पॉलीथिन पर हाईकोर्ट सख्त,सरकार को दी एक महीने की मोहल्लत

एक माह के भीतर बिहार में भी बनेगा पॉलीथिन पर बैन के लिए कानून

पटना, 24 जुलाई. प्रणय प्रियंवद की दैनिक भास्कर में 23 जून को प्रकाशित खबर (मुचलिंद झील मूढी व पॉलीथिन के प्रदूषण से खो रहा अस्तित्व) पर पटना हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था. जिस पर सरकार को 23 जुलाई को कोर्ट में जवाब देना था. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार की तरफ से आश्वासन दिया है कि पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए सरकार एक माह के अंदर कानून बनाएगी. अब कोर्ट अगली सुनवाई 27 अगस्त को करेगा.




बताते चलें कि दैनिक भास्कर,पटना के प्रधान संवाददाता प्रणय प्रियंवद ने महाबोधि मंदिर परिसर में स्थित मुंचलिंद झील मे मूढी के साथ पॉलीथिन फेंके जाने की खबर लिखी थी, जो गया संस्करण में प्रकाशित हुई थी जिस पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब मांगा था. 23 जुलाई को सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के मुख्य सचिव दीपक कुमार, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, पटना नगर निगम के कमिश्नर, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष अशोक कुमार घोष, वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव त्रिपुरारी शरण, पटना के जिलाधिकारी कुमार कवि सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे. कोर्ट ने इन सब से पूछा – “देश के कुछ राज्यों में पॉलीथिन पूर्णतः बंद है तो फिर बिहार में इसे बंद क्यों नहीं किया जा रहा है?”

इस मामले में गया के डीएम पहले ही तलब किए गए थे. उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि महाबोधि मंदिर परिसर को पॉलीथिन मुक्त किया गया है. लेकिन कोर्ट चाहता है कि पूरा बिहार पॉलीथिन फ्री हो. 23 जुलाई को इसी की सुनवाई थी. कोर्ट ने अपने तल्ख तेवर में सरकार को नसीहत दी की सरकार खुद जिम्मेदारी समझे.

महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि मुख्य सचिव स्तर पर कमेटी बनाई गई है और शहरी क्षेत्र में इस पर तत्काल रोक लगाने का फार्मूला तैयार किया जा रहा है. कोर्ट ने पटना नगर निगम के आयुक्त से जब पॉलीथिन के दुष्परिणाम के बारे में सवाल किया तो उन्होंने स्वीकार क्या कि यह खतरनाक तरीके से फैलता जा रहा है. इस पर कोर्ट ने फिर सवाल किया तो फिर देर किस बात की? क्यों नहीं इसे बंद ही कर दिया जाता? कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड, हैदराबाद आदि स्थानों पर रोक लगायी जा चुकी है.

पटना हाईकोर्ट को सरकार ने आश्वासन दिया है कि राज्य के शहरी व कस्बाई क्षेत्र को जल्द ही पॉलीथिन मुक्त किया जाएगा. मुख्य सचिव ने सोमवार को कानून बनाने के लिए एक माह की मोहलत कोर्ट से मांगी है, जिसे कोर्ट ने दे दिया. साथ ही हाईकोर्ट ने गया शहर व बोधगया को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त घोषित करने लायक बनाने का भी आदेश दिया. न्यायमूर्ति डॉ. रवि रंजन व न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने मुख्य सचिव के आश्वासन पर सरकार को एक महीने की मोहलत देते हुए बोधगया एवं गया शहर को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त घोषित करने लायक माहौल बनाने का आदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया.

पॉलीथिन से जाम हो रही हैं नालियां
जिस पत्रकार प्रियंवद की खबर पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है, वे दैनिक भास्कर में विषय पर सीरीज में खबरें लिख रहे हैं. खबर में शहर के कई जाने माने डॉक्टर भी पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग कर चुके हैं. पटना नगर निगम के चारों र्कायपालक पदाधिकारी बता चुके हैं कि पॉलीथिन से शहर का ड्रेनेज सिस्टम जाम हो जाता है और जितने भी खुले बड़े नाले व नालियां हैं सब सफाई के कुछ दिन बाद ही पॉलीथिन से भर कर जाम हो जाती हैं. प्रणय प्रियंवद ने इस कंपेन को मुकाम तक ले जाने के लिए फेसबुक पर एक पेज भी बनाया है-
www.facebook.com/@Polythinefreebihar

पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट