दो दिन-रात से हवा में लटके है लोग, अंधेरे के कारण रुका रेस्क्यू, तीन की मौत




त्रिकुट रोपवे हादसे में बड़ी लापरवाही: 4 की जगह सात लोग हुए थे सवार
हेलीकॉप्टर से फिसलकर एक युवक के नीचे गिरने से हुई मौत  
32 को रोपवे से निकाला , 15 लोग अभी भी फंसे
आज सुबह फिर शुरू होगा रेस्क्यू
देवघर सदर अस्पताल में घायलों का चल रहा है इलाज
एनडीआरएफ की टीम के साथ सेना के कमांडो रेस्क्यू में जुटे

त्रिकुट रोपवे हादसा के बाद वहां रेस्क्यू का काम जारी है। वहां फंसे 48 पर्यटकों को रेस्क्यू कर हेलीकॉप्टर से नीचे उतारने की कोशिश की जा रही है। इनमें से 32 को सकुशल नीचे उतार लिया गया है। बाकी लोगों को भी नीचे उतारने की कोशिश जारी है. अँधेरा होने की वजह से रात में रेस्क्यू का काम रोक दिया गया है .कल सुबह फिर से भारतीय सेना के जवान रेस्क्यू में जुट जायेंगे .आसपास के ग्रामीण भी रेस्क्यू कार्य में जुटे हुए हैं. हादसे को 30 घंटे से ज्यादा हो रहे हैं। उस समय से ही ये पर्यटक वहां फंसे हैं। वहीं जिला प्रशासन ने एक महिला समेत दो लोगों की मौत  की पुष्टि की है। त्रिकुट पहाड़ के रोपवे में फंसे पर्यटकों को सकुशल नीचे उतारने के लिए एयर फोर्स का हेलीकॉप्टर ट्रॉली के नज़दीक पहुंच कर वापस लौट गया था।

इसकी वजह यह है कि हवा में लटके जो 12 ट्रॉली थे उससे लोगों को निकालने का कोई उपाय नजर नहीं आ रहा था। ट्रॉली के काफी नजदीक बड़े-बड़े चट्टान हैं। इससे हेलीकॉप्टर को भी उनसे टकराने का खतरा था। 2500 फीट से ज्यादा ऊंचाई होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है। मौके पर एनडीआरएफ की टीम के साथ सेना के जवान और स्थानीय पुलिस बल मौजूद हैं। एक युवक को रस्सी के सहारे हेलीकाप्टर तक पहुंचाया जा रहा था हेलीकाप्टर के पास पहुँच कर उसका हाथ और वह नीचे गिर पड़ा .

हादसे को लगभग 24 घंटा बीत चुके हैं और अभी 15 लोग हवा में लटके हुए हैं. उनके पास खाना पानी की व्यवस्था नहीं है. ड्रोन के जरिये उन लोगों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में यह काफी आवश्यक है कि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित उतारा जाए। 2500 फीट से ज्यादा ऊंचाई होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है। मौके पर एनडीआरएफ की टीम के साथ सेना के जवान और स्थानीय पुलिस बल मौजूद हैं। त्रिकुट पहाड़ पर अवस्थित रोपवे के ट्राली में ज्यादा लोड होने के कारण आई तकनीकी फाल्ट से यह हादसा हुआ। इस हादसे में 6 लोग घायल हुए। जिसमें जिला प्रशासन ने तीन मौत की पुष्टि की है।

इस हादसे की वजह से मरने वाली महिला की पहचान सुरा गांव निवासी 40 वर्षीय महिला सुमति देवी के रूप में हुई है। घायलों में असम के कोकराझार निवासी भूपेंद्र वर्मा व उसकी पत्नी दीपा वर्मा, जामताड़ा जिला के करमाटांड़ निवासी रूपा कुमारी, सोनी देवी, गिरिडीह के करमाटांड़ निवासी गोविंद भगत, बिहार के दरभंगा अंतर्गत लहरियासराय निवासी खुशबू रानी, सुधा रानी और एक बालक घायल हैं। घायलों में अज्ञात बालक के साथ एक महिला की स्थिति गंभीर बतायी जा रही है.

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