सकारात्मक सोच से मिलेगी कामयाबी : राजीव रंजन प्रसाद

जीकेसी के सौजन्य से टॉक शो ‘फैशन एंड लाइफ स्टाइल’ आयोजित

नयी दिल्ली, ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) कला संस्कृति प्रकोष्ठ के सौजन्य से टॉक शो ‘फैशन एंड लाइफ स्टाइल’ का आयोजन किया गया जिसमें फैशन एंड मॉडलिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने लोगों को जिंदगी में आगे बढ़ने के साथ ही ग्लैमर की दुनिया में आगे बढ़ने के टिप्स दिये.
जीकेसी कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के सौजन्य से टॉक शो ‘फैशन एंड लाइफ स्टाइल’ का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में जीकेसी कला-संस्कृति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय सचिव और मॉडल- अभिनेत्री शिल्पी बहादुर ने मॉडेरटर की भूमिका निभायी जबकि जीकेसी कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम कुमार ने कार्यक्रम का सह संचालन किया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर मिसेज एशिया यूनविर्स 2020 ऋचा कुमारी मौजूद थी. कार्यक्रम में ऋचा कुमारी और शिल्पी बहादुर के साथ ही अभिनेता तन्मय सिन्हा, मिस इंडिया पैशोनेट पैसेफिक आकांक्षा श्रीवास्तव,शबनम वर्मा, ऋचा श्रीवास्तव, मिसेज बिहार फर्स्टँ रनर अप ज्योति दास और मॉडल तनुश्री सिन्हा ने लाइफ एंड स्टाइल के बारे में अपनी बात रखी. कार्यक्रम के सफल संचालन में डिजिटल-तकनीकी प्रकोष्ठ के ग्लोबल अध्यक्ष आनंद सिन्हा, डिजिटल-तकनीकी प्रकोष्ठ के ग्लोबल महासचिव सौरभ श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव और उत्कर्ष आनंद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.




इस अवसर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि हमे यदि जीवन में आगे बढ़ना है तो अपनी नकारात्मक सोच को बदल लेना चाहिए। जब हमारी सोच सकारात्मक होगी तभी हमे कामयाबी मिलनी शुरू होगी। हमे अपने जीवन में कभी बीत हुयी बातों के बारे में नही सोचना चाहिए,और न ही आने वाले कल के बारे में सोच कर परेशान होना चाहिए, जो आज है बस उसी पल में खुश रहना चाहिए। हमारे जीवन में सुख और दुख का चक्र चलता रहता है तो डरने की कोई जरूरत नहीं है। हमें खुश रहना है तो आने वाले दुखों से डरने की जरूरत नहीं है. सकारात्मक सोच से हमे जीवन में आगे बढ़ना है, क्योंकि दुख तो एक दिन जाने वाला ही है।
मॉडल और अभिनेत्री शिल्पी बहादुर ने कहा कि आत्मविश्वास से भरा चेहरा सबसे खूबसूरत होता है. महिलाओं के साथ-साथ पुरुषो को भी अपनी वेशभूषा का खयाल रखना चाहिए। व्यायाम करने से हमारी कार्यक्षमता बढ़ती है और हम फिट और प्रेजेंटेबल रहते हैं. उन्होंने कहा कि जो चीज हमारे इख्तियार में नहीं है उसका लोड नही लेना चाहिए. यदि आप खुद को सीरियसली लेंगे तभी लोग भी आपको सीरियसली लेंगे। जिंदगी में हमेशा हमारी “जीत और हार”, हमारी सोच बताती है. जो मान लेता है उसकी हार होती है और जो ठान लेता है उसकी जीत होती है.
प्रेम कुमार ने कहा,जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें लक्ष्य की जरूरत होती है। बिना किसी लक्ष्य के किसी भी दिशा में आगे बढ़ना मुश्किल है। इसलिए महत्वपूर्ण यही है कि आगे बढ़ते हुए हमारे सामने लक्ष्य हों और हम सही दिशा को पहचानकर उनकी तरफ बढ़ सकें। लक्ष्यों को पाने के लिए सही दिशा में कदम बढ़ाना भी बहुत जरूरी है। यदि हमारे कदम सही दिशा में आगे बढ़ते हैं तो हमें सफलता निश्चित रूप से मिलती है.

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन आनंद कुमार सिन्हा ने दिया और कहा कि कोरोना के चलते जब हम सब घर की सीमा में रहने के लिए मजबूर हो गए हैं, उस समय फैशन-मॉडलिंग इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों की यह परिचर्चा हमारा उत्साह वर्धन करेगी। जिंदगी जीने का नजरिया बेहतर होगा और हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. जीकेसीकला-संस्कृति प्रकोष्ठ आगे भी कई तरह के बेहतरीन कार्यक्रम लेकर आयेगा. कार्यक्रम के दौरान कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष देव कुमार लाल, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव और कला-संस्कृति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती श्वेता सुमन ने भी अपने विचार व्यक्त किये.