पुस्तकों और बैग के साथ हुई विदाई

कस्तूरबा गांघी दिवस पर विदाई समारोह आयोजन

रालोसपा ने लड़कियों को बाँटी पुस्तकें और बैग




गड़हनी, 13 अप्रैल. कस्तूरबा गांघी दिवस के अवसर पर गड़हनी कस्तूरबा विद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी राजीव कुमार, संचालक विजय केशरी और वार्डन चंचला कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. अतिथियों के सम्मान में विद्यालय की बच्चियों द्वारा स्वागत गान किया गया. सभा को संबोधित करते हुए BDO राजीव ने बताया कि आज लडकिया किसी क्षेत्र में पीछे नही है. परीक्षा, समाज सेवा, उच्च पद और सीमा रक्षा में भी लडकिया पुरुषों से कदम से कदम मिला कर चल रही है.

पुरुष समाज को भी चाहिए कि महिला एवं लड़कियों के प्रति सार्थक सोच के साथ सम्मान दे. लड़कियों को भी अपने सम्मान के लिए आगे आना पड़ेगा तभी उनको अधिकार मिल पाएगा. रास्ता चलते लड़कियों पर छीटाकशी करने वाले लोगो को करारा जवाब देना चाहिए ताकि आगे से इस तरह के गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके. इस मौके पर आठवी उतीर्ण छब्बीस बच्चियों को रासलोपा की ओर से किताब और बैग भी दिया गया. इस अवसर पर शिक्षिका वैजंतीमाला,अभिभावक संजय राम ,कांति देवी,उर्मिला,डोमन राम सहित कस्तूरबा विद्यालय के गार्ड और पियून रसोइया सहित सैकड़ों मौजूद थे.

महिला सशक्तिकरण पर जोर

वही इस मौके पर अगिआंव में कस्तूरबा गांघी जयंती के अवसर पर अगिआंव स्थित कस्तूरबा विद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में भोजपुर की महिला थानाध्यक्ष, पूनम कुमारी, मुकेश यादव, MDM DPO रामाधार शर्मा, SSA DPO उपेंद्र सिंह , BDO सन्नी सौरभ ,CO अमित कुमार,BRP अक्षय कुमार, वार्डन पूर्णिमा कुमारी और लेखापाल राधेश्याम ओझा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वालित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया.

बच्चियों ने स्वागत गान से अतिथियों का सत्कार किया. सभा को संबोधित करते हुए थानाध्यक्ष पूनम कुमारी ने बताया कि आज लडकिया किसी क्षेत्र में पीछे नही है. पुरुष समाज महिला एवं लड़कियों के प्रति सार्थक सोच रखें और उन्हें सम्मान दे. साथ ही उन्होंने कहा कि लड़कियों को भी अपने सम्मान के लिए आगे आना पड़ेगा तभी उनको अधिकार मिल पाएगा. इस मौके पर पूनम कुमारी को शॉल देकर वार्डन पूर्णिमा कुमारी ने सम्मानित किया. साथ ही आठवी पास कर गई लड़कियों को विदाई दी गयी.

गड़हनी से मुरली मनोहर जोशी और अगिआंव से हरे राम गुप्ता की रिपोर्ट