औचक निरीक्षण में खुल गई सरकारी अस्पतालों की पोल

मंगलवार को पटना जिले के सभी सरकारी प्राथमिक और अतिरिक्त प्राथमिक अस्पतालों का जिला प्रशासन ने औचक निरीक्षण किया. पटना डीएम संजय अग्रवाल के आदेश पर हुए इस निरीक्षण में  इन अस्पतालों की सही तस्वीर सामने आ गई.साथ ही सरकारी सेवा के नाम पर गरीबों के इलाज की अनदेखी कर रहे डॉक्टरों की पोल भी खुल गई. औचक निरीक्षण में जिले के 55 डाॅक्टर और 64 पारा मेडिकल स्टाफ ड्यूटी से  गायब मिले. इसके अलावा पटना जिले के 6 स्वास्थ्य संस्थानों पर ताला लगा था. दरअसल डीएम के आदेश पर जिलास्तरीय पदाधिकारियों, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं सभी अंचलाधिकारी ने अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत PHC एवं APHC का औचक निरीक्षण किया जिसमें डाॅक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ, कार्यालय कर्मियों, स्वास्थ्य प्रबंधक, आउट सोर्सिंग स्टाफ आदि की उपस्थिति की जांच की गई. डीएम संजय अग्रवाल अचानक राजधानी के न्यू गार्डिनर अस्पताल पहुंच गए. डीएम को अचानक सामने देख अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया. डीएम ने वहां की पूरी व्यवस्था का जायजा लिया और कुछ कमियों को दूर करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के क्रम में स्वास्थ्य उप केन्द्र दरवेशपुर मनेर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सकसोहरा, बेलछी, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द चंढोष पालीगंज, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द सिगरियामां, दनियांवा, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द दतियाना, विक्रम अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द करजान, अथमलगोला में ताला बंद पाया गया. डीएम ने ऐसे सभी सरकारी कर्मियों और डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है जो ड्यूटी से नदारद थे. वहीं स्वास्थ्य प्रबंधक सहित सभी संविदा कर्मी के मानदेय में 10 प्रतिशत

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