कैसे हुई रक्षाबंधन की शुरुआत और क्या है राखी का उपयुक्त समय!

ज्योतिष की नजर में राखी भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक बन चुका रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है. रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और गहरा करने वाला पर्व है. एक ओर जहां भाई अपनी बहन के प्रति अपने दायित्व निभाने का वचन देता है, तो दूसरी ओर बहन भी भाई के सुख और समृद्धि के साथ-साथ लंबी उम्र की कामना करती है. इस दिन भाई की कलाई पर जो राखी बहन बांधती है वह सिर्फ रेशम की डोर या धागा मात्र नहीं होती बल्कि वह बहन-भाई के अटूट और पवित्र प्रेम का बंधन होता है.ज्योतिषशास्त्रियों के अनुसार सोमवार को रक्षाबंधन का संयोग अत्यंत ही शुभ माना गया है. इस बार रक्षाबंधन के दिन 8 बजकर 29 मिनट तक भद्रा है. इसलिए 8 बजकर 29 मिनट के बाद दिन भर रक्षाबंधन के लिए शुभ मुहूर्त्त है.इसमें भी विशेष रूप से सुबह 9 से 10.30 बजे तक शुभदोपहर 1.30 से 3 बजे तक चरदोपहर 3 से 4.30 बजे तक लाभशाम 4.30 से 6 बजे तक अमृतऔर शाम 6 से 7.30 बजे तक चर का चौघड़िया रहेगा.इस दिन जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई में रक्षासूत्र बांधकर उनके सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करती हैं, वहीं पुरोहित तथा आचार्य भी सुबह-सुबह यजमानों के घर पहुँचकर उन्हें राखी बाँधते हैं और बदले में धन, वस्त्र और भोजन आदि प्राप्त करते हैं. यह पर्व भारतीय समाज में इतनी व्यापकता और गहराई से समाया हुआ है कि इसका सामाजिक महत्त्व तो है ही, धर्म, पुराण, इतिहास, साहित्य और

Read more

क्या इस बार पूरी होगी मुख्यमंत्री नीतीश की ये मांग!

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से सार्वजनिक रूप से केंद्र सरकार से गुहार लगाई है. पहले मुद्दा कुछ और था इस बार मुद्दा कुछ और है. मुद्दे अलग-अलग हैं लेकिन व्यक्ति एक है और वह व्यक्ति हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. आपको याद होगा कुछ साल पहले पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना आए थे. समारोह के दौरान मंच से नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री से मांग की थी कि पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए. लेकिन प्रधानमंत्री ने उसी मंच से उनकी मांग ठुकरा दी थी. आपको वह वीडियो दिखाते हैं कि किस तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच पर बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ जोड़कर यह अपील की थी। यह वीडियो वर्ष 2017 का है. अब वर्ष 2020 में जब महात्मा गांधी सेतु के पश्चिमी लेन का जीर्णोद्धार के बाद 31 जुलाई को उद्घाटन हुआ तो इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्र सरकार से एक और बड़ी अपील कर दी है. मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से यह मांग की है बक्सर को सड़क मार्ग से सीधे वाराणसी से जोड़ा जाए. वर्तमान में बक्सर से वाराणसी जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है इसलिए 2 ऐतिहासिक शहरों के लिए सीधा सड़क मार्ग बनाने की मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री से की है. देखिए वीडियो अब देखना है कि मुख्यमंत्री की इस मांग पर केंद्र सरकार क्या कार्रवाई करती है. बक्सर से बीजेपी सांसद अश्विनी

Read more

देवघर से लाइव दर्शन बाबा बैद्यनाथ

देवघर से सीधा प्रसारण सोमवार के दिन अगर देवघर से बाबा बैद्यनाथ लाइव दर्शन हो जाए तो क्या कहने. आइए देखते हैं सोमवारी पर बाबा भोलेनाथ की पूजा का सीधा प्रसारण. साभार

Read more

सेना के हेलीकॉप्टर से बरस रहे फूल

कोरोना की लड़ाई में स्वास्थ्यकर्मियों, मेडिकल स्टाफ्स, चिकित्सकोंं, पुलिस जवानों और सभी कोरोना वैरियर्स की हौसलाफजाई के लिए सेना के हेलीकॉप्टर ने की एम्स अस्पताल के ऊपर फूलों की बारिश कोरोना संकट से जूझ रहे चिकित्सको, नर्सिंग स्टाफ्स, पुलिसकर्मियों सहित अग्रिम मोर्चा पर तैनात अन्य सभी स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मान देने व कोरोना से लड़ाई में उनका हौसला बढ़ाने के लिए देश की सेना के हेलीकॉप्टर ने पटना एम्स अस्पताल के ऊपर से फूल बरसाए. सेना की ओर से हॉस्पिटलों के ऊपर फूल बरसाकर कोरोना मरीजों की जान बचाने में जी जान से जुटे सभी कोरोना वैरियर्स के जज्बे को सलाम करने का अनूठा प्रदर्शन देख एम्स कैम्पस में जुटे चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ्स, पुलिस जवानों और अन्य सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने सेना के हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा होता देख तालियां बजाकर सेना का आभार जताया.देखिए वीडियो- https://www.youtube.com/watch?v=dMtIXNa7ZYk पटना एम्स अस्पताल के ऊपर से दस बजे सेना हेलीकॉप्टर जब फूल बरसाने लगे तो आस पास की सड़कों और घरों कॉलोनियों के लोगों की नजर ठहर गयी और सबों ने तालियों की गड़गड़ाहट और हाथ हिलाकर सेना जवानों को धन्यवाद दिया. पटना एम्म्स के ऊपर से तीन बार चक्कर काटकर सेना के हेलीकॉप्टर ने फूलों की बारिश की. हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश से पूरा एम्स पटना के परिसर झूम उठा . पटना से अजीत

Read more

ध्यान से सुनिए पीएम का ये संबोधन

पीएम मोदी ने कोरोना पर देश के नाम अपने चौथे संबोधन में लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ाने की घोषणा की. पीएम का संबोधन पूरा सुनने के लिए देखें ये वीडियो-

Read more

पीएम मोदी को आज लाइव सुनने के लिए यहां क्लिक करें

प्रधानमंत्री मंगलवार सुबह दस बजे से लाइव. कोरोना पर पीएम मोदी का देश के साथ ये चौथा संवाद है.

Read more

ध्यान से पढ़ें और सुनें, पीएम का ये संबोधन

प्रधानमंत्री का राष्ट्र  के नाम संबोधन नमस्कार ! मेरे प्यारे देशवासियों, मैं आज एक बार फिर, कोरोना वैश्विक महामारी पर बात करने के लिए आपके बीच आया हूं। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का जो संकल्प हमने लिया था, एक राष्ट्र के नाते उसकी सिद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ, पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया। बच्चे-बुजुर्ग, छोटे-बड़े, गरीब-मध्यम वर्ग-उच्च वर्ग, हर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आया। जनता कर्फ्यू को हर भारतवासी ने सफल बनाया। एक दिन के जनता कर्फ़्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर, एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं। आप सभी जनता कर्फ़्यू के लिए प्रशंसा के पात्र हैं। साथियों, आप कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन भी रहे हैं और देख भी रहे हैं। आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है। ऐसा नहीं है कि ये देश प्रयास नहीं कर रहे हैं या उनके पास संसाधनों की कमी है। लेकिन कोरोना वायरस इतनी तेजी से फैल रहा है कि तमाम तैयारियों और प्रयासों के बावजूद, इन देशों में ये चुनौती बढ़ती जा रही है। इन सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है, और एक्सपर्ट्स भी यही कह रहे हैं कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है- Social Distancing. यानि एक दूसरे से दूर रहना, अपने घरों में ही बंद रहना। कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा। कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि social distancing केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं। social distancing हर नागरिक के लिए है, हर परिवार के लिए है, परिवार के हर सदस्य के लिए है। कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच,  आपको, आपके बच्चों को, आपके माता पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को, पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी। अगर ऐसी लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। साथियों, पिछले 2 दिनों से देश के अनेक भागों में लॉकडाउन कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए। हेल्थ सेक्टर के एक्सपर्ट्स और अन्य देशों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए, देश आज एक महत्वपूर्ण निर्णय करने जा रहा है। आज रात 12 बजे से पूरे देश में, ध्यान से सुनिएगा, पूरे देश में, आज रात 12 बजे से पूरे देश में, संपूर्ण Lockdown होने जा रहा है। हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है। देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है। ये एक तरह से कर्फ्यू ही है। जनता कर्फ्यू से भी कुछ कदम आगे की बात, जनता कर्फ्यू से और सख्त। कोरोना महामारी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए ये कदम अब बहुत आवश्यक है। निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी। लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस समय देश में जहां भी हैं, वहीं रहें। अभी के हालात को देखते हुए, देश में ये लॉकडाउन 21 दिन का होगा। आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो, कोरोना वायरस की संक्रमण सायकिल तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है। अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा। अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो कई परिवार हमेशा-हमेशा के लिए तबाह हो जाएंगे। इसलिए बाहर निकलना क्या होता है, ये इन 21 दिनों के लिए भूल जाइए। घर में रहें, घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें। साथियों, आज के फैसले ने, देशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। आपको ये याद रखना है कि घर से बाहर पड़ने वाला आपका सिर्फ एक कदम, कोरोना जैसी गंभीर महामारी को आपके घर ला सकता है। आपको ये याद रखना है कि कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ लगता है, वो संक्रमित है इसका पता ही नहीं चलता। इसलिए ऐहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए। वैसे, जो लोग घर में हैं, वो सोशल मीडिया पर नए-नए तरीकों से, बहुत इनोवेटिव तरीके से इस बात को बता रहे हैं। एक बैनर मुझ भी पसंद आया है। ये मैं आपको भी दिखाना चाहता हूं। कोरोना यानि कोई रोड पर ना निकले। साथियों, एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि आज अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस पहुंचता है तो उसके शरीर में इसके लक्षण दिखने में कई–कई दिन लग जाते हैं। इस दौरान वो जाने–अनजाने हर उस व्यक्ति को संक्रमित कर देता है जो उसके संपर्क में आता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट बताती है कि इस महामारी से संक्रमित एक व्यक्ति सिर्फ हफ्ते–दस दिन में सैकड़ों लोगों तक इस बीमारी को पहुंचा सकता है। यानि ये आग की तरह तेज़ी से फैलता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का ही एक और आंकड़ा बहुत महत्वपूर्ण है। साथियों, दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या को पहले 1 लाख तक पहुंचने में 67 दिन लगे थे। इसके बाद सिर्फ 11 दिन में ही एक लाख नए लोग संक्रमित हो गए। सोचिए, पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में 67 दिन लगे और फिर इसे 2 लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे। ये और भी भयावह है कि दो लाख संक्रमित लोगों से तीन लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैलता है। और जब ये फैलना शुरू करता है, तो इसे रोकना बहुत मुश्किल होता है। साथियों, यही वजह है कि चीन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली-ईरान जैसे देशों में जब कोरोना वायरस ने फैलना शुरू किया, तो हालात बेकाबू हो गए। और ये भी याद रखिए, इटली हो या अमेरिका, इन देशों की स्वास्थ्य सेवा, पूरी दुनिया में बेहतरीन मानी जाती है। बावजूद इसके, ये देश कोरोना का प्रभाव कम नहीं कर पाए। सवाल ये कि इस स्थिति में उम्मीद की किरण कहां है? उपाय क्या है, विकल्प क्या है? साथियों, कोरोना से निपटने के लिए उम्मीद की किरण, उन देशों से मिले अनुभव हैं जो कोरोना को कुछ हद तक नियंत्रित कर पाए। हप्तों तक इन देशों के नागरिक घरों से बाहर नहीं निकले, इन देशों के नागरिकों ने शत-प्रतिशत सरकारी निर्देशों का पालन किया और इसलिए ये कुछ देश अब इस महामारी से बाहर आने की ओर बढ़ रहे हैं। हमें भी ये मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने यही एक मार्ग है- हमें घर से बाहर नहीं निकलना है। चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना है। कोरोना से तभी बचा जा सकता है जब घर की लक्ष्मण रेखा न लांघी जाए। हमें इस महामारी के वायरस का संक्रमण रोकना है, इसके फैलने की चेन को तोड़ना है। साथियों, भारत आज उस स्टेज पर है जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। ये समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है। ये समय कदम-कदम पर संयम बरतने का है। आपको याद रखना है- जान है तो जहान है। साथियों, ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है। जब तक देश में lockdown की स्थिति है, हमें अपना संकल्प निभाना है, अपना वचन निभाना है। मेरी आपसे प्रार्थना है कि घरोंमें रहते हुए आप उन लोगों के बारे में सोचिए, उनके लिए मंगलकामना करिए जो अपना कर्तव्य निभाने के लिए, खुद को खतरे में डालकर काम कर रहे हैं। उन डॉक्टर्स, उन नर्सेस, पैरा-मेडिकल स्टाफ, pathologists के बारे में सोचिए, जो इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिए, दिन रात अस्पताल में काम कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के लोग, एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवर, ward boys, उन सफाई कर्मचारियों के बारे में सोचिए जो इन कठिन परिस्थितियों में दूसरों की सेवा कर रहे हैं। आप उन लोगों के लिए प्रार्थना करिए जो आपकी सोसायटी, आपके मोहल्लों, आपकी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों को sanitize करने के काम में जुटे हैं, जिससे इस वायरस का नामो-निशान न रहे। आपको सही जानकारी देने के लिए 24 घंटे काम कर रहे मीडिया के लोगों के बारे में भी सोचिए, जो संक्रमण का खतरा उठाकर सड़कों पर हैं, अस्पतालों में हैं। आप अपने आस पास के पुलिस कर्मियों के बारे में सोचिए जो अपने घर परिवार की चिंता किए बिना, आपको बचाने के लिए दिन रात duty कर रहे हैं, और कई बार कुछ लोगों का गुस्सा भी झेल रहे हैं। साथियों, कोरोना वैश्विक महामारी से बनी स्थितियों के बीच, केंद्र और देशभर की राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही है। रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए निरंतर कोशिश कर रही हैं। सभी आवश्यक वस्तुओं की supply बनी रहे, इसके लिए सभी उपाय किए गए हैं और आगे भी किए जाएँगे। निश्चित तौर पर संकट की ये घड़ी, गरीबों के लिए भी बहुत मुश्किल वक्त लेकर आई है। केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ समाज के अन्य संगठन, सिविल सोसायटी के लोग, गरीबों को मुसीबत कम हो, इसके लिए निरंतर जुटे हुए हैं। गरीबों की मदद के लिए अनेकों लोग साथ आ रहे हैं। साथियों, जीवन जीने के लिए जो जरूरी है, उसके लिए सारे प्रयासों के साथ ही जीवन बचाने के लिए जो जरूरी है, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी ही पड़ेगी। इस नई महामारी से मुकाबला करने के लिए देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार करने का काम केंद्र सरकार लगातार कर रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, भारत के बड़े चिकित्सा और अनुसंधान संस्थानों तथा स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और सुझाव पर कार्य करते हुए सरकार ने निरंतर फैसले लिए हैं। अब कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए, देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे कोरोना से जुड़ी टेस्टिंग फेसिलिटीज, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट्स, Isolation Beds, ICU beds, ventilators, और अन्य जरूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी। साथ ही मेडिकल और पैरामेडिकल मैनपावर की ट्रेनिंग का काम भी किया जाएगा। मैंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय उनकी पहली प्राथमिकता, सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिए, हेल्थ केयर ही प्राथमिकता होनी चाहिए। मुझे संतोष है कि देश का प्राइवेट सेक्टर भी पूरी तरह से कंधे से कंधा मिलाकर संकट और संक्रमण की इस घड़ी में देशवासियों के साथ खड़ा है। प्राइवेट लैब्स, प्राइवेट अस्पताल, सभी इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरकार के साथ काम करने के लिए आगे आ रहे हैं। लेकिन साथियों, ये भी ध्यान रखिए कि ऐसे समय में जाने-अनजाने कई बार अफवाहें भी फैलती हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि किसी भी तरह की अफवाह और अंधविश्वास से बचें। आपके द्वारा केंद्र सरकार, राज्य सरकार और medical fraternity द्वारा दिए गए निर्देश और सुझावों का पालन करना बहुत जरुरी है। मेरी आपसे प्रार्थना है कि इस बीमारी के लक्षणों के दौरान, बिना डॉक्टरों की सलाह के, कोई भी दवा न लें। किसी भी तरह का खिलवाड़, आपके जीवन को और खतरे में डाल सकता है। साथियों, मुझे विश्वास है हर भारतीय संकट की इस घड़ी में सरकार के, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा। 21 दिन का लॉकडाउन, लंबा समय है, लेकिन आपके जीवन की रक्षा के लिए, आपके परिवार की रक्षा के लिए, उतना ही महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है, हर हिंदुस्तानी इस संकट का न सिर्फ सफलता से मुकाबला करेगा बल्कि इस मुश्किल घड़ी से विजयी होकर निकलेगा। आप अपना ध्यान रखिए, अपनों का ध्यान रखिए। जय हिंद !

Read more

पटना डुबोने वालों पर गिरी गाज

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | गत वर्ष बरसात में पटना लगभग डूब गया था. इसका कारण आकाश से आए वर्षा का पानी नहीं बल्कि पटना से पानी निकालने वाले सभी स्रोतों का फेल होना था. पटना के जल जमाव के बाद इसके लिए एक जांच समिति गठित की गई थी. इस समिति की रिपोर्ट के बाद 27 अधिकारियों पर गाज गिरी है. इस बावत नगर विकास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. सचिव ने बताया कि गाज गिरने वाले अधिकारियों में बुडको के तत्कालीन प्रबंध निदेशक (एमडी) और आईएएस अधिकारी अमरेन्द्र प्रसाद सिंह भी शामिल हैं. पटना नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त अनुपम कुमार सुमन (आईआरएस सेवा) के खिलाफ कार्रवाई के लिए केन्द्र सरकार से अनुशंसा की जाएगी. जल जमाव के लिए दोषी 14 अभियंताओं को भी निलंबित कर विभागीय कार्यवाही की जाएगी. वहीं संविदा पर तैनात 7 अभियंताओं को कार्युमक्त करने का निर्णय लिया गया है. बुडको एमडी अमरेन्द्र प्रसाद सिंह ने ढिलई कीनगर विकास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने सोमवार को बताया कि जल जमाव के बाद गठित जांच समिति की रिपोर्ट और इसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुमोदन के बाद यह कार्रवाई की गई है. जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं. बुडको के तत्कालीन एमडी पर संप हाउस की व्यवस्था की मॉनिटरिंग और संचालन की व्यवस्था की समीक्षा नहीं की गई. रख-रखाव और मरम्मति कार्य का अनुश्रवण भी नहीं किया गया.पहले से बरसात के मौसम को लेकर कोई प्लान नहीं थातत्कालीन नगर आयुक्त और वर्तमान में

Read more

हनुमानजी की प्राण प्रतिष्ठा हेतु जलभरी, सैकड़ो श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

कोइलवर/भोजपुर (आमोद कुमार) | भोजपुर जिला अंतर्गत कोइलवर प्रखण्ड के गीधा औधौगिक क्षेत्र स्थित सिलेंडर प्लांट में नव निर्मित हनुमान मंदिर में हनुमानजी की प्राणप्रतिष्ठा को लेकर एक भव्य कलश यात्रा कर जलभरी किया गया. इस यात्रा में सैकड़ो लोग शामिल हुए. यह कलश यात्रा गीधा अधौगिक क्षेत्र से शुरू होकर बड़हरा के लेखनाम टोला गंगा घाट पहुंची. जहां कलश में पवित्र जल भरने के बाद सभी लोग वापस मंदिर स्थल पहुंचे जहा निर्धारित स्थानों पर कलश स्थापित किये जाने के बाद यह यात्रा संम्पन्न हुई. बुधवार को बने इस नवनिर्मित हनुमान मंदिर में आचार्य अरुण पांडेय द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान हनुमान की प्राणप्रतिष्ठा की जाएगी. इस यात्रा में मुख्य रूप से कम्पनी के GM राकेश सिंह, अरविंद सैनी, अश्वनी कुमार सिंह, धर्मेन्द्र झा, संदीप दुबे, अजय कुमार अंशुल, हीरा लाल राय, राकेश सिन्हा, बिनय कुमार, दीपक पाठक, आलोक सिंह, गोविन्द प्रसाद, सुखदेव कुमार, दिवाकर जी, उज्ज्वल, रवि शर्मा सहित कई लोग शामिल थे.

Read more