सुरक्षा की कसौटी पर फिट ग्रामीण इलाके का यह स्कूल


कोविड नियमों का 100% पालन,
सिम्बायोसिस स्कूल के बच्चों में दिखा उत्साह,शिक्षको में भी खुशी

गड़हनी,3 मार्च. बिहार समेत भोजपुर में कोरोना को लेकर 11 माह से बंद चल रहे 1 से 5 तक के स्कूल सोमवार से खुल गए. इस दौरान गड़हनी प्रखण्ड क्षेत्र के सरकारी व निजी विद्यालयों के बच्चे काफी खुश दिखे. दूसरे दिन मंगलवार की सुबह बच्चे जब अपने-अपने विद्यालय पहुंचे, तो दोस्तों से मिलकर खिलखिला उठे. स्कूलों में भी बच्चों को स्वागत करने के लिए पहले से ही कई तरह की तैयारियां की गई थी. कई जगह बच्चों पर पुष्प वर्षा की गई. कक्षाओं को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया था. सभी नन्हे अतिथियों के जबरदस्त स्वागत के लिए तैयारी के साथ मुस्तैद थे.





स्वागत तो हर विद्यालयों की अपने सरिकी कुछ खास ही थी, लेकिन गड़हनी से सटे सेमराँव अवस्थित सिम्बायोसिस इंटरनेशनल स्कूल में कल काफी संख्या में छात्र-छत्राए 11 माह बाद पढ़ने के लिए पहुंचे. विद्यालय पहुंचने पर सबसे पहले स्कूल वाहन लगते ही बच्चों पर पुष्प वर्षा कर उनको स्वागत किया गया. वही इस स्कूल में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए देखा गया. स्कूल पहुंचने वाले सभी बच्चों का थर्मल स्क्रीनिंग किया गया. इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उपस्थित छात्रों को उनके कक्षा के बेंच पर बैठाया गया. इस दौरान सभी बच्चे मास्क लगाए हुए थे. सिम्बायोसिस इंटरनेशनल स्कूल में उत्साहित होकर पहूंचे कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को 50% उपस्थिति के साथ स्कूल बुलाया जा रहा हैं.

कोरोना गाइड लाइन को फ़ॉलो करते देख जब पटना नाउ ने स्कूल के व्यवस्थापक रवि गुप्ता से मुलाकात की तो उन्होंने बताया कि आज कोरोना काल के 11 माह बाद कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की क्लास शुरू की गई है. शनिवार को ही विद्यालय में साफ-सफाई और सेनिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया था. सोमवार से बच्चे विभिन्न बस से स्कूल पहुँच रहे हैं. सबसे पहले हम उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करा रहे हैं. बच्चों को लेकर हम कोई रिस्क नही उठाना चाहते. इसलिए स्क्रीनींग के बाद उन्हें सेनिटाइजेशन भी किया जा रहा है. इसके बाद ही उन्हें क्लासरूम में इंट्री दी जा रही है. बच्चे काफी उत्साहित एवं दोस्तों से मिलकर काफी खुश दिखे. उन्होंने कहा कि अभी सरकार के आदेश अनुसार 50% उपस्थिति के साथ ऑड इवन नंबर के आधार पर बच्चों को कक्षा में बुलाया जा रहा है.

गड़हनी से मुरली मनोहर जोशी की रिपोर्ट