जांच में दोषी पाए गए तो पटना एडीएम को होगी तीन साल की जेल

राष्ट्र ध्वज का अपमान का मामला




शिक्षक अभ्यर्थी की बुरी तरह पिटाई करते पटना के एडीएम

सोमवार को शिक्षक अभ्यर्थियों ने पटना की सड़कों पर उतरे. ये अभ्यर्थी पिछले कई महीने से नौकरी पाने के लिए प्रदर्शन के लिए मजबूर है. पिछली सरकार सिर्फ भरोसा ही देती रह गयी, लेकिन बहाली नहीं हो सकी. नयी सरकार बनने के बाद इन अभ्यर्थियों को आस जगी कि खली पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रियां जल्द शुरू हो जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं होता देख सोमवार को ये लोग पटना की सड़कों पर उतरे. यहां इन्हें नौकरी तो नहीं मिली, लेकिन उसकी जगह लाठियां अवश्य मिली.  पटना एडीएम ने अभ्यर्थी पर बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसाई. अभ्यर्थी हाथ में तिरंगा लिए सड़क पर गिरा हुआ था और एडीएम सिर से पैर तक लाठियां बरसा रहे थे. लहूलुहान होने के बाद भी क्रूर अधिकारी थम नहीं रहे थे. इससे सरकार की किरकिरी होने लगी है.जानकर बताते हैं कि एडीएम को तीन साल के लिए जेल हो सकती है .तिरंगा फहराने के सही तरीकों और इसके अपमान पर सजाओं का जिक्र मिलता है फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 में। इसके अपमान से जुड़ी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 कानून के तहत की जाती हैं.

हाथ में तिरंगा ले कर अभ्यर्थी मीडिया वालों से बात कर रहा था इस बीच एडीएम के के सिंह आये और अभ्यर्थी के बाल पकड के उसे नीचे गिरा दिया और फिर लाठी से उसे बुरी तरह पीटा इस घटना के बाद से छात्रों में आक्रोश है. वही जब मीडिया वालों ने उनसे पिटाई का कारण जानना चाहा तो वे उनसे भी उलझ पड़े .

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