‘खेल प्रतिभाओं की पहचान में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भूमिका अहम’

पटना।। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से 7 से 27 जुलाई तक चल रहे राज्य के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 300 शारीरिक शिक्षकों के लिए शारीरिक शिक्षा,योग एवं खेल के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में सोमवार को खेल विभाग के उपनिदेशक संजय कुमार और आईआईटी पटना के खेल निदेशक डॉ करुणेश कुमार शामिल होकर प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन किया.

पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठे व अंतिम बैच के प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए खेल विभाग के उपनिदेशक संजय कुमार ने कहा कि आज तक जितने भी खेल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की प्रतिभा की पहचान करने और निखारने में सबसे अहम भूमिका उसके विद्यालय के शारीरिक शिक्षा शिक्षक की रही है. प्रदेश को खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में आप सभी शारीरिक शिक्षकों के बिना संभव नहीं है.




आईआईटी पटना के खेल निदेशक डॉ करुणेश कुमार ने कहा कि शारीरिक शिक्षा का महत्व इसी से लगाया जा सकता है देश के प्रीमियम संस्थान आईआईटी में खेल और शारीरिक शिक्षा को अहम स्थान दिया गया है. शारीरिक शिक्षा एवं खेल बच्चे व युवाओं के शिक्षा के साथ-साथ जीवन के तनाव को भी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षक अभिषेक कुमार एनआईएस एथलेटिक्स कोच सह शारीरिक शिक्षा शिक्षक बापू स्मारक महिला उच्च विद्यालय ने कार्यक्रम का संचालन एवं सबों का स्वागत किया.

आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा के महत्व, विकास में खेल की भूमिका (एस फॉर डी), वार्मअप एवं कूलिंग डाउन की प्रक्रिया एवं महत्व सहित कम संसाधन व छोटे मैदान में भी विभिन्न प्रकार के मनोरंजन खेल गतिविधियों से बच्चों की शारीरिक व मानसिक क्षमता का विकास कैसे किया जा सकता है इस संबंध में बतलाया गया.

25 से 27 जुलाई तक चलने वाले छठे व अंतिम बैच के प्रशिक्षण में बक्सर, समस्तीपुर, शेखपुरा, सहरसा, सीतामढ़ी, वैशाली, पश्चिमी चंपारण जिला के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 50 शारीरिक शिक्षा शिक्षक भाग ले रहे हैं. आज के कार्यक्रम में यूनिसेफ कंसल्टेंट धर्मवीर कुमार, निशांत कुमार, प्रशिक्षक डब्लू कुमार एवं मृ्त्युंजय कुमार, नीरज कुमार भी मौजूद थे.

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