“नीरा” ताड़ी का नया रूप या रोजगार की नई सम्भावना !

अब भोजपुर में भी नीरा की बिक्री हुई शुरू
एक साथ नीरा के दो आउटलेट खुले, पहले दिन ही बिक गया 54 लीटर

आरा,26 मई. अन्य राज्यो की तर्ज पर शुक्रवार से भोजपुर में ताड़ी से बनने वाली नीरा की विक्री शुरू हो गई. ताड़ी से नीरा के रूप यह नया अवतार रोजगार के लिए जहाँ नई सम्भावनाये खोलेगा वही ताड़ी व्यवसायियों के लिए एक कानूनी रूप से संचालित व्यवसाय होगा. यह सकरात्मक शुरुआत छोटकी सनदिया पंचायत में जीविका दीदियों ने की. शुद्ध नीरा बेचने के लिए फ़िलहाल दो आउटलेट्स छोटकी सनदिया और पुरानी पुलिस लाइन आरा में खोला गया है.




पांच प्रखंडों में होगा उत्पादन
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक संजय प्रसाद पासवान ने बताया कि नीरा उत्पादन भोजपुर के पांच प्रखंड आरा सदर, संदेश, अगिआंव, कोईलवर तथा तरारी में पांच उत्पादक समूहों के माध्यम से किया जायेगा. इन सभी प्रखंडों में नीरा के आउटलेट को खोला जायेगा. नीरा
के माध्यम से जीविका ताड़ी के व्यापार से जुड़े परिवारो को एक कानूनी रूप से वैध रोजगार उपलब्ध करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कार्य भी कर रही है. जीविकोपार्जन प्रबंधक विवेक कुमार ने बताया कि नीरा उत्पाद के लिए शाम को 7 बजे 7:30 तक लबनी को लगाया जाता है और सुबह 5 बजे पेड़ से उतार कर कोल्ड चैन मेंटेंड कर नीरा जीविका के आउटलेट पर बेंचा जाता है.

इतना ही नही आने वाले दिनों में नीरा से पेड़ा, गुड़ और मिठाई का भी उत्पादन करने की योजना है. शुक्रवार को शुरुआती दिन ही नीरा के आउटलेट से 54 लीटर नीरा की बिक्री की गई. इस अवसर पर अमरेंद्र कुमार रंजन, धर्मेन्द्र द्विवेदी, गौरव कुमार, रितेश कुमार, कृष्ण कुमार सिंह, विकास कुमार, बृजमोहन कुमार जीविका दीदी एवं जीविका से जुड़े तमाम पदाधिकारी उपस्थित थे.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट