नारियल निर्यात में कौन है अग्रणी ?

नारियल उत्पादन में भारत बना अग्रणी
मलेशिया श्रीलंका में नारियल तेल तो अमेरिका और यूरोपीय देशों में शुष्क नारियल कर रहा है निर्यात

दक्षिण भारत मे सबसे ज्यादा पाए जाने वाले नारियल ने अपनी उत्पादकता में बेजोड़ इजाफे से न सिर्फ भारत वर्ष में नारियल और नारियल तेल की जरूरतों को पूरा किया है बल्कि विदेशों में भी नारियल का निर्यातक बन एक मिशाल पेश किया है. अब भारत नारियल उत्पादकता में एक अग्रणी देश बन चुका है. भारत ने यह प्रगति वर्ष 2014 के मध्‍य से लेकर वर्ष 2018 के बीच अभूतपूर्व की है. भारत अब मलेशिया, इंडोनेशिया एवं श्रीलंका को नारियल तेल का निर्यात करने लगा है, इसके साथ ही भारत पहली बार अमेरिका और यूरोपीय देशों को बड़ी संख्‍या में शुष्क नारियल का निर्यात कर रहा है.




भारत मार्च 2017 तक नारियल तेल का आयात करता था. अब भारत अप्रैल 2017 से मलेशिया, इंडोनेशिया और श्रीलंका को नारियल तेल का निर्यात करने लगा है. इसके साथ ही भारत पहली बार अमेरिका और यूरोपीय देशों को बड़ी संख्‍या में शुष्क नारियल का निर्यात कर रहा है. वर्ष 2010-14 के 9,561 हेक्टेयर की तुलना में वर्ष 2014-18 में 13,117 हेक्टेयर क्षेत्र में नये बागान लगाया गया. नारियल के उत्पादकता में बढ़ोतरी के कारण भारत अप्रैल 2017 से ही मलेशिया, इंडोनेशिया और श्रीलंका को नारियल तेल का निर्यात करने लगा है. जबकि मार्च 2017 तक भारत नारियल तेल का आयात करता था. इसके साथ ही भारत पहली बार अमेरिका और यूरोपीय देशों को बड़ी संख्‍या में शुष्क नारियल का निर्यात भी कर रहा है. वर्ष 2017-18 के दौरान 1602.38 करोड़ रुपये मूल्‍य के नारियल का निर्यात किया गया, जबकि आयात केवल 259.70 करोड़ रुपये का हुआ था.

भारत ने वर्ष 2014-18 के बीच नारियल की खेती में अभूतपूर्व प्रगति की है, जिससे नारियल के उत्पादन और उत्पादकता में विश्व में अग्रणी देश बन गया है. वर्ष 2013-14 में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 10122 फलों की थी, जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 11516 फलों तक पहुंच गई. वर्ष 2010-14 के 9,561 हेक्टेयर की तुलना में वर्ष 2014-18 में 13,117 हेक्टेयर क्षेत्र को नये बागान के अंतर्गत लाया गया.

वैज्ञानिक नारियल खेती विधियों को किसान सहभागिता निर्देशन के अंतर्गत विभिन्न नारियल उत्पादक राज्यों में पिछले चार वर्षों में 62403 हेक्टेयर लाया गया, जो वर्ष 2010-14 तक 36477 हेक्टेयर था. वर्ष 2014-18 तक विभिन्न राज्यों में नारियल खेती के अधीन 13117 हेक्टेयर का नया क्षेत्र लाया गया, जो वर्ष 2010-14 तक कुल 9561 हेक्टेयर था. पिछले चार वर्षों (2014-18) में 5115 नारियल उत्पादक समितियां, 430 नारियल उत्पादक फेडरेशन और 67 नारियल उत्पादक कंपनियां गठित की गईं, जबकि वर्ष 2004-14 के दौरान यह संख्‍या क्रमश: 4467, 305 और 15 थी. नारियल उत्पादों के निर्यात से अर्जित आय वर्ष 2014-18 के दौरान 6448 करोड़ रुपये आंकी गई है जो वर्ष 2004-2014 तक 3975 करोड़ रुपये थी. कौशल विकास कार्यक्रम ‘फ्रेंड्स ऑफ कोकोनट ट्री’ के अंतर्गत 33228 बेरोजगार युवकों को प्रशिक्षण दिलाया गया, जबकि वर्ष 2004-14 तक यह संख्‍या 27770 थी.

पटना नाउ के लिए ओ पी पांडेय की रिपोर्ट