“नीनो” के डांस से हैरान हुए बच्चे

सम्भावना में हुआ रोबोट का डेमो, इस साल ही बनेगा विद्यालय परिवार का हिस्सा
जिले का पहला स्कूल जहाँ रोबोट से भी दी जायेगी शिक्षा

आरा 18 मार्च. स्कूल का परिसर सैकड़ो बच्चे और पिन ड्राप साइलेंस…. जी हां ये नजारा था शनिवार को सम्भावना स्कूल के स्कूल में छोटे से लेकर बड़े बच्चों का. मेज पर दो रोबोट और कुछ इलेक्ट्रॉनिक समानों के साथ सेरिना टेक से आये 3 इंजीनियरो को देख बच्चे बस यही सोच रहे थे कि कब ये रोबोट बोले और कुछ कर के दिखाए. ये शांति रोबोट जैसे काल्पनिक नाम को साक्षात देखने के बाद उसके भाव जानने की वजह से था. पर बच्चों को क्या मालूम था कि रोबोट महाराज नीनो उन्ही के जैसे शरारती हैं. ये तो तब पता चला जब नीनो ने अपने इंट्रो के साथ कविता, चलकर और डांस कर दिखाया. बच्चों के चेहरे पर शांत पड़े भाव  अचानक से कई भावों में बदल गए.




सम्भावना उच्च विद्यालय की जूनियर और सीनियर शाखाओं में रोबोट “नीनो” का प्रदर्शन किया गया. सेरिना टेक्नोलॉजी द्वारा बनाये गए इस रोबोट को प्रदर्शित करने सेरिना टेक के बिहार हेड लव कुमार और उनके साथ आये रोबोटिक इंजीनियरों ने बच्चो के सामने ‘नीनो’ की खूबियों को बताया.
नीनो भारत का पहला ह्यूमन्वॉयड रोबोट है जो देखने मे ही मानव जैसा नही बल्कि उसके कार्यकलाप भी मानव जैसे हैं. वह चलने और बोलने से लेकर गाने और डांस जैसे क्रियाकलापों को कर सकता है. रोबोट को सांसे रोककर देखने वाले बच्चों ने जब उससे खुद उसका इंट्रोडक्शन सुना तो सबकी आंखे खुली की खुली रह गईं. बच्चे जैसे कल्पना की दुनिया मे खो गए थे. नीनो ने कविता भी पढ़ा और गाने गाने के साथ डांस भी कर सबको अपनी खूबियों से अवगत कराया. कई बच्चों ने इस दौरान मन मे उठते सवालों को भी पूछा और अपनी जिज्ञासायें शांत की. बच्चों ने नीनो से हाथ मिलाया और नीनो ने हैलो कहकर उन्हें स्तब्ध किया. बच्चो की जिज्ञासायें देखकर लगा कि नीनो को वे जल्द ही अपना दोस्त बनाने की ठान चुके हैं.

विद्यालय के प्रबंधक द्विजेन्द्र किरण ने आज असेम्बली के बाद बच्चों के समक्ष नीनो को 2018-19 सत्र से नीनो को शामिल करने की घोषणा की. मतलब इस वर्ष से नए शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों के लिए रोबोट स्कूल में मुहैया कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि रोबोट में विद्यालय के सिलेबस को प्रोग्राम के जरिये नीनो में डाला जाएगा जो बच्चों को प्यारे अंदाज में बता पढ़ाई के लिए उन्हें जागृत करेगा.

सेरिना के बिहार हेड लव कुमार स्कूल के अनुशासन से काफी प्रभावित हुए. उन्होंने बताया कि स्कूल में सिलेबस के अतिरिक्त बच्चों को उनके कंपनी द्वारा स्कूल के रोबोट लैब में कई तकनीकी प्रोजेक्ट यथा ट्वॉय मेकिंग जैसी कई तकनीकी जानकारियों और रोबोट के अंदर प्रोग्रामिंग करने के हुनर भी बच्चों को सिखाये जाएंगे. अगले महीने से स्कूल में रोबोट के लैब बनाने का काम शुरू हो जाएगा. सम्भवतः मई महीने के अंत से रोबोट नीनो स्कूल के बच्चों के साथ पढ़ाई के लिए तैयार हो जाएगा.
बताते चलें कि “नीनो” को बिहार की ही एक बेटी आकांक्षा ने बनाया है. नीनो को डेमो के साथ ही स्कूल में लांच करने की घोषणा के साथ सम्भावना स्कूल जिले का पहला रोबोट के जरिये पढ़ाई को तकनीकी रूप से कराने वाला जिले का पहला विद्यालय बन जायेगा.

बच्चों ने पूछे कई सवाल और मिलाया नीनो से हाथ

नीनो के प्रदर्शन के दौरान उसके हैरत करने वाले हरकतों को देख जूनियर शाखा के बच्चे अवाक और शांत बैठे थे. लगता था वे घण्टो उसके साथ शान्ति से बैठ जाएंगे. इस दौरान विद्यालय की प्राचार्या अर्चना सिंह ने बच्चों को नीनो के बारे में बताया कि रोबोट का नाम नीनो क्यों है? इसके बाद तो मानो सारे बच्चों के जुबान पर नीनो का ही नाम था. एक चौथी  का बच्चा ये जानने को आतुर था कि पत्तियों में स्टोमेटा काम कैसे करता है?

बाद में कुछ और बच्चों ने अपनी जिज्ञासाओं को रखा और नीनो को निहारते रहे. डेमो के बाद भी अपने क्लास में जाते बच्चे नीनो को अंतिम क्षण तक निहारते रहे. यही हाल सीनियर विंग में भी था. कुछ बच्चों को जब एक फोटोग्राफर ने फ़ोटो सेशन के लिए बुलाया तो कई बच्चे नीनो के पास आ गए.उनके सब्र का बांध टूट गया और फिर शिक्षको ने बारी-बारी से नीनो से बच्चों को हाथ मिलाने दिया. नीनो सबको हैलो कहता तो कभी बोलता “डोंट टच”. नीनो की ये आवाज उन्हें रोमांचित कर रही थी. वे खुश थे कि उनका दोस्त बनकर जल्द ही नीनो स्कूल में आने वाला है.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट