान्ति देवी के परिजनों ने आगे बढ़ कर IGIMS से सम्पर्क किया जिसके बाद नेत्रदान संभव हुआ. उन्होंने कहा कि नेत्र दान में मात्र कॉर्निया ही निकाला जाता है इससे मृतक के चेहरे पर किसी तरह का कोई निशान नहीं होता है, आँख का बाहरी हिस्सा यथावत रहता है.

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