इंडोनेशिया का प्लेन क्रैश, 188 यात्रियों के मारे जाने की आशंका, प्लेन का एक पायलट भारतीय

विमान जेटी-610 जकार्ता से पंगकल पिनॉन्ग जा रहा था, इसमें 188 लोग सवार थे.
सर्च ऑपरेशन के अधिकारियों के अनुसार जावा समुद्र तट के पास विमान के टुकड़े नजर आए हैं
प्लेन टेक ऑफ के 13 मिनट बाद ही विमान से संपर्क टूट गया जिसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.
इसमें सवार 188 लोगों में 178 लोगों के अलावा 3 बच्चे, 2 पायलट और 5 केबिन क्रू सवार थे.
जकार्ता (ब्यूरो रिपोर्ट) | इंडोनेशिया के जकार्ता से पांकल पिनांग शहर जा रहा एक यात्री विमान सोमवार सुबह उड़ान भरने के 13 मिनट बाद ही समुद्र में क्रैश हो गया. बताया जा रहा है कि संपर्क टूटने से पहले पायलट ने प्लेन की वापसी का सिग्नल दिया था. विमान संपर्क टूटने वाली जगह से करीब दो नॉटिकल मील (3.7 किलोमीटर) दूर कारावांग की खाड़ी में क्रैश हुआ. प्लेन के दो पायलटों में से एक पायलट भारतीय था जिसका नाम कैप्टन भव्य सुनेजा था. सुनेजा मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले थे. मार्च 2011 में ही वे लॉयन एयर से जुड़े थे. उनके पास विमान उड़ाने का 6000 घंटे का अनुभव था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ने जकार्ता एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी. विमान सुमात्रा के पिंगकल पिनॉन्ग जा रहा था. उड़ान भरने के 13 मिनट बाद ही विमान का संपर्क कण्ट्रोल रूम से टूट गया था. बताया जा रहा है कि संपर्क टूटने से पहले पायलट ने प्लेन की वापसी का सिग्नल दिया था. लेकिन वापसी की इजाजत मिलने के ठीक बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) का फ्लाइट से संपर्क टूट गया. सर्च ऑपरेशन के अधिकारियों के अनुसार जावा समुद्र तट के पास विमान के टुकड़े नजर आए हैं.
विमान कंपनी लॉयन एयर के सीईओ एडवर्ड सैट ने कहा कि रविवार को डेनपसार से जकार्ता आने के दौरान ही प्लेन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इंजीनियरों द्व्रारा खराबी को ठीक करने के बाद ही सोमवार सुबह प्लेन को रवाना किया गया था.