मानव श्रृंखला को लेकर सरकार और शिक्षक आमने-सामने

19 जनवरी को बिहार में बनने वाली मानव श्रृंखला को लेकर सरकार की मुसीबत बढ़ सकती है. शिक्षकों ने मानव श्रृंखला के खिलाफ पटना हाई कोर्ट में पीआईएल दायर किया है.

मानव श्रृंखला के अवसर पर रविवार (19-01-2020) को सूबे के सभी विद्यालयों को खोलकर शिक्षक और छात्रों को उपस्थित रहने का आदेश देने वाले अपर मुख्य सचिव आर के महाजन के पत्रांक 42 दिनांक 06-01-2020 के खिलाफ शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने हाई कोर्ट में अपने जनहित याचिका दायर कर दिया है.




आनंद कौशल सिंह ने साफ कर दिया है कि बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के द्वारा सरकार को सौंपे गए मांग-पत्र में अंकित समान वेतनमान सहित सभी मांगों को 15-01-2020 तक नहीं पूरा किया गया तो मानव श्रृंखला का बहिष्कार हर हाल में करेंगे और फरवरी 2020 से सम्पूर्ण हड़ताल प्रारंभ करने के लिए भी लाखों शिक्षक तैयार हैं.

आनंद कौशल ने कहा है कि मानव श्रृंखला के खिलाफ जनहित याचिका दायर हुई है और मानव श्रृंखला के बहिष्कार का ऐलान किया गया है तो कुछ लोगों से सूचना मिल रही है कि सरकार वार्ता करना चाहती है तो नीतीश सरकार सबसे पहले बिना शर्त नवप्रशिक्षित शिक्षक के वेतनमान निर्धारण वाले त्रुटिपूर्ण पत्र में संशोधन करे और 05 सितंबर के हड़ताल अवधि का सामंजन करे. तभी समझा जा सकता है कि सरकार समान वेतनमान, राज्य कर्मी का दर्जा आदि जैसे मांगो पर वार्ता करने के लिए सच में तैयार है. उन्होंने कहा कि 8-01-2020 को जनहित याचिका दायर होते ही टोकन नम्बर मिल चुका है .

बता दें कि बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समिति पहले ही मानव श्रृंखला के बहिष्कार का एलान कर चुकी है. समिति ने 15 जनवरी तक शिक्षकों की मांगें माने जाने का अल्टीमेटम दिया है. इसके बाद आनन-फानन में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने एक पत्र जारी कर 19 जनवरी को सभी स्कूलों को खोलने और सभी शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया. इसके बाद शिक्षकों ने नाराजगी जताते हुए हाई कोर्ट का रुख किया है.