इस बार वृहद होगा जनांदोलन!

वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय बचाओ संघर्ष समिति का हुआ गठन, जनांदोलन की तैयारी

विवि के अस्तित्व को बचाने के लिए वृहद जनांदोलन की तैयारी में शाहाबाद




आरा,17 मार्च(रवि प्रकाश सूरज) भोजपुरी विभाग के सभागार में विवि की जमीन को मेडिकल कॉलेज के नाम आवंटित किए जाने तथा इससे उत्पन्न समस्या के समाधान हेतु छात्रों, शिक्षकों तथा जिले के प्रबुद्धजनों की एक बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से पूर्व प्राध्यापकों डॉ रामतवाक्या सिंह, डॉ बलिराज ठाकुर, डॉ रविन्द्र नाथ रॉय राजनीतिशास्त्र की व्याख्याता डॉ लक्ष्मी कुमारी ने की। विषय प्रवेश करते हुए डॉ दिवाकर पांडेय ने उपस्थित बुद्धिजीवी समुदाय को विवि की भूमि से जुड़े मुद्दे की विस्तार से जानकारी दी। उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ जमील अख्तर ने मार्गदर्शक कमिटी, कार्यकारिणी गठन के साथ जनांदोलन के लिए लोगों में जागरण पैदा करने पर बल दिया।

राजद के विजय सिंह मुखिया ने कानूनी लड़ाई के साथ जनांदोलन पर बल दिया। छात्र चन्दन ओझा ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर रोष व्यक्त किया। भोजपुरिया जन मोर्चा के भरत सिंह सहयोगी ने जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय समिति बनाकर वार्ता करने तथा लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी कुमार शीलभद्र ने शाहाबाद के लोगों को संगठित होकर वीर कुँवर सिंह की अस्मिता बचाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। राजनीतिशास्त्र के प्राध्यापक डॉ ओम प्रकाश राय ने कहा कि न्यायिक लड़ाई में हमारा पक्ष मजबूत है तथा संगठित होकर चारों जिलों के मुख्यालय में आंदोलन शुरू करने की बात की। भोजपुरी शोध संस्थान के कृष्णा यादव कृष्णेन्दु ने सामूहिक रूप से सरकार पर दबाव बनाने पर बल दिया। इतिहास विभाग के व्याख्याता वकारुत जमां ने समन्वय समिति बनाकर विरोध मार्च करने तथा दलगत भावना से ऊपर उठकर काम करने की आवश्यकता जताई।

अन्य शिक्षकों में रसायन विभाग की डॉ ट्विंकल केशरी, डॉ कुमारी शिल्पा छात्रों की ओर से चन्दन ओझा, सूरज परमार, अनिरुद्ध सिंह तथा बुद्धिजीवियों में दिनेश कुमार त्रिपाठी, सुधांशु कुमार सिंह ने इस मुद्दे पर वृहद जनांदोलन करने पर सहमति जताई। अध्यक्षीय भाषण में डॉ लक्ष्मी कुमारी ने सदन में शिक्षामंत्री द्वारा इस मुद्दे पर गलतबयानी पर रोष व्यक्त करते हुए विरोध मार्च की आवश्यकता जताई। डॉ बलिराज ठाकुर ने भी एक कमिटी गठित कर मार्च करने का प्रस्ताव दिया। डॉ रविन्द्र नाथ राय ने न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए तथा शाहाबाद के हर जिले में आंदोलन शुरू करने पर बल दिया। डॉ रामतवाक्या सिंह ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है तथा सरकार जनाकांक्षाओं का अनादर कर रही है। इस मुद्दे पर जनांदोलन को मूर्त रूप देने तथा और गति लाने के लिए मार्गदर्शक समिति का गठन हुआ जिसके अध्यक्ष के रूप में वरिष्ठ पूर्व प्राध्यापक डॉ रामतवाक्या सिंह को तथा अन्य सदस्यों में डॉ बलिराज ठाकुर, डॉ रविन्द्र नाथ राय, भरत सिंह सहयोगी, डॉ विश्वनाथ चौधरी, डॉ जमील अख्तर, डॉ लक्ष्मी कुमारी तथा संयोजक के रूप में डॉ दिवाकर पांडेय का सर्वसम्मति से चयन किया गया। संघर्ष मोर्चे की अन्य कमिटियों का गठन अगले हफ्ते तक करके इस मुद्दे पर वृहद जनांदोलन की रणनीति बनाने का संकल्प लिया गया।

धन्यवाद ज्ञापन डॉ दिवाकर पांडेय ने तथा संचालन रवि शंकर सिंह ने किया। इस मौके पर भारी संख्या में छात्र, शिक्षक तथा कई समाजसेवी थे जिनमें निलाम्बुज सिंह, अमित गौतम, भरत पांडेय, वैभव कुमार पाठक,रवि प्रकाश सूरज, निहारिका, संगीता, श्वेता, विजय कुमार, जितेंद्र तिवारी, अभिषेक प्रीतम, अविनाश, प्रमुख थे।